आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश की यूनुस सरकार के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है. ढाका लॉकडाउन के तहत हो रहे इस आंदोलन में अब तक 17 बसें जलने की खबर है. ढाका में 5 जगहों पर धमाके की भी सूचना है. आवामी लीग के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए ढाका और मेमन सिंह मार्ग जैसे बड़े शहरों में सेना की तैनाती की गई है.
बांग्लादेशी आउटलेट प्रथम आलो के मुताबिक गुरुवार (13 नवंबर) को आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले कमालपुर स्टेशन और गोपालगंज पीडब्ल्यूडी ऑफिस के बाहर आगजनी की. इस आगजनी में कार्यकर्ताओं ने 2 बसें फूंक दी.
सड़कों पर क्यों उतरे आवामी लीग के लोग?
बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ 13 नवंबर यानी आज इंटरनेशनल कोर्ट का पहला फैसला आ रहा है. आवामी लीग के कार्यकर्ताओं को डर है कि इस फैसले में शेख हसीना को दोषी करार दिया जाएगा, जिसके कारण आने वाले वक्त में उनकी बांग्लादेश वापसी मुश्किल है.
हसीना पर जुलाई 2024 में विद्रोह के दौरान मानवता का उल्लंघन करने का आरोप है. बांग्लादेश सरकार के मुताबिक हसीना के कहने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी. इस मामले में हसीना के अलावा बांग्लादेश के पूर्व गृह मंत्री भी आरोपी हैं.
यही वजह है कि आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है. इतना ही नहीं, दिल्ली में बैठी हसीना भी फिर से सक्रिय हो गई हैं. हसीना ने एक इंटरव्यू में यूनुस सरकार पर अमेरिका का मोहरा होने का आरोप लगाया.
वहीं यूनुस सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि यह हिंसा हसीना के कहने पर हो रहा है. हसीना बांग्लादेश को फिर से आग में झोंकना चाहती है. सरकार ने लोगों से 13 नवंबर को घरों में ही रहने के लिए कहा है.
आवामी लीग के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता अरेस्ट
बांग्लादेश की पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए आवामी लीग के 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को पिछले 24 घंटे में अरेस्ट किया है. पुलिस संदेह के आधार पर इन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रही है.
बांग्लादेश सरकार के मुताबिक आंदोलन को कुचलने के लिए बीजीपी, पुलिस और सेना के जवानों की तैनाती की गई है. खुफिया एजेंसी को भी हाईअलर्ट पर रखा गया है.






