मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी के बारे में कहा कि लॉ एंड ऑर्डर और अपराध के खिलाफ जैसी कार्रवाई होती है, उसी तरह इस पर भी पूरी सक्रियता के साथ कार्रवाई करनी है. इसके लिए फिर से व्यापक अभियान चलायेंगे. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को नयी दिल्ली से लौटने के बाद पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. जातीय जनगणना पर लालू प्रसाद के वक्तव्य पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने क्या कहा हमें मालूम नहीं है. उनसे अभी हमारी कोई बातचीत नहीं होती है.
जातीय जनगणना को लेकर उनकी पार्टी के नेता और उनके पुत्र तेजस्वी यादव समेत अन्य दूसरे लोगों ने हमसे मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री से भी हमलोगों ने इस मुद्दे पर मुलाकात की थी. जातीय जनगणना के मुद्दे पर केंद्र ने निर्णय स्पष्ट कर दिया है. उसके बाद हमलोगों ने भी बहुत साफ-साफ कह दिया है कि आपस में हम सब बैठक कर इस पर निर्णय लेंगे. तेजस्वी यादव ने जो चिट्ठी लिखी थी, वह उनकी पार्टी की तरफ से आया हुआ है और वह चिट्ठी रखी हुई है. हम सब एक साथ सर्वसम्मति से इस पर निर्णय लेंगे.
शराबबंदी को लेकर चलेगा अभियान
बिहार में पूर्ण शराबबंदी को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग मेरे इस फैसले के खिलाफ हैं और धंधेबाज चाहते हैं कि शराबबंदी कानून विफल हो जाए. हम तो शुरुआत से ही कहते रहे हैं कि हर आदमी एक विचार का होगा, यह संभव नहीं है. मनुष्य का जो स्वभाव होता है, यह सभी को मालूम है. हमलोग यह मान कर चलते हैं कि कुछ लोग मेरे खिलाफ रहेंगे. इसके लिए पूरा- का- पूरा प्रयास करना चाहिए, सबको समझाना चाहिए. गड़बड़ी करने वालों पर कानून के मुताबिक एक्शन होना चाहिए.
हमलोगों ने सात घंटे तक बैठक कर एक–एक चीजों पर चर्चा की. हमलोगों ने शुरुआती दौर में इसके लिए जो नियम–कानून बनाये हैं इसके अलावा लगातार अभियान भी चलाते रहे हैं. हमलोगों ने अलग–अलग समय पर नौ बार इसकी समीक्षा भी की है और जितनी बातें कही गयीं उन सब चीजों पर चर्चा की गयी. इसके बारे में हमने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूरे तौर पर आप काम करिए. लॉ एंड आॅर्डर और अपराध के खिलाफ जैसी कार्रवाई होती है उसी तरह इस पर भी पूरी सक्रियता के साथ कार्रवाई करनी है. इसके लिए फिर से व्यापक अभियान चलायेंगे.







