कांग्रेस की रविवार को राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली है। रैली का नाम वोट चोर गद्दी छोड़ रैली रखा गया है। इसके जरिए पार्टी देश में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर अपने अभियान को और तेज करेगी। देशभर से आए कार्यकर्ताओं का रामलीला मैदान पहुंचना शुरू हो गया है।
रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के संबोधन की संभावना है। साथ ही महासचिव प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, सचिन पायलट सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद रह सकती है।
पार्टी के अनुसार, सभी वरिष्ठ नेता पहले कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में जुटेंगे और फिर बस से रामलीला मैदान पहुंचेंगे। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया कि ‘वोट चोरी’ के खिलाफ करीब 55 लाख हस्ताक्षर जुटाए गए हैं। उन्होंने कहा-
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में असली लड़ाई सत्य और असत्य के बीच चल रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और BJP सत्य को नहीं, बल्कि सत्ता और ताकत को सबसे ऊपर मानती हैं. उन्होंने अमित शाह पर भी वोट चोरी के मुद्दे को लेकर हमला बोला.
राहुल गांधी ने कहा कि
कांग्रेस ने रविवार को राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ नाम से एक बड़ी रैली का आयोजन किया. इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सांसद मनीष तिवारी समेत कांग्रेस के दिग्गज नेता पहुंचे.
लोगों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन में RSS प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान को लेकर तीखा हमला बोला और कहा कि आज देश में असली संघर्ष सत्य और असत्य के बीच चल रहा है.
राहुल गांधी ने कहा कि उनका भाषण पहले से तय था, लेकिन रास्ते में उन्हें जानकारी मिली कि अंडमान-निकोबार में मोहन भागवत ने एक बयान दिया है. उन्होंने कहा, “उनका बयान सुनने के बाद मैंने अपना पूरा भाषण बदल दिया.”
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की संस्कृति और सभी धर्मों की बुनियाद सत्य पर टिकी है. उन्होंने “सत्यम शिवम सुंदरम” का हवाला देते हुए कहा कि सत्य सबसे बड़ा मूल्य है. लेकिन RSS की सोच इससे उलट है.
उनका आरोप था कि मोहन भागवत और RSS की विचारधारा में सत्य की कोई अहमियत नहीं है, वहां सिर्फ ताकत और सत्ता को ही सबसे ऊपर रखा जाता है.
अमित शाह पर राहुल गांधी का हमला
वोट चोरी के मुद्दे को लेकर राहुल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर हमला बोला. राहुल ने कहा, ‘मेरे सवालों का उनके पास कोई जवाब नहीं था. मैंने जो प्रेजेंटेशन में सवाल पूछे थे, सरकार के पास उसका कोई जवाब नहीं था. इसलिए संसद में अमित शाह के हाथ कांप रहे थे.’
‘सत्ता बनाम सत्य’ की लड़ाई का दावा
राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में जो लड़ाई चल रही है, वह सत्ता बनाम सत्य की है. उन्होंने कहा, “उनके पास सत्ता है, ताकत है, लेकिन हमारे पास सत्य है. और मैं गारंटी के साथ कहता हूं कि सत्य के साथ खड़े होकर हम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और RSS-BJP की सरकार को सत्ता से हटाएंगे.”
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था की तरह काम नहीं कर रहा, बल्कि सरकार के साथ मिलकर फैसले ले रहा है.
उन्होंने कुछ चुनाव आयुक्तों के नाम लेते हुए कहा कि यह सब उसी लड़ाई का हिस्सा है, जिसमें सत्य को दबाने की कोशिश की जा रही है.
चुनाव आयुक्तों को इम्यूनिटी वाले कानून पर आपत्ति
राहुल गांधी ने नए कानून पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत चुनाव आयुक्तों को पूरी इम्यूनिटी दी गई है. उन्होंने कहा, “नया कानून कहता है कि चुनाव आयुक्त कुछ भी करें, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती. यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है.”
उन्होंने साफ कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो इस कानून को बदला जाएगा और चुनाव आयोग के अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाएगा.
चुनाव आयुक्तों को सीधे संदेश देते हुए राहुल गांधी ने कहा, “आप भारत के चुनाव आयुक्त हैं, नरेंद्र मोदी के नहीं.”
लोकतंत्र और सत्य की लड़ाई का आह्वान
अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सत्य की लड़ाई लड़ रही है और लोकतंत्र को बचाने के लिए संस्थाओं की निष्पक्षता बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस लड़ाई में जुड़ रहे हैं और यही लोकतंत्र की असली ताकत है.
राहुल गांधी ने सबूतों के साथ इस मुद्दे को उठाया है। रैली के बाद राष्ट्रपति से मुलाकात कर 5.5 करोड़ हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपने का अनुरोध किया जाएगा।
दरअसल, राहुल गांधी चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप में अब तक तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं। उन्होंने आयोग को मोदी सरकार की “B टीम” भी कहा था। भाजपा के साथ वोट चोरी करने का आरोप लगाया था।
9 दिसंबरः संसद में राहुल बोले- बीजेपी देश में चुनाव सुधार नहीं चाहती
राहुल गांधी ने 9 दिसंबर को लोकसभा में कहा था कि RSS और BJP देश की संस्थाओं पर कब्जा कर रही हैं। इनमें चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई, आईबी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट शामिल हैं। इससे साफ है कि बीजेपी चुनाव आयोग को कंट्रोल और निर्देशित (डायरेक्ट) कर रही है। इससे लोकतंत्र को नुकसान हो रहा है।
3 मांगें रखीं, कहा- EVM देखने दी जाए
1. मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट सभी राजनीतिक दलों को चुनाव से एक महीने पहले दी जानी चाहिए।
2. CCTV फुटेज डिस्ट्रॉय करने का नियम भी बदला जाना चाहिए।
3. चुनाव के बाद ईवीएम देखने के लिए दी जाए। वोट चोरी से बड़ा कोई एंटी नेशनल काम नहीं है। सरकार चुनाव सुधार नहीं चाहती।
3 सवाल पूछे
1. चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से CJI को क्यों हटाया गया।
2. दिसंबर 2023 में कानून बदला कि चुनाव आयुक्त को दंडित नहीं किया जा सकता।
3. चुनाव के 45 दिन बाद CCTV फुटेज क्यों डिलीट किए।







