ADVERTISEMENT
Monday, August 10, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में आज , जयशंकर ने समन्वय पर दिया जोर

UB India News by UB India News
May 27, 2026
in अन्तर्राष्ट्रीय
0
दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में आज , जयशंकर ने समन्वय पर दिया जोर
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में आज विदेश मंत्री जयशंकर ने सभी देशों के समन्वय पर जोर दिया। क्वाड देशों की बैठक में भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री भी हिस्सा ले रहे हैं। अमेरिका का प्रतिनिधित्व मार्को रूबियो कर रहे हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक की शुरुआत होने के बाद भारत का पक्ष रखते हुए अपने वक्तव्य में वैश्विक भू-राजनीति के बीच शक्तियों के संतुलन का पहलू भी रेखांकित किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच 12 हफ्ते से जारी टकराव के कारण उपजे तनाव की तरफ संकेत करते हुए मौजूदा परिस्थियों में क्वाड की अहमियत भी बताई।

जयशंकर ने हिंद-प्रशांत पर क्यों दिया जोर?
क्वाड समूह में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साझा गतिविधियों पर चर्चा करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, यह चर्चा दुनियाभर में चुनौतियों के साथ-साथ अवसरों को भी ध्यान में रखेगी। बैठक का मुख्य ध्यान हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर केंद्रित रहेगा। बकौल विदेश मंत्री, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में गतिरोध को दूर करने जैसे मुद्दों पर भी चारों देशों के बीच विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। कनेक्टिविटी और विनिर्माण भी महत्वपूर्ण विषय हैं।

भारत का पक्ष रखते हुए जयशंकर ने साफ किया कि मौजूदा परिस्थितियों में संसाधनों की एकाग्रता और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में अंतराल भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, पिछले कई महीनों में अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आर्थिक लचीलेपन पर सहयोग बढ़ाया है। मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) में भी प्रगति हुई है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के व्यापक निहितार्थ, महत्व और प्रभाव हैं। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक परिणामों को आकार देने में इस साझेदारी की भूमिका को रेखांकित किया और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के बढ़ते दायरे पर जोर दिया।

जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु की दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान उनके साथ हुई बैठक में जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि द्विपक्षीय संबंध पारंपरिक कूटनीति से परे हैं और इनका व्यापक रणनीतिक प्रभाव है। उन्होंने अपने शुरुआती संबोधन कहा, भारत और जापान के बीच एक विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है, जो यह संकेत देती है कि हमारे संबंधों का व्यापक निहितार्थ, महत्व और प्रभाव है। इसका एक उदाहरण मंगलवार को देखने को मिलेगा जब हम स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए क्वाड प्रारूप में मिलेंगे। जयशंकर की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में तोशिमित्सु भी भाग लेंगे। भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान इस समूह का हिस्सा हैं। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री भी बैठक में शामिल होंगे।

समुद्री सुरक्षा और आर्थिक हितों पर चर्चा
जयशंकर ने कहा कि प्रमुख ऊर्जा आयातक और व्यापारिक अर्थव्यवस्थाएं होने के नाते, दोनों देश समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता में समान हित साझा करते हैं। विशेष रूप से पश्चिम एशिया के मौजूदा घटनाक्रमों और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की आभासी नाकेबंदी को देखते हुए यह सहयोग और भी अहम हो जाता है।

RELATED POSTS

ट्रंप की गाजा शांति योजना पर घमासान…………

ट्रंप ने क्यों रोके हमले ,तो खत्म होने वाला है पश्चिम एशिया में युद्ध…………

उन्होंने कहा, आज मैं हमारे द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं। मौजूदा स्थिति में, पश्चिम एशिया में जो कुछ भी हो रहा है वह महत्वपूर्ण है क्योंकि हम दोनों ही ऊर्जा आयातक और बड़े व्यापारिक देश हैं, हमारे समुद्री हित साझा हैं। मैं आपके साथ आर्थिक सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा करना चाहूंगा क्योंकि मेरा मानना है कि आज यह सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण चिंता का विषय है।

भारत-जापान को मुख्य चालक शक्ति बनना चाहिए
जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु कहा कि वैश्विक व्यवस्था में आ रहे बड़े संरचनात्मक बदलावों के बीच भारत और जापान को टोक्यो की स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत (एफओआईपी) पहल के तहत एक मुख्य चालक शक्ति के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों को अधिक लचीला और आत्मनिर्भर बनाना है। हमारा लक्ष्य प्रत्येक देश की जरूरतों के हिसाब से सहयोग को आगे बढ़ाना है, ताकि पूरा क्षेत्र एक साथ मिलकर अधिक मजबूत और समृद्ध बन सके। इस उद्देश्य के लिए, भारत और जापान को वास्तव में इस तरह की पहल की मुख्य चालक शक्ति बनने की आवश्यकता है, और वह क्वाड ढांचे के माध्यम से भी भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।

क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में आज विदेश मंत्री जयशंकर ने सभी देशों के समन्वय पर जोर दिया। क्वाड देशों की बैठक में भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री भी हिस्सा ले रहे हैं। अमेरिका का प्रतिनिधित्व मार्को रूबियो कर रहे हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक की शुरुआत होने के बाद भारत का पक्ष रखते हुए अपने वक्तव्य में वैश्विक भू-राजनीति के बीच शक्तियों के संतुलन का पहलू भी रेखांकित किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच 12 हफ्ते से जारी टकराव के कारण उपजे तनाव की तरफ संकेत करते हुए मौजूदा परिस्थियों में क्वाड की अहमियत भी बताई।

