पंजाब कांग्रेस को छोड़ने का ऐलान कर चुके पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अगले कदम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। मीडिया में अमरिंदर सिंह अलग पार्टी बनाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। मगर इस बीच अमरिंदर सिंह ने फिर दिल्ली की राह पकड़ ली है, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह बुधवार को चंडीगढ़ से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सीएम पद छोड़ने के बाद से दिल्ली के अपने दूसरे दौरे में उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की संभावना है।
अमरिंदर सिंह का यह दिल्ली दौरा बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि सूत्रों ने रिपब्लिक टीवी को पहले बताया था कि कैप्टन ‘राज्य और राष्ट्र की सुरक्षा’ के व्यापक विषय पर आधारित एक नई पार्टी बना सकते हैं और 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में समान विचारधारा वाले दलों के साथ ‘गुपचुप गठबंधन’ रख सकते हैं। हालांकि अमरिंदर सिंह के पहले भारतीय जनता पार्टी में जाने की अटकलों थीं, लेकिन वह इन अटकलों को खारिज कर चुके हैं।
अमरिंदर सिंह का दो हफ्ते में दूसरा दिल्ली दौरा
अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद दूसरी बार दिल्ली पहुंच रहे हैं। इससे पहले 29 सितंबर को अमरिंदर सिंह ने दिल्ली में अमित शाह के आवास पर अमित शाह से मुलाकात करके नई अटकलों को जन्म दिया था। बाद में बैठक पर आधिकारिक रूप से टिप्पणी करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘उन्होंने अमित शाह के साथ कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन पर चर्चा की। कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की गारंटी के साथ संकट को तत्काल हल करने का आग्रह किया। इसके एक दिन बाद यानी 30 सितंबर को उन्होंने सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। उसी दिन पंजाब लौटने के बाद अमरिंदर सिंह ने घोषणा की कि वह कांग्रेस छोड़ देंगे, लेकिन भाजपा में शामिल नहीं होंगे।
कैप्टन ने छोड़ा CM पद
उल्लेखनीय है कि अमरिंदर सिंह को 18 सितंबर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। कहा जाता है कि नवजोत सिंह सिद्धू के साथ लंबी तनातनी के बीच कांग्रेस ने कैप्टन को साइड लाइन करना शुरू कर दिया था और शायद यही वजह थी कि अमरिंदर सिंह को बिना बताए विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। माना जाता है कि इसी बैठक में कैप्टन अमरिंदर सिंह को सत्ता से बाहर करने का ऐलान होना था। हालांकि उससे पहले ही कैप्टन ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने सिद्धू के साथ साथ पार्टी आलाकमान पर अपमान करने का आरोप लगाया था।







