बिहार कैबिनेट की बैठक गुरुवार की शाम 5 बजे होगी. बांकीपुर उपचुनाव का रिजल्ट घोषित किए जाने के बाद पहली बार बिहार कैबिनेट की बैठक होगी. इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे. इस बैठक में दोनों डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव और विजय चौधरी के अलावा अन्य विभागों के मंत्री अधिकारी मौजूद रहेंगे.
बैठक में क्या-क्या लिए जा सकते हैं फैसले?
बैठक में अलग-अलग विभागों में नई भर्तियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं. राज्य सरकार ने साल 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है. ऐसे में संभावना है कि कई विभागों में नई बहाली का रास्ता साफ हो सकता है. सिर्फ रोजगार ही नहीं, महिलाओं, विधवाओं और बुजुर्गों के लिए भी नई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है.
सरकार अलग-अलग विभागों के प्रस्तावों पर विचार कर नई योजनाओं को मंजूरी दे सकती है. इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल हो सकते हैं. राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सड़क, फोरलेन, पुल और अन्य निर्माण परियोजनाओं को भी मंजूरी मिलने की चर्चा है. सड़क परियोजनाओं के साथ-साथ रेल और हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े प्रस्तावों पर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
इससे पहले 29 जुलाई को हुई थी बैठक
इससे पहले 29 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में 24 एजेंडों पर मुहर लगी थी. बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर राज्य में भर्ती, आधारभूत संरचना, कृषि, उद्योग और पेयजल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थी. इनमें 22 हजार आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की बहाली, बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन, जमुई में दो नए पुलों के निर्माण, अमृत 2.0 के तहत जलापूर्ति परियोजनाओं और सब्जी प्रसंस्करण योजना को मंजूरी शामिल थे.







