केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार बिहार, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में जनसांख्यिकीय बदलाव को बर्दाश्त नहीं करेगी। देश की सीमाओं की सुरक्षा में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
त्रिपुरा में लंकामुरा सीमा चौकी पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि सरकार की ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसे प्रायोगिक परियोजना के रूप में देश के सात-आठ स्थानों पर लागू किया जाएगा। शाह ने बताया कि बीएसएफ के जवान सीमा पर मौजूद सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हैं। शाह ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हमें सीमा पार से नकली नोटों, मानव तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगानी होगी। शाह ने मई में कहा था कि सरकार अगले वर्ष तक प्रौद्योगिकी आधारित ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना शुरू करेगी, ताकि पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगभग 6,000 किलोमीटर लंबी सीमाओं को अभेद्य बनाया जा सके और जनसांख्यिकी बदलने की किसी भी साजिश को विफल किया जा सके। गृह मंत्री ने कहा था कि केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि हम न केवल घुसपैठ रोकेंगे, बल्कि हर एक घुसपैठिए की पहचान कर उसे देश से बाहर भी भेजेंगे।
गृह मंत्री ने वृक्षारोपण सहित पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और बीएसएफ के जवानों की भागीदारी की सराहना की।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा स्थित लंकामुरा सीमा चौकी में एक पौधा भी लगाया। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि सीएपीएफ और बीएसएफ के सभी जवान किसी पेड़ की देखभाल अपने भाई, बहन या बच्चे की तरह समर्पण के साथ कर रहे हैं।







