ADVERTISEMENT
Friday, July 10, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

SC ने वेश्यावृत्ति को माना प्रोफेशन, दिया आदेश-बेवजह सेक्स वर्कर्स को परेशान न करे पुलिस

UB India News by UB India News
June 4, 2022
in Lokshbha2024, ब्लॉग, महिला युग, समाज
0
SC ने वेश्यावृत्ति को माना प्रोफेशन, दिया आदेश-बेवजह सेक्स वर्कर्स को परेशान न करे पुलिस
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

सुप्रीम कोर्ट ने सेक्स वर्क को पेशा माना है। कोर्ट ने कहा है कि वेश्यावृत्ति भी एक प्रोफेशन है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आदेश दिया है कि सेक्स वर्कर्स के काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। SC ने कहा है कि पुलिस को सहमति से सेक्स करने वाली महिलाओं और पुरुषों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘सेक्स वर्कर भी कानून के तहत गरिमा और समान सुरक्षा के हकदार हैं।’ जस्टिस एल नागेश्वर राव वाली बेंच ने सेक्स वर्कर के ताल्लुक से 6 निर्देश देते हुए कहा कि सेक्स वर्कर कानून के समान संरक्षण के हकदार हैं।

वेश्यालय चलाना गैरकानूनी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा,सेक्स वर्कर्स भी देश के नागरिक हैं। वे भी कानून में समान संरक्षण के हकदार हैं। बेंच ने कहा, इस देश के हर नागरिक को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिला है। अगर पुलिस को किसी वजह से उनके घर पर छापेमारी करनी भी पड़ती है तो सेक्स वर्कर्स को गिरफ्तार या परेशान न करे। अपनी मर्जी से प्रॉस्टीट्यूट बनना अवैध नहीं है, सिर्फ वेश्यालय चलाना गैरकानूनी है। कोर्ट ने कहा कि महिला सेक्स वर्कर है, सिर्फ इसलिए उसके बच्चे को मां से अलग नहीं किया जा सकता। अगर बच्चा वेश्यालय या सेक्स वर्कर के साथ रहता है इससे यह साबित नहीं होता कि वह बच्चा तस्करी कर लाया गया है।

RELATED POSTS

बांकीपुर उपचुनाव: तीन चेहरे, तीन दावे और मतदाता की असली परीक्षा

तीन पड़ाव, एक संदेश: हिंद-प्रशांत में बढ़ती कूटनीतिक ताकत………………

सेक्स वर्कर्स के साथ संवेदनशीलता से पेश आए पुलिस
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर सेक्स वर्कर के साथ कोई भी अपराध होता है तो तुरंत उसे मदद उपलब्ध कराएं, उसके साथ यौन उत्पीड़न होता है, तो उसे कानून के तहत तुरंत मेडिकल सहायता सहित वो सभी सुविधाएं मिलें जो यौन पीड़ित किसी भी महिला को मिलती हैं। कई मामलों में यह देखा गया है कि पुलिस सेक्स वर्कर्स के प्रति क्रूर और हिंसक रवैया अपनाती है। ऐसे में पुलिस और एजेंसियों को भी सेक्स वर्कर के अधिकारों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यदि कोई नाबालिग वेश्यालय में या सेक्स वर्कर के साथ रहता पाया/पायी जाता है, तो यह नहीं माना लिया जाना चाहिए कि बच्चे की ट्रैफिकिंग की गई है. “यदि सेक्स वर्कर का दावा है कि वह उसका बेटा/बेटी है, तो यह निर्धारित करने के लिए टेस्ट किया जा सकता है कि क्या वह दावा सही है. यदि यह दावा सही है तो नाबालिग को जबरन मां से अलग नहीं किया जाना चाहिए.”

स्वेच्छिक सेक्स वर्कर्स के काम में दखल नहीं दे सकती पुलिस

supreme courtPTI

सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों की पीठ ने सेक्स वर्कर्स के अधिकारों पर बात की. जस्टिस एल नागेश्वर राव, बी आर गावई और ए एस बोपन्ना ये साफ़ तौर पर कह दिया कि अगर कोई महिला स्वेच्छा से सेक्स वर्क कर रही है तो पुलिस उसके काम में दखल नहीं दे सकती. पीठ ने ये भी कहा कि अगर किसी सेक्स वर्कर के साथ सेक्सुअल असॉल्ट होता है तो उसे भी तुरंत मेडिकल सहायता मुहैया करवानी होगी.

