भाकपा–माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि बिहार में जहरीली शराब से लगातार हो रही मौतें एक सामान्य घटनाक्रम बनती जा रही हैं। शायद ही कोई ऐसा महीना गुजरता हो‚ जब इसकी चपेट में लोग नहीं आते हैं‚ लेकिन बिहार में शराबबंदी का दंभ भरने वाले नीतीश कुमार इसके प्रति पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। हमने बार–बार कहा है कि राजनेता–प्रशासन गठजोड के तले ही बिहार में अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। बावजूद सरकार इस गठजोड को लगातार संरक्षण दे रही है। लिहाजा‚ जहरीली शराब के कारण मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पश्चिम चंपारण के रामनगर व लौरिया क्षेत्र में विगत दिनों जहरीली शराब के कारण १५ लोगों की दर्दनाक मौत की खबर सुनने के बाद सिकटा विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में भाकपा–माले की एक उच्च स्तरीय जांच टीम ने १६ जुलाई को घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच की। विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि १०–१२ जुलाई को हरदिया गांव में और १३–१४ जुलाई को देउरवा बाजार में ये मौतें हुई हैं। भाकपा–माले ने कहा है कि इस मामले में छोटी मछलियों को गिरफ्तार करके प्रशासन अपने को बचाने का प्रयास कर रहा है। हमारी मांग है कि शराब के बडे कारोबारियों के साथ–साथ रामनगर व नरकटियांगज डीएसपी तथा रामनगर व लौरिया थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई की जाए‚ जो पूरे मामले की लीपापोती करने में लगे हुए हैं। माले विधायक मनोज मंजिल के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और फिर गांव में मेडिकल टीम भेजी गयी। सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। माले कार्यकर्ताओं ने ब्लीचिंंग पाउडर का छिडकाव किया। साथ ही साथ‚ अन्य दवाओं का वितरण भी किया गया। इस जांच दल में माले विधायक के अतिरिक्त गडहनी प्रखंड सचिव रामछपित राम व बडौरा सचिव ओमप्रकाश भी शामिल थे।
समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं………
UGC की नई नियमावली ने देश सहित बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। अपर कास्ट के बढ़ते आक्रोश...







