आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर में बैठे- बैठे बिहार सरकार से एक सवाल पूछकर हलचल मचा दिया है। नेटिजन्स इस पर अपनी अतरंगी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। रोहिणी आचार्य ने एक्स पर सवाल करते हुए पूछा है कि क्या संविधान – सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर है भाजपा और एनडीए? उन्होंने अपनी बात में सुप्रीम कोर्ट के एक बयान का हवाला दिया है। रोहिणी आचार्य ने उपेंद्र कुशवाहा के साथ बिहार विधानसभा की तस्वीर और दीपक प्रकाश की तस्वीर भी शेयर की है।
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे से बड़ा सवाल?
रोहिणी आचार्य ने कहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा यह पूछा जाना कि कोई व्यक्ति 6 महीने से बिना विधायक या एमएलसी बने मंत्री कैसे बना हुआ है? भाजपा नीत एनडीए की सरकार की संवैधानिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल के साथ – साथ भाजपा – एनडीए की गाल पर एक करारा तमाचा भी है। उन्होंने आगे कहा है कि भाजपा-नीत एनडीए सरकार के द्वारा इस पर तत्काल स्पष्ट जवाब दिए जाने की जरूरत है क्योंकि मामला सीधे तौर पर संवैधानिक प्रावधानों और माननीय सर्वोच्च न्यायलय के आदेश के उल्लंघन से जुड़ा हुआ हैl
रोहिणी आचार्य ने पूछा सवाल?
रोहिणी आचार्य ने एक कोर्ट के फैसले का भी हवाला देते हुए ये सवाल किया है। उन्होंने लिखा है कि एसआर. चौधरी बनाम पंजाब राज्य (2001) मामले में माननीय सर्वोच्च अदालत का स्पष्ट आदेश है कि 6 महीने की सीमा को किसी भी राजनीतिक पैंतरेबाज़ी से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है l बावजूद इसके भाजपा नीत सरकार में दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर कब्ज़ा जमा कर बैठने से , यही साबित होता है कि भाजपा हमेशा से खुद को और खुद की सत्ता व् सरकार को संविधान से ऊपर मानती – समझती रही हैl
नेटिजन्स दे रहे हैं पोस्ट पर प्रतिक्रिया
रोहिणी आचार्य के इस पोस्ट पर यूजर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है कि रोहिणी दीदी, बिल्कुल तार्किक और संवैधानिक सवाल! लोकतंत्र में कोई भी दल या सरकार संविधान और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के नियमों से ऊपर नहीं हो सकती। संवैधानिक प्रावधानों का सम्मान सर्वोपरि होना ही चाहिए। एक यूजर ने लिखा है कि आपका कुशवाहा समझ कितनी ज्यादा है। वो हर जगह दिख रहा है। दीपक प्रकाश हों, उपेंद्र कुशवाहा या सम्राट चौधरी। एक यूजर ने लिखा है कि बिहार एक अजूबा राज्य है।
क्या रोहिणी आचार्य ने स्वीकार किया RJD की हार?
लालू यादव की बेटी और सिंगापुर रहने वाली रोहिणी आचार्य बिहार और देश के राजनीतिक मामलों पर बेबाकी से अपने विचार प्रकट करती हैं। रोहिणी आचार्य ने कहा हैकि बीजेपी का चुनाव जीतने का एक हथकंडा अलग होता है। उन्होने कहा कि चुनाव जीतने के लिए हर गलत हथकंडा अपनाती है बीजेपी। रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा कि मतदान के दौरान विरोधी दल के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट। निष्पक्ष मतदान का प्रयास कर रहे विरोधी दल के कार्यकर्ताओं – समर्थकों – पोलिंग एजेंट्स को अपने गुंडों की मदद से रोकना। ये सब काम बीजेपी करती है।
रोहिणी यादव के सनसनीखेज आरोप
उन्होंने आगे कहा कि सरकारी मशीनरी – पुलिस और सुरक्षा बल की मदद से विरोध के संभावित मतदाताओं को मतदान केंद्र तक नहीं पहुँचने देना। बूथ पर कब्ज़ा करना। चुनाव आयोग की मदद से मतदान की गति – प्रक्रिया को ईवीएम में खराबी के बहाने धीमा और बंद करा देना, वैसे तमाम गलत हथकंडे हैं , जिनका खुलेआम इस्तेमाल पहले भी करती आयी है बीजेपी। और आज भी बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में जम कर किया।
बीजेपी को दिखाया आईना
रोहिणी आचार्य यही नहीं ठहरीं, उन्होंने बीजेपी को आईना दिखाते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में , जब मैं खुद सारण से प्रत्याशी थी , तो मैंने बीजेपी को इन गैरकानूनी तौर – तरीकों का इस्तेमाल करते देखा है। मतदान केंद्र पर जारी धांधली पर आपत्ति करने के दौरान छपरा शहर के एक बूथ पर तो मुझ पर भी बीजेपी के गुंडों के द्वारा हमला करने, मेरी हत्या करने की कोशिश की गयी थी। मुझे भद्दी – गंदी गालियां दी गयीं थीं। रोड़े – पत्थर फेंके गए थे। और हद तो तब हो गयी थी जब मतदान के ठीक एक दिन बाद बीजेपी के द्वारा भेजे गए गुंडों के द्वारा मेरे एक युवा साथी – कार्यकर्त्ता चंदन यादव की गोली मार कर निर्मम हत्या कर दी गयी थी।