पुलिस और अन्य महकमों को संवेदनशील बनने की हिदायत

Supreme Court says Sex Work is Legal Police cannot abuse sex workers न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि पुलिस और अन्य सरकारी महकमे सेक्स वर्कर्स को अलग दृष्टि से देखते हैं. यूं समझते हैं कि उनके पास कोई अधिकार नहीं हैं. पुलिसवालों और अन्य कानूनी महकमों को सेक्स वर्कर्स के प्रति संवेदनशील बनने की हिदायत दी गई.

सेक्स वर्कर्स की तस्वीर छापना अपराध

Sex Workers in India

सुप्रीम कोर्ट ने मीडियाकर्मियों को भी कड़े निर्देश दिए. रेड्स या रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पकड़े गए सेक्स वर्कर्स की तस्वीरें छापना, टेलिकास्ट करना अपराध है. कोर्ट ने कहा कि इस देश के बाकि नागरिकों की तरह ही सेक्स वर्कर्स और उनके बच्चों को इज़्ज़त के साथ जीने का अधिकार है. प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को मीडिया के लिए गाइडलाइन्स बनाने को कहा गया.

सेक्स वर्कर्स को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करें

Sex worker

सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार को सेक्स वर्कर्स को उनके हक के बारे में बताने को कहा. सेक्स वर्कर्स कानून की सहायता कैसे ले सकते हैं, क्या कानूनी है, क्या गैर कानूनी है आदि विषयों पर भी उन्हें जागरूक करने की ज़िम्मेदारी राज्य और केन्द्र सरकार की है. न्यायधीशों की पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार, हर भारतीय नागरिक को सम्मान के साथ जीने का हक है.

क्या हैं सेक्स वर्कर्स के अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यौन उत्पीड़न की पीड़ित किसी भी सेक्स वर्कर को कानून के अनुसार तत्काल चिकित्सा सहायता सहित यौन उत्पीड़न की पीड़िता को उपलब्ध सभी सुविधाएं मुहैया कराई जानी चाहिए। पीठ ने कहा कि यह देखा गया है कि सेक्स वर्कर के प्रति पुलिस का रवैया अक्सर क्रूर और हिंसक होता है। ऐसा लगता है कि वे एक वर्ग हैं जिनके अधिकारों को मान्यता नहीं है। पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सेक्स वर्कर्स के अधिकारों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए जिन्हें सभी नागरिकों को संविधान में प्रदत्त सभी बुनियादी मानवाधिकार और अन्य अधिकार प्राप्त हैं।

पीठ ने कहा कि पुलिस को सभी सेक्स वर्कर्स के साथ सम्मान के साथ व्यवहार करना चाहिए और उनके साथ मौखिक और शारीरिक दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए, उनके साथ हिंसा नहीं करनी चाहिए या उन्हें किसी भी यौन गतिविधि के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए।

मीडिया के लिए भी दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से गाइडलाइन्स जारी करने की अपील की जानी चाहिए, ताकि गिरफ्तारी, छापेमारी या फिर किसी अन्य अभियानों के दौरान सेक्स वर्कर्स की पहचान उजागर न हो। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेक्स वर्कर चाहे आरोपी हो या फिर पीड़ित उसकी पहचान उजागर नहीं होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आईपीसी की धारा-354 सी के तहत सेक्स वर्कर्स को सुरक्षा मिली हुई है। ऐसे में किसी के भी निजी कार्यों की तस्वीर न तो ली जा सकती है और न ही दिखाई जा सकती है।

भारत में वेश्यावृत्ति पर क्या कहता है कानून?

पहला सवाल है कि क्या भारत में वेश्यावृत्ति कानूनी अपराध है या नहीं? यदि नहीं, तो क्या सेक्स वर्कर्स के पास कोई अधिकार है?- दरअसल इस सवाल का जवाब हां भी है और ना भी.

भारत में वेश्यावृत्ति स्पष्ट रूप से अवैध नहीं है क्योंकि देश में विशेष रूप से वेश्यावृत्ति को कानून द्वारा दंडनीय नहीं किया गया है. लेकिन वेश्यावृत्ति से जुड़ी कुछ गतिविधियां जैसे वेश्यालय चलाना, वेश्यालय में बुलाने के लिए इशारे करना करना, तस्करी करना और दलाली करना भारत में अनैतिक तस्करी रोकथाम अधिनियम, (1956)/ THE IMMORAL TRAFFIC (PREVENTION) ACT, (1956) के अंतर्गत गैरकानूनी है.

