मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले पर कल हुए पथराव के मामले में अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जांच में कुछ और लोगों की पहचान की गयी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. पटना के एसएसपी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार लोगों की पहचान कर अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. शेष लोगों को भी पहचान करने एवं गिरफ्तार करने की कार्रवाई चल रही है.
गौरीचक के रहने वाले एक युवक की लाश रविवार को मिलने पर लोगों ने संपतचक में जमकर बवाल काटा। आक्रोशित लोगों ने सोहगी मोड़ के पास पटना–गया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और सड़क पर आगजनी करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसी दौरान पटना से गया जा रहे मुख्यमंत्री के कारकेड़ पर भी आक्रोशित लोगों ने पथराव कर दिया। पथराव में कारकेड़ में शामिल तीन–चार गाडि़यां क्षतिग्रस्त हो गयीं तथा कई सुरक्षाकर्मियों को चोटें लगीं। मालूम हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सूखे की समीक्षा और अन्य सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सोमवार को गया जाने वाले हैं‚ लेकिन उनके काफिले में शामिल रहने वाली गाडि़यां एक दिन पहले ही पटना से गया जा रही थीं।
काफिले पर हमले के बाद वहां अफरा तफरी मच गई। कारकेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों ने किसी तरह गाडि़़यों को आगे बढ़ाया। इस सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन–फानन में भारी दल–बल के साथ मौके पर पहुंचे पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने पहले लोगों को समझाने का प्रयास किया। जब लोगों ने बात नहीं मानी‚ तो आखिरकार लाठी चार्ज कर सभी को खदेड़ दिया गया। इस मामले में पुलिस और ट्रैफिक की लापरवाही की बात सामने आयी है। अधिकारियों का मानना है कि सोहगी मोड़ के पास पटना–गया रोड़ पर शव के साथ जब लोग प्रदर्शन कर रहे थे‚ तो इस सूचना के बावजूद मुख्यमंत्री का कारकेड़ उधर से कैसे गुजर गया। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम गया में था। इसलिए उनका कारकेड़ पटना से गया की ओर जा रहा था।
बताया जा रहा है कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार लोगों की पहचान कर अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी लोगों को भी पहचान करने और गिरफ्तार करने की कार्रवाई चल रही है। जिलाधिकारी ने मामले को अत्यंत गम्भीरता से लेते हुए अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था और पुलिस उपाधीक्षक‚ मुख्यालय की दो सदस्यीय टीम गठित कर दी है और २४ घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही कहा है कि लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारीयों के विरुद्ध कडी कार्यवाही की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार बेऊर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेतौरा गांव जाने वाली सड़क के किनारे स्थित नाले से एक युवक की लाश मिली‚ जिसकी पहचान गौरीचक से १४ दिनों पूर्व लापता हुए सन्नी कुमार के रूप में की गयी। इस खबर के बाद मृत युवक के परिजनों और गांव के लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देखते ही देखते आक्रोशित लोगों ने संपतचक स्थित सोहगी मोड़ के पास शव को रखकर सड़क जाम कर दी और हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान उग्र लोगों ने सड़क पर खड़ी कई वाहनों के शीशे तोड़ दिये। लोगों ने पुलिस को भी निशाना बनाया। बेकाबू होती स्थिति देखते हुए पुलिस को पीछे हटना पड़ा। बाद में वहां पहुंची कई थानों की पुलिस ने बल प्रयोग कर सड़क जाम कर रहे लोगों को खदेड़ा। गोपालपुर थाना अध्यक्ष अभिषेक रंजन ने बताया कि गौरीचक थाना क्षेत्र से लापता युवक का शव देवर इलाके में एक नाले से बरामद हुआ था। शव की पहचान गौरीचक से लापता सन्नी के रूप में किये जाने के बाद परिजनों और गांव वालों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पटना से गया की ओर गुजर रहे मुख्यमंत्री के कारकेड़ पर भी उग्र लोगों ने पथराव कर दिया‚ जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गये।







