मानसून सत्र के दौरान बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति अब सत्तापक्ष के लिए विपक्ष पर हमला करने का सबसे बड़ा हथियार बन गया है. जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तेजस्वी यादव की इस गैरमौजूदगी को लेकर उन पर तीखे राजनीतिक बाण छोड़े हैं. सत्ताधारी दल के नेताओं ने उन्हें ‘पार्ट टाइम पॉलिटिशियन’ और ‘गैर-जिम्मेदार’ बताते हुए यहां तक तंज कसा है कि वे अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के लिए विदेश दौरे पर गए हैं.
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर बेहद चुटीले अंदाज में निशाना साधा है. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि तेजस्वी यादव अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय विवाद को खत्म कराने गए हैं. जो समस्या संयुक्त राष्ट्र से सॉल्व नहीं हो पाई, उसे सुलझाने वो निकले हैं.” नीरज कुमार ने आगे चुटकी लेते हुए कहा कि वे अभी नौ ग्रहों में से किस ग्रह पर हैं, इसकी सही जानकारी खुद राष्ट्रीय जनता दल को भी नहीं है.
‘आत्मा प्रवेश’ वाले बयान पर जेडीयू ने ली चुटकी
तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति के बीच आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र के एक बयान ने इस विवाद को और हवा दे दी थी. नीरज कुमार ने आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि- ‘हम ही तेजस्वी हैं’. इस पर पलटवार करते हुए जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह एक नया मैकेनिज्म है. उन्होंने सवाल उठाया कि शरीर अलग-अलग होने के बावजूद आत्मा कैसे प्रवेश कर सकती है. उन्होंने कहा कि आरजेडी के पास गायब नेता के बचाव के लिए अब कोई ठोस तर्क नहीं बचा है, इसलिए ऐसी काल्पनिक बातें की जा रही हैं.
इससे पहले जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के लोकतांत्रिक इतिहास में तेजस्वी यादव जैसा गैरजिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि विधानसभा का महत्वपूर्ण मानसून सत्र चल रहा है और ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष का विदेश में होना जनता के प्रति उनकी गैरजिम्मेदारी को दर्शाता है. उमेश सिंह कुशवाहा ने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद लोकतंत्र में बेहद महत्वपूर्ण होता है, लेकिन तेजस्वी यादव लगातार इसकी गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं. उनके अनुसार बिहार की जनता अब उन्हें “पार्ट-टाइम” और “नॉन-सीरियस” नेता के रूप में देखने लगी है.
बीजेपी ने भी साधा निशाना
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी तेजस्वी यादव की गैरहाजिरी को मुद्दा बनाया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार आते हैं, कुछ बयान देते हैं और फिर लंबे समय के लिए गायब हो जाते हैं. जब भी बिहार में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की बारी आती है, नेता प्रतिपक्ष राजनीतिक मैदान छोड़कर लापता हो जाते हैं. वहीं जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर ने कहा कि बिहार से बाहर रहकर राज्य की राजनीति नहीं की जा सकती, क्योंकि जनता सब कुछ देख रही है.