बांकीपुर उपचुनाव के ऐलान के साथ ही सियासी गलियारे में सरगर्मी तेज हो गई है। सभी पार्टी अपने-अपने कैंडिडेट को चुनावी मैदान में उतार चुके हैं। महागठबंधन की ओर से राजद ने रेखा गुप्ता पर एक बार फिर से भरोसा जताया है।
रेखा गुप्ता ने दावा किया कि बांकीपुर में इस बार 40 साल का रिकॉर्ड टूटेगा। जनता उन्हें जिताएगी। उन्होंने कहा, ‘अनुकंपा के आधार पर 40 साल पिता-पुत्र रहे हैं। उसके बाद अपने खड़ाऊ उठाने वाले को ही फिर से टिकट दे रहे हैं।’
भाजपा के कैंडिडेट बदलने पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘बीजेपी की ओर से कहा जाता था कि उनकी टिकट पर कुत्ता-बिल्ली भी लड़ेगी तो भी पार्टी चुनाव जीत जाएगी। आज वह खुद ही अपने फैसले पर अडिग नहीं हैं।’
पीके के चुनाव में उतरने पर उन्होंने कहा, ‘प्रशांत किशोर मेरे लिए कोई चुनौती नहीं है।’ चुनाव के समय में तेजस्वी यादव के यूरोप यात्रा पर उन्होंने कहा कि वह चुनाव में जरूर मौजूद रहेंगे और प्रचार में शामिल होंगे।
मिडिया से बातचीत करते हुए रेखा गुप्ता ………..
सवाल: राजद ने एक बार फिर आप पर भरोसा जताया है, क्या कहेंगी?
जवाब: राजद ने मुझे दोबारा यह सम्मान दिया है, इसके लिए मैं बहुत-बहुत आभारी हूं। राष्ट्रीय जनता दल, लालू जी, राबड़ी जी की आभारी हूं।
सवाल: बांकीपुर सीट पर लगातार 40 साल से बीजेपी जीतते आ रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी आपको हार मिली थी। इस बार क्या लगता है, कैसा मुकाबला होगा?
जवाब: इस बार 40 साल का रिकॉर्ड टूटने वाला है। जनता परिवर्तन चाह रही है और जनता इस बार बदलाव करेगी। राष्ट्रीय जनता दल और रेखा गुप्ता को आशीर्वाद देगी।
सवाल: बीजेपी के प्रत्याशी अभिषेक ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। इस पर आप क्या कहेंगी?
जवाब: भाजपा कहती थी कि कोई कुत्ता बिल्ली भी लड़ेगा तो हमारी पार्टी चुनाव जीत जाएगी। उन्होंने बांकीपुर की जनता को कम आंका था। यह उनका घमंड दर्शाता है, लेकिन इस बार उनका घमंड टूटेगा। उन्होंने कैंडिडेट बदला है तो जो अपने निर्णय पर अडिग नहीं है, वह जनता के सुख-दुख के बारे में क्या निर्णय लेंगे और क्या काम करेंगे।
सवाल: बांकीपुर सीट को कायस्थ बहुल कहा जाता है और ये वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस पर क्या कहेंगी?
जवाब: ये एक प्रोपेगेंडा बीजेपी के द्वारा फैलाया गया है। कायस्थ समाज के लोग 10,000 से भी कम हैं। इसी प्रोपेगेंडा के तहत पिछड़ा, अति पिछड़ा, बैकवर्ड और ओबीसी समाज को धोखा देने का काम किया गया है। ये कहते हैं कि जिसकी जितनी संख्या उसकी उतनी भागीदारी, मगर आज तक उन्होंने इस थ्योरी पर काम नहीं किया है।
सवाल: इस उपचुनाव में क्या मुद्दा लेकर आप लोगों के बीच में जाएंगी?
जवाब: एक विधायक का मूलभूत काम जनता की मौलिक अधिकार को सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कामों को अपनी लिस्ट में नहीं गिनवा सकते हैं। एक विधायक का काम नली, गली, शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और महिलाओं की सुरक्षा है। अगर इतना ही कर लेते तो बहुत अच्छे विधायक होते। मगर उन्होंने वह भी नहीं किया।
आज कितने दिनों से मंदिरी के लोग साफ पानी पीने को तरस रहे हैं। मंदिरी नाला तो बना दिया, लेकिन वह पूरी तरह से जल जमाव से भरा हुआ है। एक खास दल के कार्यकर्ताओं को टेंडरबाजी करके कमीशनखोरी की आदत लगा दी है, उसी का नतीजा है कि नया सड़क बना और जल जमाव से ग्रसित है।
सवाल: इस बार बीजेपी के साथ-साथ खुद प्रशांत किशोर चुनावी मैदान में है। क्या लगता है कितना टक्कर देंगे?
जवाब: देखिए, जनता मालिक है। जनता चुनकर लाती है। जनता सिर पर बैठाती है और जनता ही सिर से उतारती है। जनता अगर मुझे आशीर्वाद देती है तो मैं उनके उम्मीदों पर खरी उतरूंगी।







