दिल्ली के जंतर-मंतर पर LIC बिल्डिंग के पास शनिवार दोपहर 1:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। गाड़ियों में तोड़फोड़ की।इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे। इस झड़प में कई पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है।इससे पहले 21 जुलाई की रात को संसद मार्ग पर और 20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज हुआ था। इसमें 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी और पुलिस के जवान जख्मी हुए थे।इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते तो सरकार से बातचीत का कोई मतलब नहीं है। दोनों के बीच दोपहर 3:30 बजे तीसरी बैठक हो सकती है। इसमें सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपना रुख बताएगी।
जंतर-मंतर पर शनिवार को प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान पुलिस पर पथराव किए जाने की खबर है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. मौके पर तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) लगातार आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास कर रही है. घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल तैनात हैं. तनावपूर्ण माहौल के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. फिलहाल स्थिति पर पुलिस की नजर बनी हुई है और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है.
July 25, 202613:34 IST
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर तस्वीर साफ करने के साथ ही अन्य बातों के बारे में जानकारी दी. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हालिया विरोध-प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार पर सख्त रुख अपनाया है. दिल्ली सेंट्रल के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रख रही है, ताकि लोगों तक केवल सत्यापित और तथ्यात्मक जानकारी ही पहुंचे. डीसीपी ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट, जिनमें पाकिस्तान से संचालित बताए गए हैंडल भी शामिल हैं, प्रदर्शन से जुड़ा फर्जी और भ्रामक कंटेंट प्रसारित कर रहे हैं. उनके अनुसार, इन पोस्टों के जरिए गलत नैरेटिव गढ़ने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई है. उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया था कि पुलिस कार्रवाई के दौरान एक महिला की मौत हो गई. दिल्ली पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह अफवाह बताते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और किसी महिला की मौत नहीं हुई है. पुलिस ने कहा कि वह हर भ्रामक दावे का तथ्यों के आधार पर जवाब दे रही है. रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि जांच के दौरान अब तक 400 से अधिक ऐसे सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की जा चुकी है, जो कथित रूप से झूठी और भ्रामक कंटेंट फैला रहे थे. इनमें से कई हैंडल को फर्जी सामग्री फैलाने के कारण ब्लॉक भी किया गया है. डीसीपी के अनुसार, कई मामलों में तस्वीरों और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एक फर्जी वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे लोगों को भ्रमित करने का प्रयास हुआ. दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह आगे भी सत्यापित और तथ्यात्मक जानकारी नियमित रूप से साझा करती रहेगी तथा सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फर्जी कंटेंट के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर LIC बिल्डिंग के पास शनिवार दोपहर 1:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे गए। इस झड़प में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।






