बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ‘जनता दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान गोपालगंज से आए युवक की शिकायत सुनकर चौंक गए। युवक ने बताया कि 2013 में उसने बिजली कनेक्शन लिया था, तब से वह बिजली बिल का नियमित भुगतान करता जा रहा है। इसके बावजूद उसे अचानक एक महीने के लिए ही 80 हजार रुपये से अधिक का बिल भेज दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को फोन लगाकर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह तो गंभीर मामला है। इसमें दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए।
किसी को भी नहीं छोड़ना है
सीएम ने संबंधित अधिकारी को फोन लगाकर कहा कि जब 2013 में बिजली कनेक्शन दिया गया तो मीटर रीडिंग क्यों नहीं हुई? बगैर मीटर रीडिंग के बिल कैसे भेजा गया? यह तो फ्राड है न! मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें जो दोषी है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। किसी को भी छोड़ना नहीं है। पता लगाइए और जो भी दोषी हो, उस पर जरूर कार्रवाई कीजिए।
रोने लगे यूपी के बलिया से आए बुजुर्ग
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से आए बुजुर्ग ने बताया कि वे बिहार में सरकारी विभाग में नौकरी करते थे। इसी साल रिटायर्ड हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से उनको मिलने वाली पेंशन में कटौती कर दी गई है। ऐसा कहते हुए वे मुख्यमंत्री के सामने ही रो पड़े। मुख्यमंत्री ने उन्हें शांत होकर अपनी पूरी बात बताने को कहा और बाद में विभागीय अधिकारी को उनकी शिकायत का समाधान करने को कहा।
मुखिया के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंची वार्ड सदस्य
रोहतास जिले से आई एक वार्ड सदस्य ने बताया कि नल-जल योजना की सारी राशि मुखिया ने निकाल ली। योजना के तहत सही तरीके से काम भी नहीं कराया गया। इस मामले में भी सीएम ने खुद फोन लगाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। समस्तीपुर के एक शख्स ने बताया कि 35-40 साल पहले उनके गांव की सड़क बनाई गई थी। अब यह सड़क पूरी तरह बदहाल हो गई है। सीएम ने अधिकारी को फोन लगाकर कहा कि पुरानी सड़कों की मरम्मत पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।







