जातिगत जनगणना पर सूबे में सियासी खेल तो शुरू नहीं हो गया है। बुधवार को नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच जातीय गणना के बहाने बंद कमरे में एक घंटे तक गुफ्तगू हुई। बताया गया है कि तेजस्वी राज्य में जातिगत जनगणना कराने की मांग को लेकर नीतीश से मिलने गये थे। तेजस्वी जब सीएम से मिलने गये तो पार्टी के अन्य नेता को साथ नहीं ले गये। बाहर निकले तो नीतीश को लेकर तेवर बदले–बदले थे। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने जातिगत जनगणना को लेकर अपनी प्रस्तावित पदयात्रा भी टालने का एलान किया। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बेहद पॉजिटिव रेस्पांस लिया है। इसलिए फिलहाल वे अपनी पदयात्रा टाल रहे हैं। जब नीतीश कुमार जातिगत जनगणना नहीं करायेंगे तो फिर वे अपने आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे लेकिन अभी आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। जातिगत जनगणना को लेकर मंगलवार को तेजस्वी यादव ने प्रेस कांफ्रेंस किया था। मंगलवार को तेजस्वी ने ये एलान किया था कि अगले ७२ घंटे के अंदर नीतीश कुमार ने बिहार में जातिगत जनगणना को लेकर फैसला नहीं लिया तो वे आंदोलन पर उतर जायेंगे। तेजस्वी ने कहा था कि वे पटना से दिल्ली तक की पदयात्रा पर निकल जायेंगे।
राजनतिक गलियारे में इस मुलाकात को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक तेजस्वी के पत्रों का जवाब नहीं देने वाले नीतीश कुमार ने मंगलवार की शाम को ही तेजस्वी को कॉल कर दिया। तेजस्वी से कहा गया था कि बुधवार की शाम मिलने के लिए आ जायें। जानकारों के मुताबिक तेजस्वी पहले राजद ही नहीं बल्कि दूसरी विपक्षी पार्टियों के नेताओं को भी साथ लेकर नीतीश कुमार से मिलने गये थे। उसके बाद नीतीश कुमार की अगुआई में तेजस्वी यादव और दूसरी पार्टियों के नेता प्रधानमंत्री से मिल कर ज्ञापन देने गये थे। बुधवार को तेजस्वी यादव अकेले नीतीश कुमार के आवास पहुंच गये। उनके साथ राजद का कोई नेता नहीं था‚ ना प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह थे और ना ही अब्दुल बारी सिद्ीकी या श्याम रजक जैसे पार्टी के दूसरे सीनियर लीडर जबकि ये तमाम नेता पटना में ही मौजूद थे। तेजस्वी अपनी गाडी पर अकेले सवार हुए और नीतीश कुमार के आवास पहुंचे। सीएम आवास का नजारा भी अलग था। बीजेपी के साथ सरकार चला रहे नीतीश कुमार जब भाजपा नेताओं से मिलते हैं तो उनके साथ विजय चौधरी‚ ललन सिंह या विजेंद्र यादव जैसे पार्टी के कोई न कोई नेता जरूर होते हैं लेकिन जब तेजस्वी यादव से जातिगत जनगणना पर बात होनी थी तो सीएम हाउस में जेडीयू का कोई दूसरा नेता मौजूद नहीं था। नीतीश अकेले बैठे थे। अपने आवासीय कार्यालय के बाहर उन्होंने तेजस्वी का स्वागत किया और फिर दोनों एक कमरे में बैठ गये। नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की बातचीत तकरीबन एक घंटे चली। तेजस्वी के मुताबिक वे जातिगत जनगणना पर नीतीश के सामने मांग रख रहे थे और सीएम उसका जवाब दे रहे थे लेकिन दिलचस्प बात यह थी कि जातिगत जनगणना पर फैक्ट रखने के लिए वहां किसी अधिकारी को भी नहीं बुलाया गया था। तेजस्वी और नीतीश कुमार में बातचीत हुई और उस बीच कोई उस कमरे में नहीं गया। मुलाकात के बाद तेजस्वी जब बाहर निकले तो पत्रकार इंतजार कर रहे थे। प्रश्न किया गया कि मुख्यमंत्री से अकेले में क्या कुछ गुफ्तगू हुई। तेजस्वी ने कहा कि आपलोग ऐसी ही गलत खबर चलाते रहिये। मैं तो जातिगत जनगणना पर अपनी बात रखने गया था। नीतीश जी ने कहा कि वे तो खुद इसे कराने की तैयारी कर रहे हैं। इस तरह से जातिगत जनगणना करायी जायेगी कि कोई चूक नहीं होगी। तेजस्वी बोले–नीतीश जी ने कहा है कि वे जल्द ही जातिगत जनगणना कराने का एलान करेंगे। उससे पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की औपचारिकता निभायी जायेगी। लेकिन सरकार अपनी सारी तैयारी कर चुकी है।
मुख्यमंत्री से मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने जातिगत जनगणना को लेकर अपनी प्रस्तावित पदयात्रा भी टालने का एलान किया। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बेहद पॉजिटिव रेस्पांस लिया है। इसलिए फिलहाल वे अपनी पदयात्रा टाल रहे हैं।







