राजनीति में टाइमिंग बड़ा मैटर करता है। कॉकरोच पार्टी के आंदोलन में राहुल गांधी ने एकदम परफेक्ट टाइम पर एंट्री मारी। पूरी सियासी महफिल लूट रहे हैं। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक बार फिर चूक गए। दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कॉकरोच पार्टी के मंच से विपक्षी दल अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।
राहुल गांधी, अखिलेश यादव, शरद पवार और उद्धव ठाकरे जैसे बड़े चेहरे छात्रों के बीच पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। जो नहीं पहुंच रहे उनके प्रतिनिधि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, बिहार की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुख्य चेहरा और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस पूरे घटनाक्रम से गायब हैं। बिहार में चल रहे विधानसभा के मानसून सत्र और बांकीपुर उपचुनाव के बीच तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विपक्षी नेताओं की दिल्ली में गोलबंदी, तेजस्वी नदारद
जब दिल्ली में कॉकरोच पार्टी के मंच से देशभर के प्रमुख विपक्षी नेता छात्रों की आवाज बुलंद कर रहे हैं, उस वक्त तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है। राष्ट्रीय राजनीति में विपक्ष के अन्य नेता एकजुटता दिखाते हुए माहौल अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगे हैं, जबकि, बिहार के सबसे प्रमुख विपक्षी नेता के सबसे बड़े नेता इस राजनीतिक मंच और मौके से दूर नजर आ रहे हैं। हालांकि, आरजेडी सांसद मनोज झा एक दिन जंतर-मंतर जरूर पहुंचे थे। उन्होंने आंदोलनरत नौजवानों की हौंसला जरूर बढ़ाई थी।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पिछले एक सप्ताह से अपने निजी दौरे पर यूरोप में हैं। आरजेडी नेता चितरंजन गगन ने सोशल मीडिया पर तेजस्वी की पत्नी राजश्री के जन्मदिन के अवसर पर केक काटते हुए एक तस्वीर साझा की है। तेजस्वी यादव का सोशल मीडिया हैंडल भी पिछले एक सप्ताह से काफी शांत है।
दिल्ली में कॉकरोच पार्टी के जरिए देश के तमाम विपक्षी नेता काफी ऐक्टिव, देश से बाहर तेजस्वी।
बिहार विधानसभा का सत्र चल रहा, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के रूप में तेजस्वी सदन की कार्यवाही से नदारद।
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का प्रचार जोर, मगर तेजस्वी यादव वहां भी प्रचार से दूर हैं।
पिछले एक सप्ताह से तेजस्वी यादव का आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पूरी तरह शांत बना हुआ था।
मानसून सत्र और बांकीपुर उपचुनाव के बीच खड़ा हुआ सवाल
बिहार की राजनीति खासकर तेजस्वी के लिहाज से ये बेहद महत्वपूर्ण समय माना जा रहा है। एक तरफ जहां राज्य विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ पटना के बांकीपुर में उपचुनाव की सरगर्मी चरम पर है। दिल्ली में छात्रों से जुड़े मसले पर केंद्र सरकार घिरी हुई है। ऐसे संवेदनशील समय में नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति को राजनीतिक जानकार एक बड़ी रणनीतिक चूक मान रहे हैं, क्योंकि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने का यह बड़ा अवसर था।
राष्ट्रीय राजनीति में राजद के रुख पर उठ रहे सियासी सवाल
विपक्ष के तमाम बड़े नेता दिल्ली में छात्रों के समर्थन में उतरकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में तेजस्वी यादव का इस पूरे सियासी घटनाक्रम से दूर रहना राजद की राष्ट्रीय भूमिका पर भी सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस महत्वपूर्ण समय में तेजस्वी की दूरी से उनकी पार्टी के राजनीतिक अभियानों की धार कमजोर पड़ सकती है।






