ADVERTISEMENT
Monday, July 27, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

काबुल ब्लास्ट के पीछे पाकिस्तान का हाथ हो सकता है :अमरुल्लाह सालेह

UB India News by UB India News
August 29, 2021
in अन्तर्राष्ट्रीय, खास खबर
0
काबुल ब्लास्ट के पीछे पाकिस्तान का हाथ हो सकता है :अमरुल्लाह सालेह
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

काबुल में कल हुए धमाकों के तार पाकिस्तान से जुड़ते दिख रहे हैं। अफगानिस्तान के पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने काबुल अटैक को लेकर पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा किया है। सालेह ने ट्वीट कर लिखा है कि तालिबान ने सबकुछ अपने मास्टर यानी पाकिस्तान से ही सीखा है। सालेह ने लिखा कि एयरपोर्ट पर हमला करने वाले आतंकी संगठन आईएस-खुरासन की जड़ें तालिबान और हक्कानी नेटवर्क से जुडी़ हैं। ये पूरी दुनिया जानती है कि हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का संरक्षण हासिल है। आईएस और खुरासन काबुल से ऑपरेट कर रहे हैं।

अमरुल्लाह सालेह ने ये भी लिखा कि तालिबान आईएस से अपने जुड़ाव की खबरों को खारिज कर रहा है लेकिन तालिबान ये सब अपने मास्टर यानी पाकिस्तान के इशारे पर कर रहा है। कहने का मतलब ये है कि कल काबुल में जो कुछ हुआ उसके पीछे कहीं न कहीं पाकिस्तान की साजिश सामने आ रही है।

RELATED POSTS

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

बता दें कि काबुल हवाई अड्डे के बाहर कल हुए बम धमाकों में अमेरिकी सैनिकों समेत 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि सौ से ज्यादा लोग घायल हैं जिनमें से कई की हालत बेहद गंभीर है। इसी बीच धमाकों के बाद व्हाइट हाउस फुल एक्शन में है। तीन ब्लास्ट में अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हुई है जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन ने ISIS को धमकी दी है। बाइडेन ने कहा है कि जिन लोगों ने भी इन हमलों को अंजाम दिया है, उन्हें ढूंढकर उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

काबुल एयरपोर्ट ब्लास्ट की जिम्मेदारी लेनेवाला ISIS-K क्या है? तालिबान से क्या है नाता?

क्या है ISIS-K?
यह आतंकवादी समूह ISIS का एक सहयोगी संगठन है. इस संगठन की स्थापना 2015 में हुई थी. ISIS से अलग हुआ ये समूह ज्यादातर पूर्वी अफगानिस्तान, जो खुरासान प्रांत के रूप में जाना जाता है, में फैला है. इसी वजह से इसका नाम भी ISIS-K यानी ;ISIS-खुरासान पड़ा है. खुरासान शब्द एक प्राचीन इलाके के नाम पर आधारित है, जिसमें कभी उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और ईराक का हिस्सा शामिल था. फिलहाल यह अफगानिस्तान और सीरिया के बीच का हिस्सा है. ISIS-K ने एक बार उत्तरी सीरिया और इराक में बड़े क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था.

अमेरिकी सैनिकों पर कर चुका है कई हमले
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, ISIS-K ने 2015 से 2017 के बीच अफगानिस्तान और पाकिस्तान में नागरिकों पर 100 से ज्यादा हमले किए हैं. इसी अवधि के दौरान उसने अमेरिकी, पाकिस्तानी और अफगान सैनिकों पर लगभग 250 हमले किए हैं; अब ये संख्या बढ़ने की आशंका है.

2017 में अमेरिका ने चेतावनी देते हुए ISIS-K के प्रभुत्व वाले इलाके में एक बड़ा बम (जिसे सभी बमों की मां के रूप में जाना जाता है) गिराया था लेकिन इसके मंसूबे कम नहीं हुए. ISIS-K के पास करीब 2200 लड़ाके हैं, अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद इसकी संख्या लगातार बढ़ रही है.

तालिबान से क्या रिश्ता?
ISIS-K और तालिबान के बीच कट्टर दुश्मनी का रिश्ता है. पिछले ही हफ्ते तालिबान ने ISIS-K के एक कमांडर, जिसे जेल में बंद रखा गया था, को काबुल में ढेर कर दिया है. इस समूह के बारे में कहा जाता है कि यह तालिबान की तरह कट्टरपंथी नहीं है. दोनों विद्रोही समूह अफगानिस्तान में इलाके को कब्जा करने के दौरान कई बार आपस में भिड़ चुके हैं.

इस संगठन में जुड़े लोग आतंकी संगठन अलकायदा की विचारधारी रखते हैं. इसे सीरिया से संचालित किया जाता है. तालिबान को सबसे ज्यादा खतरा ISIS-K से ही है. IS-K तालिबान को खदेड़कर अफगानिस्तान पर अपना प्रभुत्व चाहता है. काबुल में धमाका कर वह तालिबान का डर भी खत्म करने का संदेश देना चाहता है, ताकि उसका प्रसार हो सके.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

by UB India News
July 27, 2026
0

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए...

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

by UB India News
July 27, 2026
0

नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा पीढ़ी यानी जेन-जी के प्रदर्शन के बाद पूरे देश...

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

इस्तीफे अक्सर राजनीतिक संदेश होते हैं, करियर का अंत नहीं………………

by UB India News
July 27, 2026
0

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के आंदोलन के बाद अंतत: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना...

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

by UB India News
July 26, 2026
0

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया. जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से भी...

जंतर-मंतर पर पथराव, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोल दागे:कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल

जंतर-मंतर पर पथराव, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोल दागे:कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल

by UB India News
July 26, 2026
0

NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन के खत्‍म होने के आसार फिलहाल...

Next Post
विशेष सर्वे से नई पीढी को काफी फायदा मिलेगा:राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री

विशेष सर्वे से नई पीढी को काफी फायदा मिलेगा:राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री

श्रम संसाधन विभाग मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए सभी स्तरों निरंतर क्रियाशील है

श्रम संसाधन विभाग मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए सभी स्तरों निरंतर क्रियाशील है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend