पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को एमपी-एमएलए कोर्ट से मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को जमानत मिल गई. धोखाधड़ी से मकान किराए पर लेने और कब्जा करने के मामले में जमानत मिली है. मकान मालिक ने गर्दनीबाग थाने में केस किया था. इसी मामले में तीन दिन पहले गिरफ्तारी हुई थी
कितने दिन से और क्यों बेऊर जेल में हैं पप्पू यादव?
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को 6 फरवरी की रात गिरफ्तार किया गया था. उस वक्त उनकी और समर्थकों की पुलिस बहस भी हुई थी. पुलिस हिरासत में पहुंचने पर सांसद की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. दो दिन चले चेकअप के बाद उन्हें पटना का बेऊर जेल में बंद किया गया है. वह 6 फरवरी रात से लेकर 10 फरवरी तक यानी 3 दिन न्यायिक हिरासत में हैं. उन्हें 31 साल पुराने एक केस में बेल खत्म होने पर गिरफ्तार किया गया. आरोप है कि सांसद ने धोखे से कमरा किराए पर लिया गया. जिसके बाद उस पर कब्जा किया. इसी मामले में पटना की विशेष अदालत ने पप्पू यादव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश दिया था.
समर्थन में सड़क पर उतरे लोग
सांसद पप्पू यादव के एक्स अकाउंट से गिरफ्तारी के बाद नीतीश सरकार पर निशाना साधा गया. हवाला दिया गया कि उन्होंने NEET छात्रा रेप केस समेत अन्य मामलों में सरकार को घेरा था. इस वजह से उन्हें साजिशन गिरफ्तार कराया गया. पप्पू यादव के समर्थन में कुछ जिलों में विरोध प्रदर्शन भी हुए. सोमवार को किशनगंज के टाऊन थाना क्षेत्र के पश्चिम पाली चौक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. उन्होंने पप्पू यादव के समर्थन में जमकर नारेबाजी की. इस बीच नेताओं की पुलिस से झड़प हो गई. हालांकि पुलिस ने सूझबूझ से मामला निबटा लिया.







