देश के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण का चौथा चरण ओमीक्रोन के नये स्ट्रेन के साथ शुरू हो चुका है. जिससे काफी लोग प्रभावित भी हो रहे हैं. हालांकि कोरोना संक्रमण का चौथा चरण अबतक बिहार में आरंभ नहीं हुआ है. लेकिन इसकी आशंका को लेकर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पटना द्वारा सभी जिलों के सिविल सर्जन को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं.
कोरोना संक्रमण की चौथी लहर
मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण का चौथा चरण ओमीक्रोम के नये स्ट्रेन के रूप में देश के कई हिस्सों में शुरू हो चुका है. जिसे लेकर सरकार द्वारा कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये है. जिसमें कोविड-19 जांच की संख्या बढ़ाने, रेलवे स्टेशनों पर बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की कोविड-19 जांच आवश्यक रूप से करने तथा लोगों को मास्क पहनने के लिए अपील करने का निर्देश दिया गया है.
जमालपुर रेलवे स्टेशन पर संक्रमण फैलने की आशंका सबसे अधिक
सिविल सर्जन ने बताया कि जमालपुर रेलवे स्टेशन पर बाहरी राज्यों से कई ट्रेनें आती हैं. जिससे संक्रमण फैलने की आशंका सबसे अधिक यहीं से बढ़ती है. जिसे लेकर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की कोविड-19 जांच शुरू कर दी गयी है.
वहीं जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कोरोना जांच शुरू कर दी गयी है. साथ ही इसकी संख्या को बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है. सिविल सर्जन ने बताया कि हालांकि कोरोना का चौथा चरण ओमीक्रोन के नये स्ट्रेन के रूप में है. जो अधिक घातक नहीं है. वहीं जिले में शत-प्रतिशत लोग कोविड-19 वैक्सीन से अच्छादित हो चुके हैं. लेकिन इसके बावजूद जिले में कोरोना संक्रमण के चौथे चरण की आशंका को लेकर तैयारी शुरू कर दी गयी है.
ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था रखने का निर्देश
सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था रखने तथा यहां आने वाले सभी मरीजों का कोविड-19 जांच करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही कोविड-19 केयर सूचना केंद्र को भी दोबारा शुरू किया जायेगा, ताकि लोग यहां फोन कर कोरोना से संबंधित कोई भी जानकारी ले सकें. उन्होंने बताया कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे होम आइसोलेशन में चिकित्सकों की निगरानी में रखा जायेगा.
बिहार में कोरोना से मरने वालों की संख्या 13 हजार के पार, पटना और सारण से मिले सबसे अधिक आवेदन
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से मरने वाले 2116 नये लोगों की सूची आपदा प्रबंधन विभाग को दी है. इसके साथ ही राज्य में कोरोना से मरने वालों की आधिकारिक संख्या 13 हजार पार कर गयी है. सूची मिलने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने मृतक के निकटतम परिजनों को साढ़े चार लाख अनुग्रह अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जिलों को कुछ राशि भेजी गयी है. पूरी राशि जल्द ही भेज दी जायेगी.
सभी मृतकों के परिजनों को मिलेंगे चार-चार लाख रुपये
स्वास्थ्य विभाग ने तय किया था कि जिन मृतकों का नाम कोविन पोर्टल पर अपलोड नहीं है, उन्हें भी अनुदान दिया जायेगा. इस आधार पर जिलों से मृतकों की सूची कागजातों के आधार पर मांगी गयी. विभाग को 31 जिलों से 2116 नये लोगों के नाम भी प्राप्त हुए जिनकी मौत कोरोना के कारण हो गयी थी. मृतकों की सूची में सबसे अधिक पटना जिले के लोग हैं.
पटना से 743 नाम और सारण जिला प्रशासन ने विभाग को 303 लोगों के नाम भेजा हैं. वहीं गया 185, मधुबनी 133, मुजफ्फरपुर 126, औरंगाबाद 71, कटिहार 66 एवं पूर्वी चंपारण से 42 नाम आये हैं. वहीं कम संख्या वाले जिलों में नालंदा से दो नाम आये हैं, सहरसा से तीन, शेखपुरा से चार,खगड़िया से नौ,जहानाबाद से छह, सीतामढ़ी से सात, अरवल, भागलपुर व बक्सर से एक-एक नाम आये हैं.
आपदा प्रबंधन विभाग ने 2116 लोगों में से 817 लोगों के परिजनों में 32 करोड़ 68 लाख रुपये दे दिया हैं. वहीं, केंद्र सरकार की ओर से घोषित 50 हजार राशि अलग से दी जायेगी. बाकी बचे लोगों के लिए विभाग जल्द ही राशि जारी कर देगा. विभाग के अनुसार कोरोना से मारे गये लोगों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है. सरकार ने नियम को शिथिल करते हुए कोविन पोर्टल पर नाम नहीं होने के बावजूद अनुग्रह अनुदान देने का निर्णय लिया है. इस कारण से 2116 मृतकों की संख्या बढ़ गयी है. जिलों में अभी आवेदन देने वालों की संख्या बाकी है.
50 हजार के लिए खोजे जा रहे लोग
पहले चरण में आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को चार-चार लाख का अनुग्रह अनुदान चेक के माध्यम से दे दिया. इसके बाद केंद्र सरकार ने तय किया कि कोरोना से जिनकी मौत हुई है, उनके परिजनों को 50-50 हजार दिये जायेंगे. जब आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलों को कहा कि वह 50-50 हजार की अतिरिक्त राशि और दे तो लाभुकों की खोज हो रही है.







