बिहार की राजनीति में वोटर लिस्ट को लेकर हंगामा मचा हुआ है. यहां आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बाद अब उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा भी दो वोटर लिस्ट के मामले पर घिर गए हैं. चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, वहीं तेजस्वी यादव ने उनके खिलाफ FIR की मांग की है. इसी बीच, चुनाव आयोग ने बड़ा दावा किया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर राजनीतिक दलों ने अभी तक कोई दावा या आपत्ति दर्ज नहीं कराई है. वहीं, बिहार SIR मामले में पप्पू यादव सहित अन्य की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा.
निर्वाचन आयोग ने बिहार के उपमुख्यमंत्री को दो मतदाता पहचान पत्र रखने के लिए नोटिस भेजा
निर्वाचन आयोग ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को कथित तौर पर दो मतदाता पहचान पत्र रखने और दो स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के लिए नोटिस जारी किया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री के पास दो मतदाता पहचान पत्र हैं और पूछा कि सिन्हा के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई. एक अधिकारी ने बताया, ‘सिन्हा को कथित तौर पर दो मतदाता पहचान पत्र रखने के लिए नोटिस दिया गया है. उनसे पूछा गया है कि उनके पास दो मतदाता पहचान पत्र क्यों हैं.’ विपक्ष के नेता यादव ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया, ‘विजय कुमार सिन्हा दो जिलों के दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से मतदाता हैं. उनका नाम लखीसराय के लखीसराय विधानसभा क्षेत्र और पटना जिले के बांकीपुर विधानसभा सीट में भी है.’ रविवार को बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा उपमुख्यमंत्री को जारी एक पत्र में, सिन्हा से दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने और दो पहचान पत्र रखने के लिए 14 अगस्त तक जवाब मांगा गया है.
संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे INDIA ब्लॉक के नेता
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान कथित ‘मतदाता धोखाधड़ी’ के खिलाफ INDIA ब्लॉक के नेता संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे. इसे देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और परिवहन भवन के बाहर बैरिकेड्स लगाए गए हैं.
‘किसी से कोई शिकायत नहीं मिली…’ बिहार में SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा दावा
बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) मामले में बढ़ते हंगामे के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा दावा किया है. आयोग ने कहा, ‘बिहार में ड्राफ्ट मतदाता सूची पर राजनीतिक दलों ने अभी तक कोई दावा या आपत्ति दर्ज नहीं कराई है. 10 दिन बीत जाने के बाद भी राजनीतिक दलों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.’ यह दावा विपक्षी दलों के आरोपों के विपरीत है, जहां वे मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं. आयोग ने स्पष्ट किया कि सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों को अवसर दिया गया है, लेकिन कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई.
दो वोटर आईडी पर घिरे विजय सिन्हा, तेजस्वी ने बोला हमला, EC ने मांगा जवाब
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा दो जिलों लखीसराय और पटना की वोटर लिस्ट में नाम होने के मामले में फंस गए हैं. चुनाव आयोग ने इस मामले में उन्हें नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. उधर सिन्हा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने लखीसराय से अपना नाम कटवाने के लिए पहले ही आवेदन दे दिया है. उन्होंने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा, ‘यह विपक्ष की साजिश है, मैंने सभी नियमों का पालन किया है.’
इससे पहले विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, ‘डिप्टी सीएम पर दो वोटर लिस्ट में नाम होने का आरोप गंभीर है. चुनाव आयोग को तुरंत FIR दर्ज करानी चाहिए और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.’ वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी हमला बोलते हुए कहा, ‘बिहार के उपमुख्यमंत्री के दो-दो वोटर कार्ड निकल रहे हैं, इसका क्या मतलब है? हमने चुनाव आयोग को सारे सबूत सौंप दिए हैं. यह चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है.’