जयशंकर ने हिंद-प्रशांत पर क्यों दिया जोर?
क्वाड समूह में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साझा गतिविधियों पर चर्चा करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, यह चर्चा दुनियाभर में चुनौतियों के साथ-साथ अवसरों को भी ध्यान में रखेगी। बैठक का मुख्य ध्यान हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर केंद्रित रहेगा। बकौल विदेश मंत्री, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में गतिरोध को दूर करने जैसे मुद्दों पर भी चारों देशों के बीच विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। कनेक्टिविटी और विनिर्माण भी महत्वपूर्ण विषय हैं।

भारत का पक्ष रखते हुए जयशंकर ने साफ किया कि मौजूदा परिस्थितियों में संसाधनों की एकाग्रता और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में अंतराल भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, पिछले कई महीनों में अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आर्थिक लचीलेपन पर सहयोग बढ़ाया है। मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) में भी प्रगति हुई है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के व्यापक निहितार्थ, महत्व और प्रभाव हैं। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक परिणामों को आकार देने में इस साझेदारी की भूमिका को रेखांकित किया और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के बढ़ते दायरे पर जोर दिया।

जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु की दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान उनके साथ हुई बैठक में जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि द्विपक्षीय संबंध पारंपरिक कूटनीति से परे हैं और इनका व्यापक रणनीतिक प्रभाव है। उन्होंने अपने शुरुआती संबोधन कहा, भारत और जापान के बीच एक विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है, जो यह संकेत देती है कि हमारे संबंधों का व्यापक निहितार्थ, महत्व और प्रभाव है। इसका एक उदाहरण मंगलवार को देखने को मिलेगा जब हम स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए क्वाड प्रारूप में मिलेंगे। जयशंकर की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में तोशिमित्सु भी भाग लेंगे। भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान इस समूह का हिस्सा हैं। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री भी बैठक में शामिल होंगे।

समुद्री सुरक्षा और आर्थिक हितों पर चर्चा
जयशंकर ने कहा कि प्रमुख ऊर्जा आयातक और व्यापारिक अर्थव्यवस्थाएं होने के नाते, दोनों देश समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता में समान हित साझा करते हैं। विशेष रूप से पश्चिम एशिया के मौजूदा घटनाक्रमों और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की आभासी नाकेबंदी को देखते हुए यह सहयोग और भी अहम हो जाता है।

उन्होंने कहा, आज मैं हमारे द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं। मौजूदा स्थिति में, पश्चिम एशिया में जो कुछ भी हो रहा है वह महत्वपूर्ण है क्योंकि हम दोनों ही ऊर्जा आयातक और बड़े व्यापारिक देश हैं, हमारे समुद्री हित साझा हैं। मैं आपके साथ आर्थिक सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा करना चाहूंगा क्योंकि मेरा मानना है कि आज यह सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण चिंता का विषय है।

भारत-जापान को मुख्य चालक शक्ति बनना चाहिए
जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु कहा कि वैश्विक व्यवस्था में आ रहे बड़े संरचनात्मक बदलावों के बीच भारत और जापान को टोक्यो की स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत (एफओआईपी) पहल के तहत एक मुख्य चालक शक्ति के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों को अधिक लचीला और आत्मनिर्भर बनाना है। हमारा लक्ष्य प्रत्येक देश की जरूरतों के हिसाब से सहयोग को आगे बढ़ाना है, ताकि पूरा क्षेत्र एक साथ मिलकर अधिक मजबूत और समृद्ध बन सके। इस उद्देश्य के लिए, भारत और जापान को वास्तव में इस तरह की पहल की मुख्य चालक शक्ति बनने की आवश्यकता है, और वह क्वाड ढांचे के माध्यम से भी भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग का आज 23वां दिन , ट्रंप ने ईरान को पावर प्लांट तबाह करने की धमकी…………….

ट्रंप की गाजा शांति योजना पर घमासान…………

by UB India News
August 10, 2026
0

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के एक पुराने लेख के अंश 'ट्रुथ सोशल' पर साझा...

‘ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौता…………..

ट्रंप ने क्यों रोके हमले ,तो खत्म होने वाला है पश्चिम एशिया में युद्ध…………

by UB India News
August 4, 2026
0

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके और इस्राइल के बीच अब ईरान पर हमले रोकने पर सहमति...

क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….

क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….

by UB India News
August 1, 2026
0

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार शाम पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने कायराना हरकत करते हुए दो गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया....

रूस के बड़े हमले से दहल उठी यूक्रेन की राजधानी कीव …………

रूस के बड़े हमले से दहल उठी यूक्रेन की राजधानी कीव …………

by UB India News
August 1, 2026
0

रूस ने यूक्रेन राजधानी कीव को निशाना बनाकर रातभर मिसाइलों की बौछार की और ड्रोन से भी हमले किए। इन...

अमेरिका का ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर हमला……….

अमेरिका का ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर हमला……….

by UB India News
July 31, 2026
0

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी मिसाइल हमले के एक दिन बाद अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर...

Next Post
वायु प्रदूषण: पहाड़ों को भी जद में ले रहा है मैदान का ‘जहर’…………….

वायु प्रदूषण: पहाड़ों को भी जद में ले रहा है मैदान का 'जहर'................

क्या ईरान पर आज होगा अब तक का सबसे घातक हमला ?

वर्तमान दौर की वैश्विक सच्चाई युद्ध ही शांति है!...................

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend