राष्ट्रीय जनता दल के बाहुबली विधायक अनंत सिंह बुरी तरह फंस गए हैं। पटना स्थित विशेष एमपी-एमएलए न्यायालय ने विधायक के पैतृक घर से प्रतिबंधित हथियार एके-47 और ग्रेनेड की बरामदगी के मामले में उन्हें दोषी माना है। इस मामले में कोर्ट ने विधायक के एक करीबी सुनील राम को भी दोषी माना है। कोर्ट ने विधायक की ओर से दिए गए सभी तर्कों को खारिज कर दिया है। अनंत सिंह पटना जिले के मोकामा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के विधायक हैं। वह फिलहाल जेल में हैं। उनके खिलाफ आपराधिक मामलों की लंबी फेहरिश्त है।
तेजस्वी यादव के करीबी हैं अनंत सिंह
आखिरी बार अनंत सिंह को उनके घर से प्रतिबंधित अत्याधुनिक हथियार एके-47 और ग्रेनेड की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। आज इस मामले में न्यायालय ने उन्हें दोषी ठहरा दिया है। तेजस्वी यादव के करीबी विधायक पर बिहार पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। हालांकि विधायक इस मामले में खुद के निर्दोष रहने और फंसाए जाने की बात कहते रहे हैं। यहां आपको विधायक पर लगी धाराओं के बारे में पूरी जानकारी हासिल हो सकेगी।
नदवां स्थित पैतृक घर से मिले थे हथियार
मोकामा विधायक अनंत सिंह के पैतृक गांव नदवां स्थित घर से एके-47 और ग्रेनेड बरामदगी मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज त्रिलोकी नाथ दूबे की अदालत 21 जून को फैसला सुनायेगी। सोमवार को कानूनी बिंदुओं पर सुनवाई पूरी हुई थी। अनंत सिंह के खिलाफ यह मामला 2019 में दर्ज किया गया था। बाढ़ की तात्कालीन एएसपी लिपि सिंह के नेतृत्व में 16 अगस्त को छापेमारी के दौरान पुलिस ने विधायक के पैतृक घर से आपत्तिजनक हथियार बरामद करने का दावा किया था। इससे पहले 2015 में अनंत सिंह के पटना स्थित सरकारी आवास से इंसास राइफल की मैगजीन और विदेशी बुलेटप्रूूूफ जैकेट बरामद किए जाने का मामला भी दर्ज किया जा चुका है। दोनों ही मामलों की सुनवाई अंतिम दौर में है।
पटना जेल प्रशासन के लिए चुनौती रहे हैं अनंत सिंह
अनंत सिंह पटना की बेउर जेल में बंद रहने के दौरान भी प्रशासन के लिए चुनौती बने रहे। उनके वार्ड से गैरकानूनी गतिविधियों की सूचना पर जेल में कई बार छापेमारी हुई। गड़बड़ियां मिलीं और जेल के अधिकारी-कर्मचारी लापरवाही के आरोप में नपे। पिछले दिनों उनके वार्ड से मोबाइल मिला। जेल में कई लोग गैरकानूनी तरीके से उनकी सेवा करते मिले।
कभी नीतीश कुमार तो अब तेजस्वी यादव के करीबी
एक वक्त था जब अनंत सिंह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुरीद थे। बाद में उनके खिलाफ आपराधिक मामले सामने आते गए और वे जदयू और नीतीश कुमार के विरोधी बनते चले गए। इसी दौरान राष्ट्रीय जनता दल और तेजस्वी यादव से उनकी नजदीकियां बढ़ीं। 2020 में वे राजद के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़कर जीते। वे पांच बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। अब तेजस्वी यादव के खास लोगों में उनकी गिनती है। स्थानीय निकाय कोटे की विधान परिषद सीट के लिए चुनाव में तेजस्वी यादव ने अनंत सिंह के करीबी को टिकट दिया और वे जीते भी।
आरसीपी सिंह और लिपि सिंह का कनेक्शन भी जान लीजिए
बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर हाथ डालना आसान काम नहीं है। एके-47 वाले मामले में जिस तेज तर्रार आइपीएस अफसर लिपि सिंह ने अनंत सिंह के खिलाफ एक्शन लिया, वह केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता आरसीपी सिंह की बेटी हैं। अनंत सिंह और उनके करीबियों ने इस केस के सामने आने के बाद लिपि सिंह पर उनके पिता आरसीपी सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर काम करते हुए फंसाने का आरोप तक लगाया था। पिछले दिनों जब जदयू ने आरसीपी सिंह को राज्यसभा के लिए टिकट नहीं दिया तो अनंत सिंह ने अपना मामला याद दिलाते हुए चुटकी ली थी।
नदवां स्थित घर से एके 47 और ग्रेनेड किया गया था बरामद
मोकामा विधायक अनंत सिंह के पैतृक गांव नदवां स्थित घर से एके-47 और ग्रेनेड बरामदगी मामले में सोमवार को सुनवाई पूरी हुई। यह मामला बाढ़ थाना कांड संख्या 389/2019 से जुड़ा है। 16 अगस्त, 2019 को मोकामा विधायक अनंत सिंह के पैतृक गांव नदवां स्थित घर में बाढ़, मोकामा, पंडारक, एनटीपीसी तथा हाथीदह थाना की पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने घर से एके-47, 7.62 एमएम की 26 जिंदा कारतूस और दो ग्रेनेड बरामद किया था।
कुल मिलाकर 47 लोगों ने दी गवाही
अभियोजन पक्ष की ओर से 13 तथा बचाव पक्ष से 34 लोगों ने गवाही दी है। इस मामले का अनुसंधान बाढ़ के तत्कालीन सहायक पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह द्वारा किया गया था। अनुसंधान के बाद पुलिस ने अनंत सिंह और एक अन्य आरोपित सुनील राम के खिलाफ चार नवंबर, 2019 को आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र आइपीसी की धारा 414, 120बी, आर्मस एक्ट की धारा 25 (1-ए), 25 (1-ए ए), 25 (1-बी), सी, 26 व 35 एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 314 के तहत दाखिल किया। विशेष कोर्ट द्वारा 15 अक्टूबर, 2020 को आरोपितों के खिलाफ आरोप गठन किया गया था।







