बिहार की राजनीति में विपक्ष की कार्यशैली पर सरकार को सीसीटीवी लगाने की जरूरत नहीं है। इसकी कमी जेडीयू के नेता और प्रवक्ता नीरज कुमार कर देते हैं। जेडीयू नेता नीरज कुमार की विपक्षी नेताओं की एक गतिविधियों पर पैनी नजर रहती है। साथ ही वो गाहे- बगाहे प्रशासन को भी अलर्ट करते रहते हैं। कुल मिलाकर विपक्ष की कार्यशैली पर निगाहेबानी के लिए नीरज कुमार को लोग तीसरी आंख भी कहते हैं। एक बार फिर उन्होंने लालू- राबड़ी आवास के रात के अंधेर में खाली करने पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि प्रतिपक्ष की नेता माननीय राबड़ी देवी, जिनका पूरा परिवार अनुपस्थित है। दस सर्कुलर रोड से रात में किसकी आज्ञा से, किसने अनुमति प्रदान किया? वहां से पेड़ पौधे ले जाने का मीडिया फुटेज आया है।
नीरज कुमार के सवाल?
उन्होंने आगे कहा कि सवाल ये उठता है कि ये पेड़ पौधा किसका? क्या ये लालू परिवार की निजी जागीर है? या उद्यान विभाग से ये गमला उपलब्ध कराया गया है? साथ ही साथ हमको आशंका है कि जब घर का अभिभावक यहां नहीं है। इसकी आज्ञा किसने दी ये पता नहीं चल पा रहा है? तो उस घर के अंदर तो तहखाना भी हो सकता है! वहां पर जमीन का डीड, सोना चांदी, रुपया! सब तो कर्म, एक भी दुनिया का बचा है नहीं! निश्चित रूप से हमारी आशंका है, इसलिए सरकार सचेत रहे। वहां तहखाना पर, संभवतः बना हुआ होगा। वहां मौजूद सरकारी सामान, ये परिवार निजी इस्तेमाल के लिए लेकर वहां से निकल नहीं जाए? इस पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए।
विभाग को किया अलर्ट
नीरज कुमार ने विभागीय पदाधिकारियों को इशारों में अलर्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि बैगर अनुमति के और सक्षम विभाग को ये अधिकार प्राप्त है कि आप उस संबंध में। पूरी सूची को अद्यतन रखिए। कौन- कौन सरकारी संसाधन वहां इस्तेमाल किया गया है। नहीं तो हमारी आशंका है। तहखाना भी हो सकता है। साथ ही साथ वहां पंखा है। रेगुलेटर है। टायलेट है, उसका टोटी है। साथ ही साथ पाइप है। ऐसा नहीं हो कि सब उखाड़ कर लोग लेकर चले जाएं। बाद में माथा मत पीटिए। कानून के अनुसार सक्षम कार्रवाई होना चाहिए। आम और खास के लिए अलग- अलग नहीं।
10 सर्कुलर रोड मामला
ध्यान रहे कि राबड़ी देवी के आवास को खाली करने के दौरान एक सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया है, जिसमें एक वाहन में आवास के भीतर से पेड़ सहित गमला बाहर जा रहा है। इस पर टिप्पणी करते हुए एक दिन पहले नीरज कुमार ने एक्स पर लिखा था कि सरकारी बंगला खाली करना कोई राजनीति नहीं, कानून है। @RabriDeviRJD जी आपके नाम 39 No. सेंट्रल पूल मकान आवंटित है, फिर भी 10 No. खाली न करना सरकारी संसाधनों का खुला दुरुपयोग है। राबड़ी जी आपको संपत्तियों की कमी नहीं—कौटिल्य नगर या महुआ बाग में रहिए,लेकिन सरकारी बंगले पर कब्ज़ा छोड़िए।







