राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में खूब गहमा-गहमी देखी गई. इस दौरान सदन के नेता जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे में भी खूब तर्क-वितर्क हुए. सदन की कार्यवाही में व्यवधान नहीं डालने की अपील करते हुए जेपी नड्डा ने खरगे से अपील की कि कांग्रेस पार्टी को एक अबोध बालक का बंधक मत बनाइए. उन्होंने यह बात सीधे तौर पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी निशाना साधते हुए कही. जेपी नड्डा ने कहा कि अबोध और अहंकार का मिक्सचर डेडली होता है. कांग्रेस को उस अबोध व्यक्ति से बाहर निकलना चाहिए.
दरअसल, संसद के निचले सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भारत-चीन संबंधों को लेकर पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब को कुछ लाइने पढ़ने पर अड़े रहे. लेकिन, सदन के स्पीकर ने मामले को संवेदनशील बताते हुए राहुल गांधी को ऐसा करने की अनुमति नहीं दी. इस कारण लोकसभा में बीते चार दिनों से गतिरोध बना हुआ. विपक्ष सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को पीएम मोदी भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब नहीं दे पाए.
हंगामे के बाद विपक्षी सांसद राज्यसभा से वॉकआउट कर गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री आज राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं। लोकसभा में उनके जवाब के बिना ही प्रस्ताव पास हो सकता है।
अब राज्यसभा में होगा पीएम का भाषण
पीएम मोदी राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब दे सकते हैं क्योंकि चर्चा जारी है। राज्य सभा में भाजपा सांसद सदानंद मास्टर ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया था। यह प्रस्ताव 28 जनवरी को बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के जवाब में आया है।
राज्यसभा में खूब हुआ हंगामा
इधर गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया. संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि सदन की कार्यवाही में बाधा नहीं डालना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं देना का आरोप गलत है. उन्होंने कहा कि निचले सदन में राहुल गांधी निर्धारित समय से 20 मिनट अधिक समय दिया गया, लेकिन उन्होंने बार-बार स्पीकर की रूलिंग को तोड़ा. स्पीकर के बार-बार मना करने के बाद वह वही बात बोलते रहे जिसकी अनुमति नहीं थी. उन्होंने कहा कि वैसे भी लोकसभा और राज्यसभा में सदन चलाने की सभी प्रक्रियाएं अलग है. दोनों सदनों के एक दूसरे के कुछ नहीं लेना देना है.
इसके बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सत्ता पक्ष पर तीखा हमला किया. हालांकि उनके एक शब्द को सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया गया. खरगे ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों को मिलाकर संसद बनती है. अगर एक सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जाएगा तो दूसरे सदन में इसका असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष अहंकार में है. वह लोकतंत्र को कुचलना चाहता है. वह विपक्ष की आवाज को दबाना चाहता है.
खड़गे के लिंचिंग वाले कमेंट पर भड़की वित्त मंत्री सीतारमण
राज्यसभा में निर्मला सीतारमण ने कहा- मैं LoP का सम्मान करती हूं। लेकिन मैंने सुना उन्होंने कहा कि तुम लोग लिंच करते हो, माफ कीजिए लेकिन मैं चाहूंगी कि ये शब्द हटाए जाएं। LoP को कोई अधिकार नहीं है कि ऐसी बातें कहें। दूसरी बात यदि ये लिंचिंग की बात करते हैं। मैं इन्हें याद दिलाना चाहूंगी कि राजस्थान में इनकी सरकार थी, वहां BJP की महिला कार्यकर्ता के साथ अत्याचार हुआ था, तब आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती थी।
निशिकांत बोले- स्पीकर तय करेंगे मैंने किस नियम का उल्लंघन किया
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- स्पीकर तय करेंगे कि मैंने किस नियम का उल्लंघन किया है। मैं राहुल गांधी नहीं हूं, इसलिए स्पीकर की चेतावनी के बाद भी मैं चिल्लाता नहीं रहूंगा। हो सकता है कि उन्हें स्पीकर के लिए कोई सम्मान न हो, लेकिन बीजेपी संविधान का सम्मान करती है। अगर स्पीकर को लगता है कि मुझे सदन से बाहर भेज देना चाहिए, तो मैं उनका कहना मानूंगा और उनके आदेश का विरोध नहीं करूंगा। आज फिर मैं कई फाइलें लाया हूं।
कंगना बोली- राहुल गांधी की मानसिकता भ्रष्ट
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर, बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने कहा, “उनके शब्दों के चुनाव को देखिए, जिस तरह से उन्होंने एपस्टीन फाइलों के बारे में भी कहा कि इसमें और ‘माल’ और ‘कबाब’ है। ऐसी सड़ी हुई और भ्रष्ट मानसिकता वाले व्यक्ति से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं।”
किरेन रिजिजू बोले- 3 दिन में ऐसा क्या हुआ कि इतना शोर-शराबा होने लगा
किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि सदन में आज का शोर-शराबा हैरान करने वाला है। कल शाम तक तो सब ठीक था। कल तय किया गया था कि खड़गे का भाषण होगा। जैसे तय किया गया था वैसे ही हुआ। उन्होंने अपनी बात रखी। अच्छी बहस हुई। आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का चौथा दिन है। पीएम का भाषण होना है। इससे पहले विपक्ष हाउस में शोर कर रहा है। जबकि सदन के बाकी मेंबर पीएम के भाषण का इंतजार कर रहे हैं। अगर कांग्रेस, पीएम का भाषण नहीं सुनना चाहती है तो मैं उनकी बात नहीं करूंगा लेकिन बाकी लोग सुनना चाहते हैं।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में खूब गहमा-गहमी देखी गई. इस दौरान सदन के नेता जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे में भी खूब तर्क-वितर्क हुए. सदन की कार्यवाही में व्यवधान नहीं डालने की अपील करते हुए जेपी नड्डा ने खरगे से अपील की कि कांग्रेस पार्टी को एक अबोध बालक का बंधक मत बनाइए. उन्होंने यह बात सीधे तौर पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी निशाना साधते हुए कही. जेपी नड्डा ने कहा कि अबोध और अहंकार का मिक्सचर डेडली होता है. कांग्रेस को उस अबोध व्यक्ति से बाहर निकलना चाहिए.
