बल्लेबाजी के नए दृष्टिकोण के साथ तैयार एक कप्तान और वापसी करने को बेताब एक अनुभवी बल्लेबाज की अगुआई में भारत रविवार को यहां होने वाले एशिया कप के महत्वपूर्ण मैच में अपने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से बदला चुकता करने के लिए उतरेगा।
रोहित शर्मा और विराट कोहली पिछले एक दशक से सीमित ओवरों की क्रिकेट में भारतीय टीम के महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं लेकिन उन्हें १० महीने पहले इसी मैदान पर टी–२० विश्वकप के दौरान पाकिस्तान से हार का करारा झटका सहना पड़़ा था। भारत के यह दोनों अनुभवी बल्लेबाज अब कहानी बदलने के लिए पूरी तरह से बेताब होंगे। रोहित जहां अपने अतिरिक्त आक्रामक बल्लेबाजी रवैये को अपने इस चिर प्रतिद्वंदी के खिलाफ नये आयाम देना चाहेंगे। वहीं‚ कोहली के लिए यह मुश्किल दौर से उबर कर फॉर्म में वापसी करने का उपयुक्त मंच होगा। भारतीय टीम का इससे भी बड़़ा लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी–२० विश्वकप के लिए अपनी टीम को अंतिम रूप देना होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले १० वर्षों से द्विपक्षीय श्रृंखलाएं नहीं खेली गई और ऐसे में वह किसी बड़़े टूर्नामेंट में ही आमने–सामने होते हैं। इस तरह से हुए एक दूसरे के खिलाडि़़यों के खेल से अपरिचित रहते हैं। पिछली बार जब भारत ने पाकिस्तान का सामना किया था‚ तो उन्हें पता नहीं था कि शाहीन शाह अफरीदी के खेल में कितना निखार आ गया है और इसका परिणाम यह रहा भारतीय टीम को १० विकेट से हार का सामना करना पड़़ा। अफरीदी ने अपने पहले दो ओवर में ही भारतीय खेमे में खलबली मचा दी थी‚ लेकिन रविवार को अफरीदी पाकिस्तानी गेंदबाजी की अगुवाई करने के लिए मौजूद नहीं होंगे‚ क्योंकि घुटना चोटिल होने के कारण वह इस टूर्नामेंट से बाहर हो गये हैं। भारत के मुख्य कोच राहुल द्रविड़़ के कई प्रयोगों के बावजूद भारतीय शीर्ष क्रम में लगभग वही बल्लेबाज हैं जो पिछले साल टी–२० विश्व कप में खेले थे। रोहित और ऋषभ पंत की जोड़़ी ने अपने आक्रामक तेवरों के कारण काफी उम्मीदें जगाई हैं जबकि सूर्यकुमार यादव मैदान के चारों तरफ शॉट खेलने की अपनी काबिलियत के कारण भारतीय टीम के अहम खिलाड़़ी बन गये हैं। दीपक हुड्ड़ा को भी आयरलैंड़ के खिलाफ पारी का आगाज करने का मौका दिया गया था लेकिन अब कोहली और केएल राहुल की वापसी हो गई है और ऐसे में इस महत्वपूर्ण मुकाबले के लिए अनुभवी खिलाडि़़यों को ही मौका मिलने की संभावना है। राहुल ने २०२२ में अभी तक एक भी टी–२० अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। कोहली के नाम पर वेस्टइंड़ीज के कमजोर आक्रमण के सामने एक अर्धशतक दर्ज है जबकि रोहित शर्मा भी बड़़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे हैं। लेकिन यह टीम इस महत्वपूर्ण मैच में नये दृष्टिकोण के साथ उतरेगी।
उप कप्तान राहुल ने शुक्रवार को कहा था‚‘भारतीय टीम का पिछले विश्वकप के बाद नया दृष्टिकोण के साथ खेलना अच्छा रहा है और उम्मीद है कि हम इसे यहां जारी रखेंगे।’ काफी कुछ हालांकि सूर्यकुमार‚ पंत और हार्दिक पंड्या के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। यह तीनों और फिनिशर की भूमिका निभा रहे दिनेश कार्तिक पाकिस्तानी आक्रमण पर हावी होने की कोशिश करेंगे। जहां तक पाकिस्तान की बात है‚ तो उसके कप्तान और मुख्य बल्लेबाज बाबर आजम अपने पुराने दिग्गज खिलाडि़़यों से भिन्न हैं। वह शांत चित्त खिलाड़़ी है जिसका की टीम को फायदा ही हुआ है। बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान शीर्ष क्रम में मजबूत जोड़़ी है और उन्होंने पिछले साल भारतीय लक्ष्य को हासिल करके अपनी काबिलियत का अच्छा सबूत दिया था। नंबर तीन पर फखर जमां अपनी ठोस बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन पाकिस्तान के अन्य बल्लेबाजों में निरंतरता का अभाव है।
भारतः रोहित शर्मा (कप्तान)‚ केएल राहुल‚ विराट कोहली‚ सूर्यकुमार यादव‚ ऋषभ पंत‚ दीपक हुड्ड़ा‚ दिनेश कार्तिक‚ हार्दिक पंड्या‚ रवींद्र जड़ेजा‚ आर अश्विन‚ युजवेंद्र चहल‚ रवि बिश्नोई‚ भुवनेश्वर कुमार‚ अर्शदीप सिंह‚ अवेश खान। पाकिस्तानः बाबर आजम (कप्तान)‚ शादाब खान‚ आसिफ अली‚ फखर जमान‚ हैदर अली‚ हारिस रउफ‚ इफ्तिखार अहमद‚ खुशदिल शाह‚ मोहम्मद नवाज‚ मोहम्मद रिजवान‚ नसीम शाह‚ शाहनवाज दहानी‚ उस्मान कादिर‚ मो. हसनैन‚ हसन अली।





