आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा कि फिल्म तो शुरू भी नहीं हुई थी, बस 88 घंटे का ट्रेलर दिखा था। अगर पाकिस्तान फिर मौका देता है, तो हम उन्हें बताने में पीछे नहीं हटेंगे कि जिम्मेदार देश पड़ोसियों से कैसे पेश आते हैं।
आर्मी चीफ दिल्ली में चाणक्य डिफेंस डायलॉग के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत प्रगति की बात करता है, इसलिए जो लोग आतंक फैलाते हैं, उन्हें रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं। आर्मी चीफ ने बताया,
भारतीय सेना भविष्य को जमीन से जुड़कर देखती है। हम पांच जेनरेशन की वॉरफेयर में लड़ रहे हैं और सेना उसी के अनुसार खुद को बदल रही है। पहले युद्ध में फैसले लेने में दिन लग जाते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। अगर युद्ध 48 घंटे में भी लड़ना पड़े तो देश की पूरी ताकत एक साथ लगानी होगी।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि असली ताकत वही होती है जब दुश्मन को यकीन हो कि अगर उसने कोई गलती की तो भारत तुरंत कार्रवाई करेगा। आज भारत की डिफेंस क्षमता इतनी मजबूत हो चुकी है कि सामने वाला देश हमारे इरादों को गंभीरता से लेता है।
आर्मी चीफ की 6 बड़ी बातें…
1. डिप्लोमेसी में सेना की भूमिका अहम- विदेश मंत्री एस जयशंकर पिछले साल अक्टूबर में सेना कमांडरों को संबोधित कर चुके हैं और उन्होंने साफ कहा था कि डिफेंस डिप्लोमेसी में भारतीय सेना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें सीखने के साथ बहुत योगदान देने की भी जरूरत है।
2. भारत-चीन संबंधों में बड़ा बदलाव आया- अक्टूबर 2024 से अब तक भारत-चीन संबंधों में बड़ा बदलाव आया है। दोनों देशों ने समझा कि सामान्य स्थिति बहाल करना ही फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर 2024 को पूर्वी लद्दाख में हुए समझौते से दोनों पक्षों को बड़ा लाभ मिला।
3. लोग जम्मू-कश्मीर आना चाह रहे- आज आम नागरिक पूरे भारत में घूमना चाहते हैं और बाहर के लोग भी जम्मू-कश्मीर आना चाह रहे हैं। जो लोग हालात खराब होने पर घाटी छोड़कर चले गए थे, वे अब लौटकर योगदान देना चाहते हैं।
4. सेना बड़े बदलावों पर काम कर रही- सेना तेजी से बदलाव और सुधार की दिशा में काम कर रही है। रक्षा मंत्री ने इस साल को ‘ईयर ऑफ रिफॉर्म’ घोषित किया था, जबकि सेना पहले से ही ‘डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ यानी 10 साल के बड़े बदलावों पर काम कर रही है।
5. आधुनिक युद्ध का चेहरा बदल रहा है- युद्ध अब केवल जमीन, समुद्र और हवा तक सीमित नहीं है। आज युद्ध में साइबर, स्पेस, इंफॉर्मेशन वॉरफेयर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम और कॉग्निटिव वॉरफेयर जैसे नए मोर्चे जुड़ गए हैं। इस वजह से थियेटर कमांड का ढांचा भी दो-फ्रंट सीमा और आंतरिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
6. रक्षा बजट में बढ़ोतरी, फंड की कोई कमी नहीं- पद संभालने के बाद मैंने देश के शीर्ष नेताओं से बात की, और सभी ने भरोसा दिलाया कि बजट की चिंता न करें। 2024-25 में रक्षा खरीद के लिए ₹22,000 करोड़ मिले थे, लेकिन इसे बढ़ाकर ₹28,000-₹39,000 करोड़ कर दिया गया।
आर्मी चीफ के पिछले 2 बयान
5 नवंबर- आज कोई भी देश अकेले सुरक्षित नहीं
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 5 नवंबर को दिल्ली में हुए ‘इंडिया डिफेंस कॉन्क्लेव 2025’ में कहा कि आज दुनिया में कई तरह के खतरे हैं और ये तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में कोई भी देश अकेले सुरक्षित नहीं रह सकता। अब सबको मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा- रक्षा क्षेत्र में मिलजुलकर की गई खोज (इनोवेशन) ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।
1 नवंबरः हमने कभी नमाज के वक्त हमला नहीं किया
जनरल उपेंद्र द्विवेदी 1 नवंबर को 53 साल बाद अपने बचपन के स्कूल सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे थे। इस दौरान आर्मी चीफ ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर एक धर्म युद्ध था, यह आगे भी जारी रहेगा। हमने किसी भी निर्दोष को नुकसान नहीं पहुंचाया, न ही नमाज या किसी भी धार्मिक प्रार्थना के समय हमला किया।
राज्य-प्रायोजित आतंकवाद पर कड़ा संदेश
सेना प्रमुख ने दो-टूक कहा कि अगर कोई देश आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो वह भारत के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ‘भारत विकास की बात करता है। अगर कोई हमारी राह में बाधा डालेगा, तो हमें कार्रवाई करनी होगी।’ ‘नई सामान्य स्थिति यह है कि बातचीत और आतंक, दोनों साथ नहीं चल सकते।’ ‘जो लोग आतंकियों को बढ़ावा देते हैं, उन्हें भी हम उसी नजर से देखेंगे। भारत किसी ब्लैकमेल से डरता नहीं।’
ऑपरेशन सिंदूर, 88 घंटे का ट्रेलर’
जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की क्षमता का सिर्फ एक झलक था। उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर 88 घंटे में खत्म हुआ… यह तो बस एक ट्रेलर था।’ ‘अगर पाकिस्तान मौका देगा, तो हम उसे सिखाएंगे कि पड़ोसी देश से कैसे जिम्मेदारी से व्यवहार किया जाता है।’ ‘हम हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’
आधुनिक युद्ध- कई मोर्चों पर एक साथ लड़ाई
उन्होंने कहा कि आज युद्ध सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि कई डोमेन्स- जमीन, हवा, समुद्र, साइबर और अंतरिक्ष, में एक साथ लड़े जाते हैं। थल सेना प्रमुख ने कहा, ‘कितनी देर युद्ध चलेगा, यह कोई नहीं कह सकता… इसलिए हमें लंबी अवधि तक चलने वाली सप्लाई सुनिश्चित रखनी होती है।’
कश्मीर में हालात बदले- 2019 के बाद बड़ा फर्क
सेना प्रमुख ने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। ‘राजनीतिक स्पष्टता आई है और आतंकवाद में बड़ी गिरावट हुई है।’ इस दौरान एलएसी, भारत-चीन संबंधों और कूटनीति पर बात करते हुए, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, ‘सामान्य स्थिति लाने के लिए दोनों देशों के नेताओं के बीच बातचीत के बाद पिछले अक्तूबर से हमारे (भारत और चीन) संबंधों में काफी सुधार हुआ है।
मणिपुर पर उम्मीद की किरण
वहीं मणिपुर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘अगर सब ठीक रहा तो राष्ट्रपति का मणिपुर दौरा हो सकता है… उम्मीद से भरे दिन लौट रहे हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि देश की राजनीतिक इच्छाशक्ति ने भारत की सैन्य क्षमता को और मजबूत किया है। ‘आज भारत का प्रतिरोधक क्षमता बेहद मजबूत है।’







