देश के बड़े स्टार्टअप्स की कतार में राज्य के स्टार्टअप्स भी मजबूती के साथ खड़े हो सके‚ इसके लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाये जा रहे हैं॥। इसी कड़़ी में राज्य के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने शुक्रवार को बिहार स्टार्टअप पॉलिसी‚ २०२२ का शुभारंभ करने के साथ–साथ उद्यमियों की सहूलियत के लिए स्टार्टअप पोर्टल का भी लोकार्पण किया। इस मौके पर उद्योग मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक युवा उद्यमियों की सहूलियत के लिए स्टार्टअप पोर्टल बनाया गया है‚ जिस पर इच्छुक उद्यमी रजिस्टर कर सरकार के प्रोत्साहन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। बिहार स्टार्टअप नीति २०२२ के तहत स्टार्टअप्स को १० लाख का सीड फंड मिलेगा‚ जो १० वर्षों तक ब्याज मुक्त रहेगा। यदि कोई स्टार्टअप कंपनी किसी एक्सीलरेशन प्रोग्राम में हिस्सा लेना चाहती है‚ तो उसके लिए तीन लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान है। श्री हुसैन ने कहा कि इसी तरह अगर कोई स्टार्टअप कंपनी एंजेल निवेशकों से निवेश प्राप्त करने में सफल रहती है‚ तो सरकार की तरफ से कुल प्राप्त निवेश का दो प्रतिशत सफलता शुल्क के तौर पर दिया जायेगा। यदि कोई स्टार्टअप कंपनी किसी एंजल इन्वेस्टर से फंड उठाने में सफल रहती है और उसके बाद भी अतिरिक्त फंड की जरूरत रहती है‚ तो उसके लिए उद्योग विभाग के स्टार्टअप फंड ट्रस्ट से मैचिंग लोन का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए स्टार्टअप पॉलिसी में विशेष प्रावधान किये गये हैं। यदि स्टार्टअप कंपनी की शुरुआत किसी महिला उद्यमी ने की है‚ तो उसे पॉलिसी के तहत मिलने वाली तमाम सुविधाएं पांच प्रतिशत अधिक मिलेगी। इसी तरह की सुविधा अनुसूचित जाति– जनजाति और दिव्यांगों के मामले में १५ प्रतिशत होगा अर्थात सीड फंड हो जाएगा ११ लाख ५० हजार रुपए। उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य के औद्योगिकीकरण के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार की ओर से कई लक्ष्यों का निर्धारण किया गया है। इन लक्ष्यों में बड़े उद्योगों की स्थापना‚ सूक्ष्म ‚ लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएमएमई) को व्यापक प्रसार देना‚ राज्य के पारंपरिक उद्योग हैंडलूम‚ हैंडीक्राफ्ट‚ खादी‚ ग्रामोद्योग को मजबूती प्रदान करना है। उद्योग मंत्री ने कहा कि उन्हीं में से एक बड़ा लक्ष्य यह भी है कि राज्य में स्टार्टअप्स के ग्रोथ के लिए शानदार इकोसिस्टम तैयार हो। स्टार्टअप्स को ट्रेनिंग‚ वित्तीय सहायता‚ वर्कस्पेस‚ मार्केटिंग के साथ–साथ हर तरह का सहयोग मिले‚ उनकी हैंड होल्डिंग हो‚ ताकि न सिर्फ उनकी सफलता सुनिश्चित हो‚ बल्कि देश के बड़े स्टार्टअप्स की कतार में बिहार के स्टार्टअप्स भी खड़े हो सके। देश की अर्थव्यवस्था में स्टार्टअप्स का योगदान लगातार बढ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी अहमियत को समझते हुए स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए हर जरूरी कदम िआठ वर्षों में उठाये हैं। इसका परिणाम है कि आज देश में यूनिकॉनर्स की संख्या १०० से अधिक हो गई है।श्री हुसैन ने कहा कि इससे स्पष्ट पता चलता है कि १०० से अधिक स्टार्टअप कंपनियों की वैल्यूएशन एक अरब डॉलर के पार है।
प्रधानमंत्री का विश्वास है कि देश भी जब पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनेगा‚ उसमें स्टार्टअप्स की भूमिका भी काफी अहम होगी। उन्होंने कहा कि देश में स्टार्टअप ईको सिस्टम में बिहार के होनहार युवाओं की भागीदारी तो जबरदस्त है ही और अब कोशिश है कि राज्य में रजिस्टर्ड स्टेटस भी तेजी से आगे बढे और देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी भागीदारी दर्ज करें।







