द्रौपदी मुर्मू ने देश के 15वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण कर लिया. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान निवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत देश के शीर्ष राजनेता संसद भवन में मौजूद रहे. द्रौपदी मुर्मू का शपथ ग्रहण समारोह परंपरागत तरीके से ही हुआ. मंच पर रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सीजेआई एनवी रमना मौजूद रहे. शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले संबोधन में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत में सभी के सपने पूरे होते हैं. द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मेरा राष्ट्रपति बनना बेटियों के सामर्थ्य की झलक है. ये सिर्फ मेरी उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के हर गरीब की उपलब्धि है. मुझे लोकतंत्र की ताकत ने यहां पहुंचाया.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपना संबोधन जोहार अभिवादन के साथ शुरु किया. उन्होंने कहा, ‘जोहार ! नमस्कार ! मैं भारत के समस्त नागरिकों की आशा-आकांक्षा और अधिकारों की प्रतीक इस पवित्र संसद से सभी देशवासियों का पूरी विनम्रता से अभिनंदन करती हूं. आपकी आत्मीयता, विश्वास और आपका सहयोग, मेरे लिए इस नए दायित्व को निभाने में मेरी बहुत बड़ी ताकत होंगे. भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर निर्वाचित करने के लिए मैं सभी सांसदों और सभी विधानसभा सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं. आपका मत देश के करोड़ों नागरिकों के विश्वास की अभिव्यक्ति है.’
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मुझे राष्ट्रपति के रूप में देश ने एक ऐसे महत्वपूर्ण कालखंड में चुना है जब हम अपनी आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं. आज से कुछ दिन बाद ही देश अपनी स्वाधीनता के 75 वर्ष पूरे करेगा. ये भी एक संयोग है कि जब देश अपनी आजादी के 50वें वर्ष का पर्व मना रहा था तभी मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई थी. और आज आजादी के 75वें वर्ष में मुझे ये नया दायित्व मिला है. ऐसे ऐतिहासिक समय में जब भारत अगले 25 वर्षों के विजन को हासिल करने के लिए पूरी ऊर्जा से जुटा हुआ है, मुझे ये जिम्मेदारी मिलना मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मेरे लिए बहुत संतोष की बात है कि जो सदियों से वंचित रहे, जो विकास के लाभ से दूर रहे, वे गरीब, दलित, पिछड़े तथा आदिवासी मुझ में अपना प्रतिबिंब देख रहे हैं. मेरे इस निर्वाचन में देश के गरीब का आशीर्वाद शामिल है, देश की करोड़ों महिलाओं और बेटियों के सपनों और सामर्थ्य की झलक है
बता दें कि द्रौपदी मुर्मु भारत के इतिहास में पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं. द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति चुनाव 2022 में संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को हराया. उन्हें 60 फीसदी से भी ज्यादा वोट मिले.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भाषण
“मैं जिस जगह से आती हूं, वहां प्रारंभिक शिक्षा भी सपना होता है। गरीब, पिछड़े मुझे अपना प्रतिबिंब दिखाते हैं। मैं भारत के युवाओं और महिलाओं को विश्वास दिलाती हूं कि इस पद पर काम करते हुए उनका हित मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा।
संसद में मेरी मौजूदगी भारतीयों की आशाओं और अधिकारों का प्रतीक है। मैं सभी के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। आपका भरोसा और समर्थन मुझे नई जिम्मेदारी संभालने का बल दे रहा है।
मैं पहली ऐसी राष्ट्रपति हूं जो आजाद भारत में जन्मी। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने भारतीयों से जो उम्मीदें लगाई थीं, उन्हें पूरा करने का मैं पूरा प्रयास करूंगी।
राष्ट्रपति के पद तक पहुंचना मेरी निजी उपलब्धि नहीं है, यह देश के सभी गरीबों की उपलब्धि है। मेरा नॉमिनेशन इस बात का सबूत है कि भारत में गरीब न केवल सपने देख सकता है, बल्कि उन सपनों को पूरा भी कर सकता है।’







