राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को मूर्ति बताने पर एनडीए के सभी दल तेजस्वी यादव पर हमलावर हो गए हैं। तेजस्वी के बयान को लेकर बीजेपी के बाद अब जेडीयू ने भी तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला है। जेडीयू ने कहा है कि जिनके खुद के घर शीशे को हों वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते हैं। जेडीयू ने कहा कि तेजस्वी यादव पहले खुद के गिरेबान में झांक कर देखें उसके बाद किसी पर टिप्पणी करें।
जेडीयू ने तेजस्वी के बयान पर गहरी नाराजगी जताई है। पार्टी के प्रवक्ता अरविंद निषाद ने पूर्व सीएम राबड़ी देवी का नाम लिए बगैर कहा है कि तेजस्वी यादव पहले खुद के घर को देख लें तब दूसरों के बारे में टिप्पणी करें। उन्होंने कहा कि एनडीए ने समाज के सबसे नीचले तबके से आने वाली द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर उन्हें सम्मान देने का काम किया है। द्रौपदी मुर्मू राज्यपाल रह चुकी हैं और अब देश की राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। एनडीए डॉ.राममनोहर लोहिया के सपने को पूरा करने जा रहा है।
वहीँ बीजेपी ने तेजस्वी यादव के बयना पर पलटवार किया है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि एक आदिवासी महिला जो सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार जीत चुकी हो, वह तेजस्वी यादव को मूर्ति नजर आती है और जिसे शपथ पढ़ने के लिए आदमी रखना पड़े, वह विद्वान. संजय जायसवाल ने तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि “एक आदिवासी महिला जो सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार जीत चुकी हो वह तेजस्वी यादव को मूर्ति नजर आती है और अपने घर की महिला जिसे शपथ ग्रहण कराने के लिए किसी और को शब्द पढ़ना पड़े तो वह विद्वान! अनुसूचित जाति, जनजाति के विद्वान राष्ट्रपति भी बन जाए तो भी उनका अपमान.”
बीजेपी प्रवक्ता अरविन्द सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव के बयान से साफ हो गया है कि आदिवासी, महिला और पिछड़ों के लिए उनके मन में क्या भाव है. जो आदमी खुद अपने लिखित भाषण को नहीं पढ़ सके, उनको इसतरह की बात नहीं करना चाहिए. लालू परिवार के शिक्षा और विद्वता के बारे में पूरे बिहार हो पता है. राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू राज्यपाल रह चुकी है. तेजस्वी यादव का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है.
दरअसल, तेजस्वी यादव ने शनिवार को शिवहर दौरे के दौरान एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को लेकर कहा था कि राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति को बैठाना है ना कि मुर्ति को। आरजेडी नेता ने तंज कसते हुए कहा था कि हमने उन्हें बोलते हुए कभी नहीं सुना है। इस बयान के बाद बीजेपी तेजस्वी यादव पर लगातार हमलावर बनी हुई है। इधर, जेडीयू ने भी तेजस्वी के इस बयान पर गहरी नाराजगी जताई है।
बता दें कि शनिवार को आरजेडी नेता ने कहा था कि राष्ट्रपति भवन में हमें कोई मूर्ति तो नहीं चाहिए, हम राष्ट्रपति का चुनाव कर रहे हैं. आपने यशवंत सिन्हा को हमेशा सुना होगा लेकिन सत्ता पक्ष की राष्ट्रपति की उम्मीदवार को हमने कभी नहीं सुना है. वे जब से उम्मीदवार बनी हैं उन्होंने एक भी प्रेस वार्ता नहीं की है.







