बिहार विधानमंड़ल में आज होने वाली कार्यवाही
विधान सभा में
सदन की बैठक ११ *बजे प्रारंभ होगी
प्रश्नोत्तर
१.अल्पसूचित एवं तारांकित प्रश्न तथा उनके उत्तर ,ध्यानाकर्षण सूचनाएं तथा उसपर सरकार का वक्तव्य
२.सदस्यों के द्वारा राज्य में विकास संबंधी योजनाओं की अनुशंसा के अनुपालन में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों पर जाँचोपरान्त कार्रवाई करने के संबंध में।
३.राज्य में बिहार स्टेट होल्डिंग पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जानबूझकर तेज चलने वाला प्रीपेड मीटर लगाकर विजली उपभोक्ताओं से की जा रही अवैध वसूली पर रोक लगाने के संबंध में।
३.सामान्य लोकहित के विषय पर विमर्श।
४. बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम–४३ के तहत संजय सरावगी‚ सविस से प्राप्त सूचना उत्कृष्ट विधान सभा एवं उत्त्कृष्ट विधायक के स्वरूप निर्धारण करने संबंधी विषय पर विमर्श होगा।
विधान परिषद में
सदन की बैठक १२ बजे मध्याह्न प्रारंभ होगी
१.प्रश्नोत्तर
२.ध्यानाकर्षण सूचनाएं
(क) मृदा विलेषण कार्य में दक्ष‚ प्रशिक्षित एवं अनुभवी मानव बल को वर्ग–३ स्वीकृत प्रयोगााला सहायक के पद पर स्थायी रूप से समायोजित करने के संबंध में।
(ख) राज्य में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में एक–एक अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाने के संबंध में।
(ग) राज्य के फिजियोथेरेपी संवर्ग की वेतन विसंगति को दूर करने एवं काउंसिल गठन करने के संबंध में।
(घ) नगर परिषद् डिहरी डालमियानगर के कार्यपालक पदाधिकारी के अनियमित कार्यकलापों की जांच कराने के संबंध में।
३. बिहार छोआ (नियंत्रण) (संशोधन) विधेयक‚ २०२२ का उपस्थापन।
बिहार विधानमंड़ल में मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को सेना में भर्ती के लिए लायी गयी नई योजना ‘अग्निपथ’ के विरोध में विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया। विधानसभा में पूर्वाह्न ११ बजे कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत पूरा विपक्ष ‘अग्निपथ’ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर शोरगुल और हंगामा करने लगा। अपने हाथों में पोस्टर लिये राजद और भाकपा–माले के सदस्यों ने सदन के बीच में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। सभाध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के आदेश पर मार्शल ने विपक्ष के सदस्यों के हाथ से पोस्टर ले लिये। सभाध्यक्ष ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया‚ लेकिन विपक्ष के सदस्य नहीं माने और शोरगुल तथा हंगामा करते रहे। बाद में सभाध्यक्ष ने सदन को अव्यवस्थित देख सभा की कार्यवाही पहले भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्ष का हंगामा भोजनावकाश के बाद भी जारी रहा‚ जिसके कारण सभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। उधर‚ विधान परिषद की प्रश्नोत्तर काल की कार्यवाही सुचारू रूप से चली‚ तो भोजनावकाश के बाद की कार्यवाही ‘अग्निपथ’ योजना की भेंट चढ गई। कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह के आसन ग्रहण करते ही राजद के रामबली सिंह ने कार्यस्थगन के माध्यम से ‘अग्निपथ’ योजना पर चर्चा कराने की मांग की‚ जिसे आसन ने अस्वीकार कर दिया। राजद के रामचंद्र पूर्वे ने आसन से आग्रह किया कि इस पर चर्चा करायी जाये। इस पर भजापा के लोगों ने यह कहते हुए विरोध किया कि जब आसन नियमन दे चुका है‚ तो फिर चर्चा की बात क्यों की जा रही है। इसके बाद प्रतिपक्ष की नेता राबडी देवी सहित राजद के सभी सदस्यों ने अपनी–अपनी सीट पर खडे होकर चर्चा कराने की मांग शुरू कर दी। इस पर सभापति ने कहा कि आपलोगों ने हमें यहां बैठाया है। सदन चलने दीजिये। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस पर चर्चा होगी। इसके बाद सदन में चर्चा कराई जायेगी। इसके बाद सभी सदस्य अपनी सीट पर बैठ गये और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने लगी। भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद के सदस्यों ने ‘अग्निपथ’ योजना पर चर्चा कराने की मांग शुरू कर दी‚ जिसे आसन ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद राजद के सुनील कुमार सिंह‚ रामबली सिंह‚ मो.फारूक‚ अजय कुमार सिंह‚ अजय कुमार सिंह‚ कुमार नागेंद्र‚ सौरभ कुमार आदि ने वेल में आकर सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कार्य संचालन नियमावली का हवाला दिया। इसके बावजूद सदस्य शांत नहीं हुए। कार्यकारी सभापति ने सदन को अव्यवस्थित देख कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी। विधानसभा में हंगामे के बीच ही उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने बिहार छोआ नियंत्रण संशोधन विधेयक २०२२ सदन में मंजूरी के लिए पेश किया‚ जिसे बिना किसी बहस के सदन में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। शोरगुल के बीच ही मंत्री ने विधेयक के संबंध में अपनी बात रखने की कोशिश की लेकिन हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी जिसके बाद उन्होंने सभा अध्यक्ष से अपने लिखित वक्तव्य को कार्यवाही का हिस्सा बनाने का अनुरोध किया।







