मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मानना है कि प्रदेश में जाति आधारित गणना हो जाने से सभी धर्मों की सभी जातियों के लोगों का ठीक ढंग से विकास होगा। किसी की उपेक्षा नहीं होगी और सबका ध्यान रखा जायेगा। सोमवार को ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बाहर रहने वालों लोगों की भी जानकारी लेकर उनकी गणना की जायेगी।
उन्होंने कहा‚ ‘राज्य में अगर जाति आधारित गणना हो जायेगी‚ तो यहां रहने वाले लोग‚ चाहे वे किसी भी धर्म‚ जाति या मजहब के हों‚ अपर कास्ट‚ बैकवर्ड‚ दलित‚ आदिवासी हों‚ उनके बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। यही नहीं‚ कोई भी व्यक्ति‚ चाहे वह किसी भी समुदाय का हो‚ उसकी आर्थिक स्थिति की भी जानकारी मिलेगी और उसको बेहतर करने के लिए काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमलोगों का प्रयास है कि सबका विकास ठीक ढंग से हो। सब तरह की जानकारी हो जायेगी‚ तो अच्छा होगा और उसका फायदा होगा। किसी की उपेक्षा नहीं होगी। सबका ध्यान रखा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति आधारित गणना को लेकर फंड का आवंटन कर दिया गया है। एक महीने की तैयारी के बाद जाति आधारित गणना का काम शुरू हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष २०१०–११ में केंद्र सरकार के द्वारा जो गणना की गई‚ उसे भी प्रकाशित नहीं किया गया। इस संबंध में जानकारी आई है कि यह ठीक ढंग से नहीं हुआ था। हमलोग यहां इसे बढ़िया ढंग से करायेंगे। सभी पार्टियों के लोग भी मिलकर इसपर काम करेंगे। यहां यह इतने अच्छे ढंग से होगा कि बाकी लोग भी इसकी प्रशंसा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अधिकारियों के साथ जाति आधारित गणना को लेकर एक–दो बैठक और करूंगा‚ ताकि तेजी से काम हो। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता से इनकार किया और कहा कि सिर्फ लड़कियों को शिक्षित करने से ही देश में आबादी वृद्धि को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा‚ ‘जब सरकार में हमलोग आये थे‚ तो प्रजनन दर ४.३ फीसद थी‚ जो अब घटकर ३ फीसद पर आ गई है।
हमने वर्ष २०१२–१३ में इसका पूरा अध्ययन कराया। पति–पत्नी में अगर पत्नी मैट्रिक पास है‚ तब प्रजनन दर देश की और अपने यहां की भी २ फीसद थी। यदि पत्नी इंटर पास है‚ तो जो देश की प्रजनन दर थी‚ उससे भी थोड़ा कम हमलोगों के यहां थी। इसको लेकर मन में यूरेका की भावना आई। उसी समय लड़कियों को और शिक्षित करने का काम शुरू कराया‚ उसी का नतीजा है कि लड़कियां पढ़ने लगी हैं और अब प्रजनन दर राज्य में घटकर ४.३ से ३ फीसद पर आ गई है। ये जो काम हमलोग कर रहे हैं‚ यदि उसको जारी रखेंगे‚ तो ४–५ वर्षों में प्रजनन दर २ प्रतिशत पर आ जायेगी।
समस्तीपुर की घटना काफी दुखद
मुख्यमंत्री ने समस्तीपुर में एक ही परिवार के ५ लोगों द्वारा की गयी खुदकुशी की घटना को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि हमने अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली है। प्रशासन के लोगों ने जांच शुरू कर दी है कि आखिर किस वजह से ऐसा हुआ। एक ही परिवार के पांच लोगों ने आत्महत्या की।







