बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, सीपीआई(एमएल) के दीपांकर भट्टाचार्य और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी “बिहार वोट अधिकार यात्रा” पर हैं. इसी कड़ी में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के मुंगेर के खानकाह रहमानी पहुंचकर मस्जिद में जाने को लेकर सियासत गरमा गई है. बीते चार दिनों से यह मुद्दा बिहार की राजनीति में टॉप ट्रेंड पर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मजहबी टोपी पहनने से इनकार के बाद राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के जुमे की नमाज में शामिल होने पर सत्तापक्ष हमलावर है.
खानकाह मस्जिद आएं थे राहुल गांधी और तेजस्वी?
खानकाह रहमानी परिसर में स्थित यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर साजिद रहमानी ने बताया कि मेंन स्ट्रीम मीडिया में चर्चा है कि राहुल और तेजस्वी खानकाह मस्जिद आए थे. जबकि सच्चाई यही है कि वे लोग खानकाह रहमानी आए थे. इस दौरान 45 मिनट तक SIR पर चर्चा हुई थी.
खानकाह रहमानी परिसर में स्थित यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर साजिद रहमानी ने बताया कि मेंन स्ट्रीम मीडिया में चर्चा है कि राहुल और तेजस्वी खानकाह मस्जिद आए थे. जबकि सच्चाई यही है कि वे लोग खानकाह रहमानी आए थे. इस दौरान 45 मिनट तक SIR पर चर्चा हुई थी.
कई कब्र पर गए थे राहुल-तेजस्वी
साजिद रहमानी के मुताबिक खानकाह रहमानी परिसर में मौलाना रहमानी साहब का कब्र है. यहां उनके पिताजी का भी कब्र है. यहां वे लोग गए थे. इतना ही नहीं बिहार, झारखंड ,बंगाल सहित अन्य राज्यों के अमीरे शरीयत मौलाना अब्दुल्लाह के कब्र पर भी गए थे. कोरोना काल में इनका इंतकाल हुआ था. इतना ही नहीं परिसर में स्थित अलीम मुंगेरी के कब्र पर भी गए थे. इसके बाद सज्जादानशीन हजरत मौलाना फैसल वली रहमानी से मुलाकात की.
साजिद रहमानी के मुताबिक खानकाह रहमानी परिसर में मौलाना रहमानी साहब का कब्र है. यहां उनके पिताजी का भी कब्र है. यहां वे लोग गए थे. इतना ही नहीं बिहार, झारखंड ,बंगाल सहित अन्य राज्यों के अमीरे शरीयत मौलाना अब्दुल्लाह के कब्र पर भी गए थे. कोरोना काल में इनका इंतकाल हुआ था. इतना ही नहीं परिसर में स्थित अलीम मुंगेरी के कब्र पर भी गए थे. इसके बाद सज्जादानशीन हजरत मौलाना फैसल वली रहमानी से मुलाकात की.
जामिया रहमानी फाउंडेशन के जेनरल सेकरेट्री मौलाना आरिफ रहमानी ने बताया कि खानकाह रहमानी सूफी संतों के रहने की जगह है. जहां राहुल-तेजस्वी रुके थे. जबकि सत्तापक्ष खानकाह मस्जिद जानें कि बात कह रहे हैं, वह नवाज पढ़ने की जगह है. जहां वे लोग नहीं गए थे. दोनों स्थान एक ही कैंपस में है, पर जगह अलग-अलग है.







