दरभंगा में रविवार को जाले विधायक और मंत्री जीवेश कुमार मिश्रा पर एक यूट्यूबर ने मारपीट का आरोप लगाया। अब इस मामले पर मंत्री जीवेश मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पीड़ित यूट्यूबर दिवाकर को साथ लेकर तेजस्वी यादव खुद दरभंगा के सिंहवाड़ा थाने पहुंचे और मंत्री पर केस दर्ज कराया। उन्होंने कहा, ‘अगर पुलिस ने हिरासत में नहीं लिया तो हम चक्का जाम करेंगे।’ इससे पहले सुबह 9 बजे तेजस्वी यादव ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को घेरा। मंत्री का इस्तीफा मांगा और FIR की मांग की। उन्होंने कहा- ‘मंत्री जी को जवाब नहीं देना था तो चुप रहते, मारने की क्या जरूरत थी। पत्रकार को किडनैप करने का प्रयास तक किया गया। मैं SP से कहूंगा कि वो निष्पक्ष जांच करें।’ ‘मंत्री जी को सवाल अच्छा नहीं लगा तो पीट दिए। मां की गाली दी। आज इसको पीटे हैं, कल आपको पिटेंगे। इसलिए मुझे लगा, मुझे यहां आना चाहिए। न्याय की मांग करनी चाहिए।’
तेजस्वी ने कहा- मंत्री को बचाने की कोशिश होगी
तेजस्वी यादव ने कहा- मुझे लगता है, प्रशासन लॉ के हिसाब से नहीं चलता है। ऊपर से क्या आदेश आता है, उससे चलता है। अब मामले की लीपापोती होगी। मंत्री जी को बचाने की कोशिश होगी। उनके लोग कहेंगे कि मंत्री पर हमला होने वाला था।’ ‘भाजपा वाले सत्ता के नशे में भूल गए हैं कि कुर्सी से कोई चिपक कर नहीं रह सकता। मैं कोई भी चीज भूलता नहीं हूं। हमलोग सत्ता में आनेवाले हैं और न्याय दिलाएंगे।’ इससे पहले पटना में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘मंत्री जीवेश मिश्रा से जब पत्रकार ने सवाल पूछा तो उसको मारा गया। मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। भाजपा के यही संस्कार है।’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने दरभंगा में हुए विवाद का एक वीडियो भी दिखाया।
यूट्यूबर बोला- सवाल पूछा तो मंत्री ने कहा मारो इसे
यूट्यूबर दिलीप कुमार सहनी उर्फ दिवाकर का कहना है, ‘मैंने मंत्री से सिर्फ व्यवस्थाओं पूछा था। पहले तो वे कुछ नहीं बोले, लेकिन जब मैंने दोबारा सवाल किया तो जीवेश मिश्रा और उनके सहयोगियों ने मेरी पिटाई कर दी। मेरा माइक तोड़ दिया, कपड़े भी फाड़ दिए। मेरे साथ गाली-गलौज भी की गई।’
क्या पूरा मामला?
घटना के बाद पत्रकार पुलिस के पास शिकायत लेकर गए, ताकि मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सके. हालांकि, पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की. तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि क्या कानून सबके लिए समान है, अगर है तो मंत्री के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. उन्होंने कहा कि प्रशासन और मंत्रियों के बीच ऐसी जोड़ी बन गई है कि अपराध करने पर भी पकड़ नहीं होगी.
‘पत्रकारों की एफआईआर दर्ज करें प्रशासन’
तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर पत्रकारों के साथ यह स्थिति है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या भरोसा. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल उठाया कि क्या मंत्री ने पत्रकार की मां और बहन की गालियां दीं और अगर यह सही है तो उन्हें मंत्री पद से हटाकर जेल भेजा जाना चाहिए. तेजस्वी ने कहा कि बिहार में चुनाव के दौरान ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो जनता और विपक्ष प्रदर्शन करेंगे.
नहीं हुई कार्रवाई तो बिहार बंद जैसे उठाएं जाएंगे कदम- तेजस्वी
तेजस्वी यादव और उनके समर्थक अब दरभंगा जा रहे हैं और पत्रकार के साथ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि कानून के प्रति ढील और मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने पर बिहार बंद जैसे कदम उठाए जा सकते हैं.
कानून और प्रशासन पर सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री घूस लेते हुए, लोगों को गालियां देते हुए और हत्या जैसे मामलों में भी कानून से बरी रह जाते हैं. तेजस्वी यादव ने इसे बिहार में ‘जंगलराज’ बताया और कहा कि अगर उनकी सरकार होती तो ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई होती.
मंत्री बोले- आरोप बेबुनियाद
वहीं मंत्री जीवेश कुमार ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा- पिटाई का आरोप पूरी तरह से झूठा है। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। घटना के संबंध में SDPO से जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
दरअसल, गांव में अर्जुन सहनी की मां का निधन हो गया था। मंत्री शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए अर्जुन के घर पहुंचे थे। अर्जुन ने कहा, ‘मंत्री मेरे घर आ रहे थे। इसी बीच यूट्यूबर ने रास्ते में ही उन्हें घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया। मंत्री जी मेरे घर में बैठ भी नहीं पाए। बस 2 मिनट में ही चले गए।’
सूचना के बाद SDPO शुभेंद्र कुमार सुमन मौके पर पहुंचे और गांव का माहौल शांत कराया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।







