बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते हैं कि उनके पुराने साथी सुशील मोदी उनके खिलाफ खूब बोलें और बोलते रहें। ताकि अगर गठबंधन फिर टूटे और BJP की सरकार बने तो उन्हें सरकार में जगह मिल जाए। CM नीतीश ने रविवार को कहा है कि सुशील मोदी को रोज कुछ ना कुछ बोलना चाहिए।
असल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जब यह पूछा गया कि सुशील मोदी कह रहे हैं कि जल्दी सरकार गिर जाएगी, तो उन्होंने पलटकर कहा- जल्दी कहिए सुशील जी से कि जल्द से जल्द सरकार गिरा दें। ताकि उनको जल्द से जल्द जगह मिल जाए।
जब सरकार बनी तो उनको कुछ नहीं बनाया था। उसी के चलते हम को तकलीफ थी। अब बेचारे कुछ बोल रहे हैं। उनको कुछ जरूर रोज बोलना चाहिए। कुछ बोलेंगे तो केंद्र वाले लोग खुश हो जाएंगे और उनके लिए अच्छा हो जाएगा तो, यह अच्छी बात है। सुशील जी को रोज कुछ ना कुछ बोलते रहना चाहिए।
दरअसल, नीतीश कुमार और सुशील मोदी पुराने दोस्त हैं। इन दोनों के नेतृत्व में 11 सालों तक बिना लाग लपेट के JDU और भाजपा का गठबंधन चलता रहा। लेकिन, 2020 के विधानसभा चुनाव के बाद सुशील मोदी को बिहार की राजनीति से अलग कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि बिहार में JDU-BJP का गठबंधन टूट गया। अब नीतीश कुमार ने भी इशारा किया है कि सुशील मोदी बोलते रहें।
पिछली महागठबंधन सरकार में की थी 40 प्रेस कॉन्फ्रेंस
सुशील मोदी इन दिनों लगातार महागठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। कभी राजद के मंत्रियों के दागी होने का मामला उठाते हैं तो कभी ललन सिंह को आइना दिखाते हैं कि उन्होंने ही लालू यादव को जेल भिजवाया था। इसको लेकर महागठबंधन के नेता भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। नीतीश कुमार के अलावा तेजस्वी यादव, मनोज झा, ललन सिंह जैसे सरीखे नेता सुशील मोदी पर अलग-अलग आरोप लगा रहे हैं।
जब 2015 में महागठबंधन की सरकार बनी थी तो सुशील मोदी ने लगातार 40 प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था। इस दौरान उन्होंने लालू यादव और उनके परिवार की तरफ से किए गए भ्रष्टाचार के खुलासे किए। उसका नतीजा हुआ कि CM नीतीश कुमार ने 2017 में महागठबंधन की सरकार बर्खास्त करके NDA के साथ सरकार बनाई थी। जिसमें सुशील मोदी उप मुख्यमंत्री बने थे।
हालांकि जब NDA की सरकार 2020 में बनी तो सुशील मोदी को बिहार सरकार से अलग कर दिया गया। उन्हें राज्यसभा सांसद बनाकर दिल्ली भेज दिया गया। अब एक बार फिर गठबंधन टूटा है तो सुशील मोदी ने कमान संभाला है और रोज महागठबंधन के नेताओं के खिलाफ पोल खोल रहे हैं।







