इंटर स्तरीय संयुक्त परीक्षा के पेपर लीक कांड के आरोपी IAS ने अब अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को पटना के SC/ST थाने में जैसे ही केस दर्ज कराने पहुंचे, अफरातफरी मच गई। पूर्व गृह सचिव रहे सुधीर कुमार ने थानेदार को दो सेट में केस दर्ज करने के लिए आवेदन दिया। आवेदन गंभीर था, लिहाजा SHO वहां से आवेदन लेकर निकल गए। आवेदन में किन-किन अफसरों का नाम है? यह खुलासा न शिकायतकर्ता ने किया और न SHO ने। सूत्रों के अनुसार, IAS उन लोगों पर केस दर्ज कराना चाह रहे हैं, जिन्होंने पेपर लीक कांड की जांच की है।
अफसरशाही का करना पड़ा सामना
बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के पूर्व अध्यक्ष व सीनियर IAS अधिकारी सुधीर कुमार दोपहर 12 बजे से लेकर 4 बजे तक थाने में बैठे रहे। उन्होंने कहा कि- 4 घंटे तक थाने में बैठे रहे। थानेदार ने केस दर्ज करने से इनकार कर दिया है। बताया गया कि अंग्रेजी में आवेदन लिखा गया है। हालांकि, पत्रकारों के सवाल पर एससी-एसटी SHO ने कहा कि उनका आवेदन ले लिया गया है और रिसीविंग भी दिया गया है। अब पुलिस उनका आवेदन पढ़ रही है।
मनु महाराज के खिलाफ भी फर्जीवाड़े का आरोप
मामला दर्ज कराने आए IAS से पत्रकारों ने पूछा कि किन लोगों पर केस दर्ज करा रहे हैं। इस पर IAS अधिकारी सुधीर कुमार ने कहा कि नीचे से लेकर ऊपर तक के लोगों पर केस दर्ज करने का आवेदन दिया है। उनसे पूछा गया कि ऊपर किन पर केस करेंगे? क्या मुख्यमंत्री के खिलाफ? इस पर सुधीर कुमार ने जवाब दिया कि हां।
उन्होंने कहा कि IPS अधिकारी और पटना के पूर्व SSP मनु महाराज के खिलाफ भी फर्जीवाडा, जाली कागजात और अन्य आरोप में केस दर्ज कराने का आवेदन दिया था, लेकिन थानेदार ने केस दर्ज नहीं किया। आवेदन में कितने लोगों पर केस दर्ज की शिकायत की गई, इस पर IAS अधिकारी सुधीर कुमार ने कहा कि इसका खुलासा अभी नहीं करेंगे, क्योंकि केस अभी दर्ज नहीं हुआ है।
2017 में हुई थी गिरफ्तारी
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘बिहार में कानून का राज है’। सुधीर कुमार बिहार कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। उन पर आरोप था कि 2014 में अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान इंटर स्तरीय संयुक्त परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसमें उन्हें दोषी बताया गया था। इसी मामले में 2017 में इनको निलंबित करते हुए गिरफ्तार किया गया था।
अब चार साल बाद उनके अचानक SC/ST थाने पहुंचने के बाद एक बार फिर से वह चर्चा में आ गए हैं। सुधीर कुमार 1988 बैच के IAS अधिकारी रहे हैं। BSSC के अलावा वह गृह विभाग के सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वह सामान्य प्रशासन विभाग में मुख्य जांच आयुक्त के पद पर नियुक्त हैं। 31 मार्च 2022 को वह पद से रिटायर होंगे।
तेजस्वी यादव ने CM पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने थाने में FIR कराने गए IAS के इंतजार करने की सूचना पर मुख्यमुंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है। कहा- अगर अपर मुख्य सचिव के स्तर के अफसर के साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है तो जनता के साथ क्या होता होगा।
क्या है पेपर लीक कांड
8 फरवरी 2017 को बिहार कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा थी। प्रश्नपत्र लीक हुई और व्हाट्सएप पर वायरल हो गया। इसके बाद प्रदेशभर में जगह-जगह अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। इस पर सरकार ने परीक्षा रद्द कर पटना एसएसपी मनु महाराज के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया। एसआईटी ने इसके एक-एक लिंक की तलाश की। जांच के दौरान कड़ी दर कड़ी जुड़ती गई। इसमें पता चला कि BSSC के अध्यक्ष IAS सुधीर कुमार की पत्नी मंजू सिंह और भांजे आशीष सहित 5 रिश्तेदार परीक्षा दे रहे थे। शक है कि उऩ्हें मदद पहुंचाने के लिए प्रश्नपत्र को लीक किया गया था, सारी कड़ियां जब आपस में जुड़ गई तो आखिरकार आईएस सुधीर कुमार और उनके रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया गया। भांजे आशीष कुमार के मुताबिक, प्रश्नपत्र उसे अपने नाना यानि सुधीर कुमार के पिता ने दिए थे। अहमदाबाद के जिस प्रिंटिंग प्रेस में प्रश्न पत्र छपा था उसके मालिक को भी गिरफ्तार किया गया।