THE IMMORAL TRAFFIC (PREVENTION) ACT, (1956) के सेक्शन 2 (F) के अनुसार, “वेश्यावृत्ति” की परिभाषा दी है- किसी भी व्यावसायिक उद्देश्य के लिए किसी भी व्यक्ति का यौन शोषण या दुरुपयोग करना.

IPC 1860 की धारा 372 और 373 भी वेश्यावृत्ति से जुड़ी है लेकिन यह केवल बाल वेश्यावृत्ति (child prostitution) तक ही सीमित है. IPC की धारा 366A, 366B, 370A के अनुसार नाबालिग लड़की से सेक्स वर्क कराने, सेक्स के लिए विदेश से लड़की को इम्पोर्ट करने और ट्रैफिकिंग किए गए लोगों के शोषण के अपराधों के लिए दंड देने का प्रावधान है.

IPC धारा 372 और धारा 373 के तहत वेश्यावृत्ति के उद्देश्य से नाबालिग की खरीद, बिक्री और दूसरे देश से आयत को दंडित करता है.

सुप्रीम कोर्ट ने अब राज्यों और केंद्र सरकार के लिए गाइडलाइन्स जारी कर व्यक्तिगत स्तर पर सेक्स वर्कर्स के लिए अधिकारों को और अधिक स्पष्ट कर दिया है. SC ने पैनल की सिफारिशों के अनुसार ही एक आम पेशे के तौर पर अपनी मर्जी से सेक्स वर्क करने वालीं सेक्स वर्कर्स के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

बांकीपुर उपचुनाव: तीन चेहरे, तीन दावे और मतदाता की असली परीक्षा

बांकीपुर उपचुनाव: तीन चेहरे, तीन दावे और मतदाता की असली परीक्षा

by UB India News
July 10, 2026
0

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव अब केवल भाजपा और राजद के बीच की लड़ाई नहीं रह गया है। यह चुनाव भाजपा के...

तीन पड़ाव, एक संदेश: हिंद-प्रशांत में बढ़ती कूटनीतिक ताकत………………

तीन पड़ाव, एक संदेश: हिंद-प्रशांत में बढ़ती कूटनीतिक ताकत………………

by UB India News
July 9, 2026
0

ऐसे समय में, जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता छोटे और मझोले देशों को नए रणनीतिक साझेदार तलाशने...

यूसीसी के पक्ष में, समान नागरिक संहिता की जरूरत पर अदालत का जोर………

सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला ,धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनने वालों को OBC आरक्षण या नहीं?

by UB India News
July 9, 2026
0

इस्लाम धर्म अपनाने वाले लोगों को पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण का लाभ मिलेगा या नहीं, इस पर अब सुप्रीम कोर्ट...

कांग्रेस को चुभ गई राजद की सियासी चाल !…………………..

कांग्रेस को चुभ गई राजद की सियासी चाल !…………………..

by UB India News
July 9, 2026
0

राजद ने बांकीपुर उपचुनाव में रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बना कर कांग्रेस के जले पर नमक छिड़का है। राजद की...

आखिर टीम इंडिया बार-बार क्यों हार रही है?…………….

आखिर टीम इंडिया बार-बार क्यों हार रही है?…………….

by UB India News
July 8, 2026
0

इंग्लैंड ने तीसरे टी-20 मैच में भारत को 125 रन से हरा दिया। यह टी-20 में भारत की सबसे बड़ी...

Next Post
राज्यसभा चुनाव : आरसीपी सिंह पर सियासी कयासबाजियों का सिलसिला जारी , सीएम बोले सबको मालूम है……….

राज्यसभा चुनाव : आरसीपी सिंह पर सियासी कयासबाजियों का सिलसिला जारी , सीएम बोले सबको मालूम है..........

लद्दाख में सेना का वाहन हुआ दुर्घटनाग्रस्त, अब तक 7 जवानों की गई जान , 19 सैनिक घायल

लद्दाख में सेना का वाहन हुआ दुर्घटनाग्रस्त, अब तक 7 जवानों की गई जान , 19 सैनिक घायल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend