प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2 दिवसीय जापान दौरा शनिवार को संपन्न हो गया। इस ऐतिहासिक दौरे के बाद वह अब चीन के शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
अमेरिकी टैरिफ से मची वैश्विक उथल-पुथल के बीच पीएम मोदी जापान और चीन के दौरे पर हैं। आज जापान दौरा पूरा कर पीएम मोदी चीन के लिए रवाना हो गए हैं। जापान दौरे के आखिरी दिन पीएम मोदी ने सेनडाई में टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री का मुआयना किया। उन्होंने जापान की हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन की सवारी भी की। चीन में पीएम मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। चीन में पीएम मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठकें भी करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने किया ट्वीट
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक पोस्ट के जरिये बताया कि “जापान की एक अत्यंत सफल यात्रा संपन्न हुई। इसने भारत-जापान सहयोग को और गहरा करने के लिए आगे का मार्ग प्रशस्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तिआनजिन, चीन के लिए रवाना हो गए हैं।”
पीएम मोदी ने किया ये पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “जापान की यह यात्रा उन सकारात्मक उपलब्धियों के लिए याद रखी जाएगी, जो हमारे दोनों देशों की जनता के लिए लाभकारी होंगी। मैं प्रधानमंत्री इशिबा, जापान की जनता और वहां की सरकार का उनकी गर्मजोशी के लिए धन्यवाद करता हूं।
पीएम मोदी बोले- याद रहेगी जापान की यह यात्रा
प्रधानमंत्री अपनी जापान की दो दिवसीय यात्रा का समापन कर चीन के लिए रवाना हो गए हैं। जापान यात्रा के समापन पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि जापान की यह यात्रा याद रखी जाएगी। उन्होंने लिखा कि ‘जापान की यह यात्रा उन उपयोगी परिणामों के लिए याद रखी जाएगी जिनसे हमारे देश के लोगों को लाभ होगा। मैं प्रधानमंत्री इशिबा, जापानी जनता और सरकार को उनकी गर्मजोशी के लिए धन्यवाद देता हूं।’
चीन में पीएम मोदी एससीओ बैठक में शिरकत करेंगे, जिसका आयोजन चीन के तियानजिन शहर में होगा।
जापान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी का बड़ी ही धूमधाम से स्वागत किया. साथ ही जापान के पीएम ने मोदी के सम्मान में रात के खाने का आयोजन भी किया था. दूसरे दिन पीएम मोदी ने पीएम के साथ टोक्यो से सेंडाइ तक शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में एक साथ यात्रा की, खाना खाया, और एक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री का दौरा भी किया. जापान के प्रधानमंत्री ज्यादा से ज्यादा समय पीएम मोदी के साथ ही रहे.
कई एतिहासिक समझौतों पर किए गए हस्ताक्षर
पीएम मोदी की इस यात्रा के बाद भारत और जापान के रिश्तों में और अधिक मजबूती आएगी. जापान ने भारत में अगले 10 सालों में 10 ट्रिलियन जापानी येन के निवेश करने की घोषणा की है. इसका केंद्र इंडियाजापान जॉइंट विजन फॉर द नेक्स्ट डिकेड है, जिसमें आर्थिक विकास, सुरक्षा, तकनीक, नवाचार, स्वास्थ्य, स्थिरता, मोबिलिटी और लोगों के बीच आपसी संबंध जैसे अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है.
इसके अलावा रक्षा और मानव संसाधन आदान-प्रदान से लेकर डिजिटल नवाचार, जरूरी खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान और सांस्कृतिक सहयोग तक, कई अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए.
सभी दलों का मिला समर्थन
प्रधानमंत्री की इस यात्रा की सबसे खास बात थी कि जापान में सभी दल के नेताओं का समर्थन मिला. पीएम मोदी ने जापान के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों, योशीहिदे सुगा और फुमियो किशिदा से भी मुलाकात की. उन्होंने सांसदों के एक समूह के साथ-साथ संसद के स्पीकर से भी मुलाकात की.
इसके अलावा 16 प्रांतों के राज्यपाल प्रधानमंत्री मोदी से मिलने टोक्यों आए और उन्होंने मोदी से मुलाकात की. यह राज्य स्तरीय सहभागिता जापान और भारत के मजबूत होते रिश्तों का एक अनूठा उदाहरण है.
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर प्लांट का दौरा किया
पीएम मोदी ने सेनडाई में सेमीकंडक्टर प्लांट का दौरा किया। इसकी पीएम मोदी ने कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं। इन तस्वीरों के साथ पीएम मोदी ने लिखा कि ‘प्रधानमंत्री इशिबा और मैंने टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री का दौरा किया। हम प्रशिक्षण कक्ष और उत्पादन नवाचार प्रयोगशाला गए और कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से बातचीत की। सेमीकंडक्टर क्षेत्र भारत-जापान सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने इस क्षेत्र में काफी प्रगति की है। बहुत से युवा भी इससे जुड़ रहे हैं। हम आने वाले समय में भी इस गति को जारी रखना चाहते हैं।’
सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अग्रणी जापानी कंपनी, टीईएल (टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री) मियागी, भारत के साथ सहयोग की योजना बना रही है। पीएम मोदी को वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में टीईएल की भूमिका, इसकी उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और भारत के साथ इसके चल रहे नियोजित सहयोग के बारे में जानकारी दी गई। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान में कहा कि इस यात्रा से नेताओं को सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, निर्माण और परीक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच मौजूद अवसरों की व्यावहारिक समझ मिली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र् मोदी ने जापान के पीएम को दिया एक अनोखा उपहार
प्रधानमंत्री नरेंद्र् मोदी ने जापान के पीएम को एक अनोखा उपहार सौंपा। चार छोटे बाउल्स और चांदी की चॉपस्टिक्स के साथ एक बड़े भूरे रंग के मूनस्टोन बाउल को बतौर उपहार भेंट किया। चांदी की चॉपस्टिक्स से सजे ये विंटेज कीमती पत्थर के बाउल भारतीय कला और जापानी पाक कला की परंपरा का एक अनूठा मिश्रण हैं। चार छोटे बाउल्स और चांदी की चॉपस्टिक्स के साथ एक बड़े भूरे रंग के मूनस्टोन बाउल से सजे इस बाउल की प्रेरणा जापान के डोनबुरी और सोबा रीति-रिवाजों से ली गई है।
वहीं पीएम मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री की पत्नी को कागज़ की लुगदी के डिब्बे में पश्मीना शॉल भेंट की। लद्दाख के चंगथांगी बकरी के महीन ऊन से बनी यह पश्मीना शॉल अपने हल्के, मुलायम और गर्म होने के कारण दुनिया भर में सराहा जाता है। कश्मीरी कारीगरों द्वारा हाथ से बुना गया यह शॉल सदियों पुरानी परंपरा को दर्शाता है जिसे कभी राजघराने संजोते थे।
इस शॉल का आधार हाथीदांत का है और इसमें लगे, गुलाबी और लाल रंग के नाज़ुक पुष्प और पैस्ले डिज़ाइन हैं, जो क्लासिक कश्मीरी डिज़ाइन और शिल्प कौशल को दर्शाते हैं।यह हाथ से पेंट किए गए पेपर-मैचे बॉक्स में आता है, जिस पर फूल और पक्षी आकृतियां सजी हैं, जो इसकी सुंदरता और सांस्कृतिक मूल्य को बढ़ाती हैं। शॉल और बॉक्स मिलकर कश्मीर की कलात्मकता, विरासत और कालातीत लालित्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कई परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत
पीएम मोदी की यात्रा के दौरान, भारत और जापान ने कई परिवर्तनकारी पहलों की शुरुआत की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जापान की यह यात्रा उन उपयोगी परिणामों के लिए याद रखी जाएगी जिनसे हमारे देश के लोगों को लाभ होगा। मैं (जापान के) प्रधानमंत्री (शिगेरू) इशिबा, जापानी जनता और सरकार को उनकी गर्मजोशी के लिए धन्यवाद देता हूं।’’ चीन रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को जापान में मियागी प्रांत के सेंडाई स्थित सेमीकंडक्टर संयंत्र गए। इससे एक दिन पहले भारत एवं जापान ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने का संकल्प लिया था। मोदी अपने जापानी समकक्ष इशिबा के साथ बुलेट ट्रेन से सेंडाई पहुंचे। सेंडाई तोक्यो से 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित है। प्रधानमंत्री इशिबा ने सेंडाई में मोदी के सम्मान में दोपहर भोज की मेजबानी की जिसमें मियागी प्रांत के गवर्नर और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।







