अधिकारिक घोषणाओं के मुताबिक साल 2021 के अंत तक भारत में सात तरह के टीके होंगे‚ और 216 करोड़ खुराकें होंगी। नाक से दी जानेवाली वैक्सीन भी दिसम्बर तक आ जाएगी। बहुत जोरदार घोषणाएं हैं‚ इस बात में कोई शक नहीं है। पर घोषणाओं और जमीनी सचाईयों के जो फासले हैं‚ वो बहुत दर्दनाक होते हैं। देखने में यह आ रहा है कि टीकाकरण नीति में आनन–फानन में बदलाव हो जाते हैं और उन बदलावों का परिणाम आम जनता को उठाना पड़ता है। हाल में घोषणा हुई कि कोविशील्ड नामक टीके के दो खुराकों के बीच के अंतर को बढ़ाया जाएगा। कोविशील्ड वैक्सीन की दो डोज के बीच का गैप ६–८ हफ्ते से बढ़ाकर १२–१६ हफ्ते कर दिया गया है। जिन लोगों ने पुराने निर्देशों के हिसाब से टीका हासिल करने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था‚ उन्हें बिना टीके के वापस लौटना पड़ा। टीके से जुड़ी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आदि कोविन वेबसाइट के जरिये उपलब्ध है‚ पर कोविन को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण मसले उठ खड़े हुए हैं। कोरोना की २०२१ की लहर गांवों में विकट कहर मचा रही है। कोविन के जरिये रजिस्ट्रेशन कराने के लिए स्मार्टफोन का होना और इंटरनेट की उपलब्धता होना जरूरी है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता या तो है ही नहीं‚ या बहुत ही खराब गुणवत्ता की है। इसके अतिरिक्त एक समस्या यह कि कोविन के जरिये एक मोबाइल नंबर पर चार सदस्यों का ही रजिस्ट्रेशन संभव है‚ जबकि ग्रामीण इलाकों में परिवार के सदस्यों की संख्या चार से अधिक भी होती है। कुल मिलाकर कोरोना का मुकाबला अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी बहुत कुशलता और गति से करने की जरूरत है। विशेषकर टीकाकरण की गति बढ़ानी होगी। अमेरिका और इजरायल के अनुभवों से यह सीखा जा सकता है। टीकाकरण के लिए सिर्फ टीकों की उपलब्धता की ही बात नहीं है। टीकों को लेकर अब भी कई इलाकों में गलतफहमियां हैं। यह ना हो कि कुछ समय बाद जब कोरोना की दूसरी लहर उतार पर हो और संक्रमण दर गिर रही हो‚ तब लोग टीका लगवाने में दिलचस्पी ही ना दिखाएं। विश्व स्वास्थ्य संगठन चेतावनी दे चुका है कि कोरोना की तीसरी लहर बहुत खतरनाक साबित हो सकती है। कोविन का हिंदी में आशय निकालें‚ तो वह है‚ सह–विजय। भारत में ग्रामीण और शहरी इलाकों को मिलकर जंग लड़नी होगी‚ तभी कोरोना के खिलाफ सह–विजय की घोषणा संभव है।
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लोकसभा में शुक्रवार को भी प्रश्नकाल की शुरुआत के साथ हीं विपक्ष ने हंगामा किया। राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद...