दरअसल, संसद के निचले सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भारत-चीन संबंधों को लेकर पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब को कुछ लाइने पढ़ने पर अड़े रहे. लेकिन, सदन के स्पीकर ने मामले को संवेदनशील बताते हुए राहुल गांधी को ऐसा करने की अनुमति नहीं दी. इस कारण लोकसभा में बीते चार दिनों से गतिरोध बना हुआ. विपक्ष सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को पीएम मोदी भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब नहीं दे पाए.
हंगामे के बाद विपक्षी सांसद राज्यसभा से वॉकआउट कर गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री आज राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं। लोकसभा में उनके जवाब के बिना ही प्रस्ताव पास हो सकता है।
अब राज्यसभा में होगा पीएम का भाषण
पीएम मोदी राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब दे सकते हैं क्योंकि चर्चा जारी है। राज्य सभा में भाजपा सांसद सदानंद मास्टर ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया था। यह प्रस्ताव 28 जनवरी को बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के जवाब में आया है।
राज्यसभा में खूब हुआ हंगामा
इधर गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया. संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि सदन की कार्यवाही में बाधा नहीं डालना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं देना का आरोप गलत है. उन्होंने कहा कि निचले सदन में राहुल गांधी निर्धारित समय से 20 मिनट अधिक समय दिया गया, लेकिन उन्होंने बार-बार स्पीकर की रूलिंग को तोड़ा. स्पीकर के बार-बार मना करने के बाद वह वही बात बोलते रहे जिसकी अनुमति नहीं थी. उन्होंने कहा कि वैसे भी लोकसभा और राज्यसभा में सदन चलाने की सभी प्रक्रियाएं अलग है. दोनों सदनों के एक दूसरे के कुछ नहीं लेना देना है.
इसके बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सत्ता पक्ष पर तीखा हमला किया. हालांकि उनके एक शब्द को सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया गया. खरगे ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों को मिलाकर संसद बनती है. अगर एक सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जाएगा तो दूसरे सदन में इसका असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष अहंकार में है. वह लोकतंत्र को कुचलना चाहता है. वह विपक्ष की आवाज को दबाना चाहता है.
खड़गे के लिंचिंग वाले कमेंट पर भड़की वित्त मंत्री सीतारमण
राज्यसभा में निर्मला सीतारमण ने कहा- मैं LoP का सम्मान करती हूं। लेकिन मैंने सुना उन्होंने कहा कि तुम लोग लिंच करते हो, माफ कीजिए लेकिन मैं चाहूंगी कि ये शब्द हटाए जाएं। LoP को कोई अधिकार नहीं है कि ऐसी बातें कहें। दूसरी बात यदि ये लिंचिंग की बात करते हैं। मैं इन्हें याद दिलाना चाहूंगी कि राजस्थान में इनकी सरकार थी, वहां BJP की महिला कार्यकर्ता के साथ अत्याचार हुआ था, तब आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती थी।
निशिकांत बोले- स्पीकर तय करेंगे मैंने किस नियम का उल्लंघन किया
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- स्पीकर तय करेंगे कि मैंने किस नियम का उल्लंघन किया है। मैं राहुल गांधी नहीं हूं, इसलिए स्पीकर की चेतावनी के बाद भी मैं चिल्लाता नहीं रहूंगा। हो सकता है कि उन्हें स्पीकर के लिए कोई सम्मान न हो, लेकिन बीजेपी संविधान का सम्मान करती है। अगर स्पीकर को लगता है कि मुझे सदन से बाहर भेज देना चाहिए, तो मैं उनका कहना मानूंगा और उनके आदेश का विरोध नहीं करूंगा। आज फिर मैं कई फाइलें लाया हूं।
कंगना बोली- राहुल गांधी की मानसिकता भ्रष्ट
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर, बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने कहा, “उनके शब्दों के चुनाव को देखिए, जिस तरह से उन्होंने एपस्टीन फाइलों के बारे में भी कहा कि इसमें और ‘माल’ और ‘कबाब’ है। ऐसी सड़ी हुई और भ्रष्ट मानसिकता वाले व्यक्ति से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं।”
किरेन रिजिजू बोले- 3 दिन में ऐसा क्या हुआ कि इतना शोर-शराबा होने लगा
किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि सदन में आज का शोर-शराबा हैरान करने वाला है। कल शाम तक तो सब ठीक था। कल तय किया गया था कि खड़गे का भाषण होगा। जैसे तय किया गया था वैसे ही हुआ। उन्होंने अपनी बात रखी। अच्छी बहस हुई। आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का चौथा दिन है। पीएम का भाषण होना है। इससे पहले विपक्ष हाउस में शोर कर रहा है। जबकि सदन के बाकी मेंबर पीएम के भाषण का इंतजार कर रहे हैं। अगर कांग्रेस, पीएम का भाषण नहीं सुनना चाहती है तो मैं उनकी बात नहीं करूंगा लेकिन बाकी लोग सुनना चाहते हैं।