बिहार में शराबबंदी कानून (Liquor Ban) पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मैराथन बैठक के बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.के सिंघल ने बैठक में लिए गए फैसलों की विस्तृत जानकारी दी थी. इस पर विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार (Nitish Government) पर तंज कसा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि शराबबंदी पर मुख्यमंत्री से 15 सवाल पूछे थे. लेकिन एक भी सवाल का जवाब नहीं आया. तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि कथित समीक्षा बैठक की मीडिया ब्रीफिंग के लिए उन्होंने (नीतीश कुमार) अपने अधिकारियों को आगे कर दिया.
तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा कि अगर मुख्यमंत्री शराबबंदी को लेकर इतने गंभीर हैं तो उन्हें जमीनी और वास्तविक सवालों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए था. बता दें कि तेजस्वी यादव ने फेसबुक पर सिलसिलेवार तरीके से 15 सवाल पूछे थे. इसमें अब तक की समीक्षा बैठकों का परिणाम क्या निकला. नेता विपक्ष ने यह सवाल करते हुए लिखा कि अगर सीएम की समीक्षा बैठक के बाद भी वांछित परिणाम नहीं निकलते हैं तो यह मुख्यमंत्री की विफलता है. इसके अलावा तेजस्वी ने शराब माफिया और तस्करों पर कार्रवाई की जानकारी भी मांगी थी. उन्होंने सवाल किया था कि अब तक कितने वरीय अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है.
बिहार में शराबबंदी को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पटना में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी
‘शराब को लेकर केवल गरीबों पर होती है कार्रवाई’
कल शराबबंदी पर मुख्यमंत्री जी से मैंने 15 सवाल पूछे थे।उनके पास एक भी सवाल का जवाब नहीं था इसलिए कथित समीक्षा बैठक की मीडिया ब्रीफ़िंग के लिए उन्होंने अधिकारियों को ही आगे कर दिया।
अगर वो शराबबंदी को लेकर गंभीर है तो उन्हें व जमीनी वास्तविक सवालों से ऐसे डरना एवं बचना नहीं चाहिए https://t.co/rEX7ihCzq9
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 17, 2021
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल गरीबों पर ही कार्रवाई होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि शराब नहीं पीने की शपथ लेने वाले अधिकारी और पुलिसकर्मी के साथ ही जेडीयू के नेता भी शराब पीते हैं. साक्ष्य (सबूत) देने पर भी कार्रवाई नहीं की जाती है. तेजस्वी यादव ने सरकारी तंत्र पर पक्षपातपूर्ण नीति अपनाने का भी आरोप लगाया था. इसके साथ ही उन्होंने यह भी सवाल पूछा था कि पिछले 15 दिन में जिन 65 लोगों की मौत जहरीली शराब से हो गई है उसका दोषी आखिरकार कौन है. उन्होंने सीएम नीतीश कुमार को सलाह दी थी कि जब तक स्वयं की और शासन-प्रशासन की गलतियां स्वीकार नहीं करेंगे तब तक इस तरह की बैठकें और शराबबंदी चलती रहेंगी.
Liquor Ban In Bihar: तेजस्वी का CM नीतीश पर ‘प्रहार’, कहा- पूछे 15 सवालों में 1 का भी नहीं आया जवाब
शराबबंदी पर हुई बैठक पर आरजेडी के दूसरे नेताओं के अलावा कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष राजेश राठौर ने भी बिहार सरकार पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बैठक में इन्हीं बातों की पुनरावृत्ति हुई है जो पहले से होती रही है. आरजेडी और कांग्रेस नेताओं ने इसे पॉलिटिकल ड्रामेबाजी करार दिया है.







