बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की गिनती जैसे जैसे आगे बढ़ेगी वैसे वैसे कई सवाल के जवाब मिलते जायेंगे। किसने किसके वोट में सेंधमारी की? किस जाति के वोटरों ने सबसे ज्यादा नुकसान किसको पहुंचाया? क्या MY का तिलिस्म टूट गया? क्या बीजेपी का अपने आधार वोट सवर्ण और वैश्य पर नियंत्रण नहीं रहा? भरत तिवारी एनकाउंटर और पेपर लीक का दिख गया रंग? ऐसे तमाम प्रश्नों के बीच जो सबसे अहम प्रश्न का यह जवाब मिलना है कि पक्ष और विपक्ष के बीच बनी कई दशक की जोड़ी टूट जाएगी? क्या बीजेपी की सत्ता की चुनौती देने वाले की सूरत बदल गई?
क्या बीजेपी के बरक्स बदलेगा चेहरा?
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का अभी तक जो आउटकम है उसमें बीजेपी के बरक्स बदला हुआ चेहरा खड़ा दिख रहा है। यह जीत वाला चेहरा होगा या भविष्य के लिए विपक्ष का एक नया चेहरा ,यह तो मतदान समाप्त होने के बाद ही चलेगा। ऐसा अगर होता है तो यह तभी संभव है जब…
- राजद के MY समीकरण में जबरदस्त सेंधमारी हो।
- Gen-Z का भरपूर विरोध बीजेपी के विरुद्ध दिखे
- सवर्ण की नाराजगी सिर चढ़ कर बोले।
- आधी आबादी से 10हजार के जादू का खत्म हो जाए।
- ठगे गए मतदाता व्यवस्था परिवर्तन हेतु आजमाए दल पर नहीं बल्कि नए दल यानि जनसुराज पर वोट कर गए।
- बीजेपी अगर आपसी अंतर्कलह की शिकार हुई हो।
बीजेपी की बचेगी साख?
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव क्या बीजेपी की साख को बचा ले जाएगा? अगर ऐसा हुआ तो फिर चुनावी समीकरण के स्वर कुछ ऐसे सुनाई देंगे….
| बीजेपी के कोर वोटर सवर्ण और वैश्य ज्यादा नहीं टूटे। |
| नीतीश कुमार की अपील काम कर गई। |
| मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की स्वीकार्यता बनी हुई है। |
| बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का बांकीपुर की जनता से पारिवारिक संबंध इतना भी नहीं टूटा। |
| राजद अपनी जमानत बचा ले जाए। |
| अतिपिछड़ों की वफादारी सीएम सम्राट चौधरी के साथ रही। |







