देश की राजधानी से करीब 136 किलोमीटर दूर स्थित हरियाणा के हिसार जिले के छोटे-से गांव पेटवाड़ में एक तपती दोपहर में गेहूं की फसल की मड़ाई चल रही थी। धूप की तपिश में पसीने से तरबतर एक दुबला-पतला किशोर अपने भाइयों के साथ मेहनत करने में मशगूल था। अचानक उसने थ्रेशर मशीन बंद कर दी, आसमान की ओर देखा और बुलंद आवाज में कहा कि मैं अपनी जिंदगी को बदल दूंगा। वह बस मैट्रिक पास एक साधारण-सा लड़का था। उस वक्त किसी को यह अंदाजा नहीं था कि सरकारी स्कूल में बोरी पर बैठने वाला वही तालिब-ए-इल्म, एक दिन अदालती इंसाफ का चेहरा बनकर लोगों को न्याय दिलाने का काम करेगा। उस बच्चे का नाम था सूर्यकांत, जिन्होंने आज भारत के 53वें प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के तौर पर शपथ ले ली है। जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर, 2025 से 9 फरवरी, 2027 तक लगभग 15 महीने देश की सर्वोच्च अदालत का नेतृत्व करेंगे।
जस्टिस सूर्यकांत के पास कितनी है संपत्ति?
आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, देश के नए चीफ जस्टिस सूर्यकांत के पास खुद का कोई वाहन नहीं है, लेकिन उनकी पत्नी के पास वैगनआर है। उनके पास पूरे भारत में छह आवासीय संपत्तियां और दो भूखंड हैं। उनकी संपत्ति में चंडीगढ़ के सेक्टर 10 में एक कनाल का घर और न्यू चंडीगढ़ के इको सिटी- II में 500 वर्ग गज का प्लॉट शामिल है। उनके पास चंडीगढ़ के सेक्टर 18-सी में 192 वर्ग गज का घर और पंचकुला के गोलपुरा गांव में 13.5 एकड़ कृषि भूमि भी है। जस्टिस सूर्यकांत के पास गुरुग्राम के सुशांत लोक-I में 300 वर्ग गज का प्लॉट, DLF-II में 250 वर्ग गज का घर और ग्रेटर कैलाश-I, नई दिल्ली में 285 वर्ग गज की संपत्ति में ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट भी है। अपने गृहनगर हिसार में, उनके पास पेटरवार में 12 एकड़ कृषि भूमि और पेटरवार और हिसार अर्बन एस्टेट- II दोनों में पैतृक घरों में एक तिहाई हिस्सा है।







