मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (ड़ब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए शराब के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति लोगों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट का लोगों के बीच में और प्रचार–प्रसार करायें‚ ताकि वे शराब के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में जागरूक रहें। इसका प्रचार–प्रसार करना जरूरी है‚ ताकि लोग समझ सकें कि शराब कितनी बुरी चीज है। ॥ सीएम ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की इस रिपोर्ट में शराब के सेवन के दुष्परिणामों को लेकर व्यापक चर्चा की गई है। मुझे खुशी है कि जिस कारण से मेरी सरकार ने राज्य में शराबबंदी लागू की‚ डब्ल्यूएचओ की यह रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती है। इस रिपोर्ट में शराब से होने वाली हानियों के बारे में लोगों को सचेत करने के लिए पर्याप्त आंकड़े दिये गये हैं। सीएम ने कहा कि लोगों के हित में बिहार में शराबबंदी लागू की गयी है। बापू ने भी कहा था कि शराब बुरी चीज है। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद‚ उप मुख्यमंत्री रेणु देवी‚ शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी‚ मद्य निषेध‚ उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार‚ मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण‚ मद्य निषेध‚ उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने भी संबोधित किया।
चंद लोग होते हैं गड़बड़ करने वाले
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मानना है कि किसी भी काम को करने के वक्त कुछ लोग बिगाड़़ने में लगे रहते हैं। नशामुक्ति दिवस पर आयोजित शपथ कार्यक्रम में नीतीश ने कहा‚ ‘कोई भी काम कीजियेगा तो चंद लोग गड़बड़ करने वाले हमेशा रहते हैं। शत–प्रतिशत लोग किसी भी चीज को स्वीकार नहीं करते हैं।’ उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर हमने नौ बार समीक्षा बैठक की है। हाल ही में शराबबंदी को लेकर सात घंटे लगातार समीक्षा बैठक की गयी थी और उसमें एक–एक बिंदु पर चर्चा हुई थी। इस बैठक में सभी चीजों की समीक्षा की गई थी। वर्ष २०१६ में जहरीली शराब से हुई मौत के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई भी की गई। हाल ही में जहरीली शराब पीने से हुई मौत के दोषियों पर भी कार्रवाई की गई है।’ उन्होंने कहा कि २१ जनवरी २०१७ को शराबबंदी को लेकर मानव श्रृंखला बनायी गयी थी। इसमें अन्य लोगों के साथ–साथ पत्रकारों ने भी शराबबंदी की शपथ ली थी। शराबबंदी को लेकर सभी लोगों ने अपना सहयोग और समर्थन दिया है। मुझे भरोसा है कि आगे भी सभी लोग इस अभियान को अपना समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा और विधान परिषद में सर्व सम्मति से शराबबंदी का प्रस्ताव पारित किया गया। उस समय सरकार में जो लोग थे और जो विपक्ष में थे‚ सभी ने शराबबंदी का समर्थन किया। शराबबंदी के खिलाफ बोलने वाले कुछ लोग भूल जाते हैं कि शराबबंदी लागू करने के वक्त मद्य निषेध विभाग के मंत्री किस पार्टी के थे। शराबबंदी लागू होने से पर्यटकों की संख्या घट जाती है‚ यह एक भ्रम है। राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद पर्यटकों की संख्या और बढ़ी है।
नशा मुक्ति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के बाद पारिवारिक पार्टियों पर उठे सवाल पर पत्रकारों द्वारा पूछे गये प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारिवारिक पार्टियां देश को नुकसान पहुंचा रही हैं‚ ये बिल्कुल सही है। हमलोग तो शुरू से ये मानकर चल रहे हैं कि पारिवारिक पार्टियों का कोई मतलब नहीं है।आजकल लोग खुद को‚ अपने परिवार को‚ बाल –बच्चे को राजनीति में जगह देना चाहते हैं। राजनीति में परिवारवाद का कोई मतलब नहीं होना चहिये लेकिन आजकल कई दल इसी राह पर चल रहे हैं। कुछ दिनों के लिये भले ही परिवारवाद चल जाये लेकिन कुछ समय के बाद उनका सर्वाइवल संभव नहीं होगा॥। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब पीने से होने वाली हानि को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वर्ष २०१६ में दुनिया भर में एक सर्वे कराया था‚ जिसकी रिपोर्ट वर्ष २०१८ में प्रकाशित की गयी। दुनिया भर में होने वाली कुल मौतों में ५.३ प्रतिशत मृत्यु यानी करीब ३० लाख लोगों की मौत शराब पीने से हुई। २० से ३९ आयु वर्ग के युवक एवं युवतियों में होने वाली मृत्यु का १३.५ प्रतिशत शराब पीने से है। १८ प्रतिशत लोग शराब पीने के कारण आत्महत्या करते हैं। आपसी झगड़े का १८ प्रतिशत कारण शराब पीना होता है। विश्व में जितनी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं‚ उनमें २७ प्रतिशत शराब पीने की वजह से होती हैं। शराब पीने की वजह से होने वाली गंभीर बीमारियों में से लीवर की गंभीर बीमारी ४८ प्रतिशत‚ मुंह के कैंसर का २६ प्रतिशत‚ पैनक्रियाज की गंभीर बीमारी २६ प्रतिशत तथा टीबी की गंभीर बीमारी २० प्रतिशत के आस–पास शराब पीने के कारण होती है। यह रिपोर्ट बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद आयी है।
इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार‚ खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह‚ अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन‚ लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री रामप्रीत पासवान‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल‚ विकास आयुक्त आमिर सुबहानी‚ अपर मुख्य सचिव (गृह) चैतन्य प्रसाद‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार‚ मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार‚ विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव‚ प्रधान सचिव‚ सचिव‚ वरीय पुलिस अधिकारी‚ मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी‚ जीविका की दीदीयां‚ किलकारी के बच्चे उपस्थित थे‚ जबकि अन्य जगहों से वेबकास्टिंग के माध्यम से अन्य जनप्रतिनिधि‚ पदाधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुए थे।







