बिहार में मानसून एक्टिव है। पटना, बक्सर, बेगूसराय, जमुई और खगड़िया में मूसलाधार बारिश हुई। बारिश के दौरान पटना के पंडारक प्रखंड के लालपुर गांव में आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई है। मृतक की पहचान लालपुर गांव निवासी सीताराम महतो और गुप्ता महतो के रूप में हुई है।
मौसम विभाग ने आज बिहार के 30 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 4 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि 26 जिलों के लिए यलो अलर्ट है। इन जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों में 40Kmph की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली को लेकर विशेष चेतावनी दी है
इधर, नेपाल में भारी बारिश की वजह से कोसी और बागमती मदी उफान पर है। खगड़िया में कटाव का खतरा बढ़ता जा रहा है। मुजफ्फरपुर में बागमती के उफान पर आने से निचले इलाकों में डूब का खतरा बन गया है।
मौसम विभाग ने जुलाई महीने को लेकर नया पूर्वानुमान जारी किया है। जून में रिकॉर्ड 46 प्रतिशत कम बारिश दर्ज होने के बाद, जुलाई में भी पटना समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक, यानी 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। हालांकि, राहत की बात ये है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण पुरवा हवाएं चलेंगी, जिससे जून के मुकाबले मौसम बेहतर रहेगा और भीषण गर्मी और हीट वेव से राहत मिलेगी।
पटना में टूटा पांच वर्षों का रिकॉर्ड
राजधानी पटना में इस साल जून के महीने में सूखे जैसे हालात रहे। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों को देखें तो इस बार जून में सबसे कम, मात्र 35.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले वर्ष 2025 में भी स्थिति चिंताजनक थी, जब जून में 61.7 मिमी बारिश हुई थी। हालांकि, बुधवार को पटना के कुछ इलाकों में हुई अचानक झमाझम बारिश और आसमान में छाए बादलों ने लोगों को कुछ समय के लिए राहत जरूर पहुंचाई है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
- 2 जुलाई : राजधानी में दिनभर आंशिक बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। ठंडी हवा चलेगी, लेकिन उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। इसके अलावा उत्तर बिहार, सीमांचल और मिथिलांचल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
- 3 जुलाई- पटना समेत दक्षिण और मध्य बिहार के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कैमूर, सासाराम गयाजी में तेज बारिश की संभावना।
- 4 से 6 जुलाई- मुजफ्फरपुर, बगहा, मधेपुरा, सहरसा गोपालगंज समेत उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की संभाना है।
जुलाई में सामान्य से कम होगी बारिश, गर्मी सताएगी
बिहार में जुलाई में भी मानसून राहत देने वाला नहीं है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। जबकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं। विभाग के मुताबिक, जुलाई में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य 24 से 26 डिग्री तक रह सकता है।
ऐसे में खेती, पेयजल और जनजीवन पर मौसम की दोहरी मार पड़ सकती है। जुलाई बिहार में मानसून का सबसे महत्वपूर्ण महीना होता है, जिसमें सामान्य बारिश 340.5 मिमी होती है और इसी दौरान धान की मुख्य रोपनी होती है। इस बार बारिश कम होने के साथ उमस और गर्मी भी लोगों को परेशान करेगी।
जून में 46% कम बारिश
यह पूर्वानुमान इसलिए चिंताजनक है, क्योंकि जून में भी मानसून काफी कमजोर रहा। 1 से 30 जून के बीच बिहार में केवल 87.8mm बारिश हुई। जबकि 163.3mm बारिश होनी चाहिए थी। यानी, राज्य में 46% कम बारिश हुई।
हालांकि, 29 जून को सुपौल के सरायगढ़-भपटियाही में रिकॉर्ड 196.4 मिमी बारिश हुई, लेकिन यह पूरे सूबे के घाटे की भरपाई नहीं कर सकी। जून में कम बारिश के साथ भीषण लू का भी प्रकोप रहा। महीने का सबसे अधिक तापमान डेहरी में 43.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि पटना का तापमान 41.3 डिग्री तक पहुंच गया था।
कृषि और सेहत पर पड़ेगा सीधा असर
यदि जुलाई में भी बारिश कम रही तो धान की रोपनी बुरी तरह प्रभावित होगी। किसानों को सिंचाई के लिए भूजल पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे वाटर लेवल नीचे जाएगा।
इसके अलावा, अधिक तापमान और उमस के कारण हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ेगा, जिससे शहरों में बिजली की मांग भी काफी बढ़ जाएगी।






