77वें गणतंत्र दिवस पर जहां पटना का गांधी मैदान राष्ट्रगान और परेड की गूंज से गूंजता रहा, वहीं बिहार की सियासत में भी तिरंगे को लेकर अलग तस्वीर देखने को मिली। एक तरफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पार्टी की जिम्मेदारी निभाते हुए झंडोतोलन किया, तो दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने आवास पर ध्वजारोहण करते नजर नहीं आए।
राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय चौधरी सहित सरकार के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद 21 टुकड़ियों की परेड और 12 विभागों की झांकियों ने समारोह को भव्य बना दिया।
पटना के गांधी मैदान में सुबह 8 बजे बिहार के राज्यपाल मो. आरिफ खान तिरंगा फहराएं.महादलित टोला में गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम आयोजित. 60 वर्षीय सिद्धेश्वर मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने झंडा फहराया. कार्यक्रम में मंत्री अशोक चौधरी और संजय झा भी मौजूद रहे.
पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने तिरंगा फहराया।पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने तिरंगा फहराया।
पटना के बीजेपी दफ्तर में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी जूता पहनकर झंडा फहराने पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने टोक दिया। जिसके बाद उन्होंने जूता उतारा।
पटना स्थित राजद कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मांगनी लाल मंडल ने फहराया तिरंगा। रबड़ी आवास और एक पोलो रोड दोनों हो आवास पर लालू यादव ने ही झंडा फरहाया, तेजस्वी कही नजर नहीं आए।रबड़ी आवास और एक पोलो रोड दोनों हो आवास पर लालू यादव ने ही झंडा फरहाया, तेजस्वी कही नजर नहीं आए।
इधर, पटना स्थित राबड़ी आवास और तेजस्वी यादव के सरकारी आवास, दोनों जगहों पर झंडोतोलन की जिम्मेदारी खुद लालू यादव ने संभाली। पार्टी सूत्रों के अनुसार, गणतंत्र दिवस के मौके पर राजद की ओर से झंडा फहराने की परंपरा निभाते हुए लालू यादव ने दोनों स्थानों पर तिरंगा फहराया।
तेजस्वी यादव का इस दौरान सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर न आना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि पार्टी की ओर से उनकी अनुपस्थिति को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
गांधी मैदान में जहां सत्ता पक्ष पूरी मजबूती के साथ मौजूद दिखा, वहीं राजद के कार्यक्रमों में लालू यादव की सक्रियता और तेजस्वी की गैरमौजूदगी ने दिनभर सियासी चर्चाओं को हवा दी। गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगे के साथ यह राजनीतिक तस्वीर भी लोगों की निगाह में रही।







