दिल्ली से इस वक्त बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं. माना जा रहा है कि नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश का खासा दबदबा देखने को मिल सकता है. यूपी से करीब 7 नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलने की चर्चा है. बताया जा रहा है कि नई टीम में संगठन के कुछ नेताओं को प्रमोशन मिल सकता है, जबकि युवा चेहरों को प्राथमिकता दी जा सकती है. इसके साथ ही संसदीय अनुभव रखने वाले नेताओं को भी राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और अनुराग ठाकुर की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय संगठन में अहम वापसी हो सकती है.
बीजेपी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नवीन के पहले बड़े संगठनात्मक फेरबदल में अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की संभावित वापसी सबसे अहम बातों में से एक होगी. हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा सांसद ठाकुर पहले सूचना और प्रसारण तथा युवा मामले और खेल मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर वित्त और कॉर्पोरेट मामलों का विभाग भी संभाला है.
इस बीच, ईरानी बीजेपी की एक प्रमुख नेता हैं, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम किया और 2019 से 2024 तक लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां भी संभाली हैं, जिनमें बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव के पद शामिल हैं.
इन दो नेताओं को शामिल करने की उम्मीद नवीन की टीम को युवा चेहरा देने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है. संगठन में बदलाव की यह प्रक्रिया तब से चल रही है, जब 45 साल की उम्र में नवीन इस साल की शुरुआत में बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. उनके इस पद पर आने को पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के तौर पर देखा गया था.
सूत्रों के मुताबिक स्मृति ईरानी और अनुराग ठाकुर के अलावा हरीश द्विवेदी को संगठन में लाया जा सकता है. इसके अलावा दुष्यंत गौतम और राधामोहन दास अग्रवाल की ज़िम्मेदारी को भी बदले जाने की संभावना है. राघव चड्ढा और दूसरे दलों से आए नेताओं को भी बीजेपी की नई टीम में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.
बीजेपी के संगठन में हो रहे इस बदलाव को सिर्फ रूटीन फेरबदल से कहीं ज़्यादा अहम माना जा रहा है. पार्टी अपने राष्ट्रीय संगठन को आने वाले चुनावी मुकाबलों, खासकर कई अहम राज्यों में 2027 के विधानसभा चुनावों के हिसाब से तैयार करना चाहती है.
यूपी से इन नामों की चर्चा
उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने या प्रमोशन दिए जाने की चर्चा में कई नाम सामने आ रहे हैं. इनमें राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, अमरपाल मौर्य, सांसद भोला सिंह, अश्विनी त्यागी, पूर्व मंत्री और एमपी प्रभारी महेंद्र सिंह और राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के नाम शामिल हैं. पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और स्मृति ईरानी के नाम की भी चर्चा है. हालांकि इन नामों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए अंतिम तस्वीर नितिन नवीन की नई टीम के ऐलान के बाद ही साफ होगी.
उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने या प्रमोशन दिए जाने की चर्चा में कई नाम सामने आ रहे हैं. इनमें राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, अमरपाल मौर्य, सांसद भोला सिंह, अश्विनी त्यागी, पूर्व मंत्री और एमपी प्रभारी महेंद्र सिंह और राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के नाम शामिल हैं. पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और स्मृति ईरानी के नाम की भी चर्चा है. हालांकि इन नामों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए अंतिम तस्वीर नितिन नवीन की नई टीम के ऐलान के बाद ही साफ होगी.
तीन बड़े नेताओं की छुट्टी की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, नई टीम में जहां नए और युवा चेहरों को मौका मिलने की बात कही जा रही है, वहीं कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन से बाहर किए जाने की भी चर्चा है. इनमें लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राजेश अग्रवाल और राधामोहन दास अग्रवाल के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. लक्ष्मीकांत वाजपेयी बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. चर्चा है कि उम्र को देखते हुए उन्हें नई राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं दी जा सकती. इसी तरह राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल और राष्ट्रीय महामंत्री राधामोहन दास अग्रवाल को भी नई टीम से बाहर किए जाने की अटकलें हैं.
सूत्रों के अनुसार, नई टीम में जहां नए और युवा चेहरों को मौका मिलने की बात कही जा रही है, वहीं कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन से बाहर किए जाने की भी चर्चा है. इनमें लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राजेश अग्रवाल और राधामोहन दास अग्रवाल के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. लक्ष्मीकांत वाजपेयी बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. चर्चा है कि उम्र को देखते हुए उन्हें नई राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं दी जा सकती. इसी तरह राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल और राष्ट्रीय महामंत्री राधामोहन दास अग्रवाल को भी नई टीम से बाहर किए जाने की अटकलें हैं.
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में युवा चेहरों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ संगठन और संसद का अनुभव रखने वाले नेताओं को भी जगह देने की कोशिश की जा सकती है. हरीश द्विवेदी और रेखा वर्मा जैसे नेताओं को प्रमोशन या दोबारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की चर्चा इसी दिशा में देखी जा रही है.
क्यों महत्वपूर्ण है यूपी?
उत्तर प्रदेश अगले साल विधानसभा चुनाव के लिहाज से बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. विधानसभा सीटों की संख्या के मामले में यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है. लोकसभा में भी सबसे ज्यादा सीटें उत्तर प्रदेश से ही आती हैं. ऐसे में बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में यूपी के नेताओं को बड़ी संख्या में जगह मिलना चुनावी और संगठनात्मक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
उत्तर प्रदेश अगले साल विधानसभा चुनाव के लिहाज से बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. विधानसभा सीटों की संख्या के मामले में यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है. लोकसभा में भी सबसे ज्यादा सीटें उत्तर प्रदेश से ही आती हैं. ऐसे में बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में यूपी के नेताओं को बड़ी संख्या में जगह मिलना चुनावी और संगठनात्मक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.







