पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की पहली बरसी (Ramvilas Paswan Death Anniversary) रविवार को पटना में मनाई जा रही है. रामविलास पासवान की बरसी में विभिन्न दलों के राजनेता पहुंच रहे हैं लेकिन बिहार की राजनीति के दो बड़े चेहरे लालू प्रसाद (Lalu Prasad) और नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को लेकर अभी भी संशय बरकरार है. रामविलास पासवान के बेटे चिराग ने कहा है कि इस प्रदेश (बिहार) के मुखिया होने के नाते नीतीश कुमार भी इस कार्यक्रम में जरूर पहुंचें. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हम आप लोगों के माध्यम से रविवार को बरसी कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण देते हैं. उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान उनके मित्र और सहयोगी थे, इसलिए वो उनकी श्रद्धांजलि सभा में शामिल हों. भले ही वो मुझसे नहीं मिलें, मुझे आशीर्वाद नहीं दें लेकिन रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि जरूर दें. रामविलास पासवान की पहली बरसी के दौरान भोज का आयोजन होना है जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे भोज की तैयारी जोरों पर है
इस आयोजन में देश के अलग-अलग दलों के विभिन्न राजनेताओं को आमंत्रित किया गया है. रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने जिन लोगों ने को पहली बरसी में आने के लिए निमंत्रण दिया था उनमें पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी शामिल थे. हालांकि पीएम मोदी पटना में होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे हैं, लेकिन उन्होंने पहली बरसी पर रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि देते हुए एक पत्र लिखा है.
इस पत्र में उन्होंने रामविलास पासवान को देश का महान सपूत, बिहार का गौरव और सामाजिक न्याय की बुलंद आवाज बताया है. पीएम ने लिखा है कि आज का दिन उनके लिए काफी भावुक है और इस दिन को वह न केवल अपने आत्मीय मित्र के रूप में याद कर रहे हैं बल्कि भारतीय राजनीति में उनके जाने से जो शून्य उत्पन्न हुआ है उसे भी अनुभव कर रहे हैं. रामविलास पासवान के साथ अपने लंबे राजनीतिक जीवन को भी पीएम नरेंद्र मोदी ने इस चिट्ठी में याद करते हुए शामिल किया है. साथ ही एनडीए सरकार के 6 वर्षों के कार्यकाल के दौरान भी रामविलास पासवान द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख किया है.
चिराग पासवान हुए भावुक
पीएम नरेंद्र मोदी जी इस चिट्ठी को चिराग पासवान ने ट्वीट किया है, साथ ही इस पत्र को लेकर वह काफी भावुक भी हो गए हैं. उन्होंने पीएम की स्थिति को ट्वीट करते हुए लिखा है कि पिताजी की बरसी के दिन आदरणीय प्रधानमंत्री जी का संदेश प्राप्त हुआ है.
चिराग ने लिखा है कि पीएम ने पिताजी के पूरे जीवन के सारांश को अपने शब्दों में पिरोकर और समाज के लिए किए गए कार्यों को लेकर सम्मान दिया है और उनके प्रति अपना स्नेह प्रदर्शित किया है. चिराग ने इस चिट्ठी को अपने और अपने परिवार के लिए दुख की इस घड़ी में शक्ति प्रदान करने वाला बताया है.
सामाजिक न्याय के मसीहा थे पासवान
प्रधानमंत्री ने अपने लिखे संदेश में दिवंगत नेता रामविलास पासवान को महान सपूत, बिहार का गौरव व सामाजिक न्याय का मसीहा बताया। उनके प्रति अपने सम्मान, स्नेह जाहिर किया। प्रधानमंत्री को अपने मित्र खोने का गम है। उन्होंने रामविलास पासवान के सम्पूर्ण जीवन के उपलब्धियों को सराहा, उस पर रौशनी डाली। अपने संदेश में PM ने कहा कि नए राजनीतिक लोगों को रामविलास पासवान से सीख लेनी चाहिए।
प्रधानमंत्री के भेजे गए संदेश और कॉल कर उनके बात करने के बाद चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर आभार जताया है। उन्होंने लिखा है कि पिताजी के बरखी के दिन प्रधानमंत्री का संदेश प्राप्त हुआ है। सर, आपने पिताजी के पूरे जीवन के सारांश को अपने शब्दों में पिरो कर उनके द्वारा समाज के लिए किए गए कार्यों का सम्मान किया है। उनके प्रति अपने स्नेह को प्रदर्शित किया है। यह पत्र मेरे और मेरे परिवार को इस दुःख की घड़ी में शक्ति प्रदान करता है। आप का स्नेह व आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
पिता जी के बरखी के दिन आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का संदेश प्राप्त हुआ है। सर आपने पिता जी के पूरे जीवन के सारांश को अपने शब्दों में पिरो कर उनके द्वारा समाज के लिए किए गए कार्यों का सम्मान किया है व उनके प्रति अपने स्नेह को प्रदर्शित किया है। pic.twitter.com/0SCeD6P1m4
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) September 12, 2021







