अब किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए प्रदेश के किसी भी कोने से कोई भी व्यक्ति एकल आपात नंबर ११२ पर फोन या मोबाइल से निःशुल्क कॉल कर सकता है। पुलिस की रिस्पांस टीम सहायता के लिए १५ से २० मिनट में हाजिर होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को बिहार पुलिस रेडियो कैम्पस स्थित नवनिर्मित इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और आपात नम्बर ११२ का लोकार्पण किया।
वरीय पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति जैसे अपराध की घटना‚ आगजनी वाहन दुर्घटना या महिला‚ बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा से संबंधित बात हो तो प्रदेश के किसी भी कोने से कोई भी व्यक्ति एकल नंबर ११२ पर फोन या मोबाइल से निःशुल्क कॉल कर सकता है। सभी काल पटना स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में प्राप्त होंगे और आवश्यकतानुसार पीडित व्यक्ति को सहायता उपलब्ध कराने के लिए १५–२० मिनट के अन्दर इमरजेंसी रिस्पांस वाहन घटनास्थल पर भेज दिये जायेंगे। पटना स्थित यह कमांड एंड कंट्रोल सेंटर २४ घंटे कार्यरत रहेगा। इस कंट्रोल सेन्टर में प्रत्येक पाली में ९० महिला पुलिसकर्मी कॉल रिसीव करने के लिए‚ २४ अफसर कॉल के बाद आगे की कार्रवाई करने के लिए तथा २ अधिकारी कॉल सेन्टर को सुपरवाइज करने के लिए रहेंगे। प्रत्येक इमरजेंसी वाहन में एक पुलिस पदाधिकारी सहित ३–४ सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। इन वाहनों का जोन निर्धारित किया गया है जिससे कि वे अपने क्षेत्र के अन्तर्गत कोई भी घटना होने पर अधिकतम २० मिनट में स्थल पर पहुंच सकें। प्रत्येक गाडी में आधुनिक कैमरे‚ जीपीएस इत्यादि लगाये गये हैं। प्रत्येक घटना के निष्पादन के उपरांत पटना स्थित कमांड सेंटर के सुपरवाइजर द्वारा पीडित व्यक्ति से फीडबैक भी लिया जायेगा। पटना के कंट्रोल सेन्टर से सभी वाहनों के लोकेशन की मॉनिटरिंग की जायेगी। प्रथम चरण में ४०० इमरजेंसी रिस्पांस गाडियां क्रय की गई हैं। इन गाडियों से पटना जिले के सभी निर्धारित स्थलों और अन्य जिलों के मुख्यालय एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर गाडियों को तैनात करने की व्यवस्था की गयी है। इस परियोजना के प्रथम चरण पर १७६ करोड रुपये की लागत आयी है। अगले चरण में बिहार के सभी क्षेत्रों को कवर किये जाने की योजना है जिस पर कार्य भी शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वाहनों की तैनाती कीजाए। दूसरे चरण के लिए जितनी अतिरिक्त गाडियों और मानव बल की आवश्यकता है उसकी अविलंब व्यवस्था कराएं। साथ ही गाडियों के अलावा ५०० मोटरसाइकिलें भी रखी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपात नंबर ११२ के काल सेंटर में कार्यरत सभी कर्मी महिलाएं हैं‚ जो दक्षता के साथ सभी कार्यों को सकुशल हैंडल कर रही हैं। आज महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक और अध्याय जुड गया है। उन्होंने कहा कि आपात नंबर ११२ का व्यापक प्रचार प्रसार करते रहें। सभी कॉल का निर्धारित समय में निष्पादन हो। वहीं सीएम ने एक अणे मार्ग से इमरजेंसी रिस्पांस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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