शेयर बाजार में आज 25 जुलाई को गिरावट देखने को मिल रही है. सेंसेक्स 12:40 बजे पर 650 अंक फिसलकर 81,520 के करीब ट्रेड कर रहा है. निफ्टी 200 अंक लुढ़कर 24,840 के पास कारोबार कर रहा है. भारत और यूके के बीच 24 जुलाई को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) होने के बावजूद बाजार में यह गिरावट देखने को मिल रही है.
निवेशकों को उम्मीद थी कि यह डील बाजार को मजबूती देगी, लेकिन इसके लंबे समय के असर का इंतजार और ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेतों ने माहौल को बिगाड़ दिया है.
शेयर बाजार में भारी गिरावट
सुबह के कारोबार में ही कई बड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई. बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, कोटक बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, रिलायंस, पावर ग्रिड और एचयूएल जैसे बड़े शेयर 6 प्रतिशत तक गिर गए. सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में नजर आए. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.42 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे फिसल गए.
सेक्टोरल इंडेक्स में भी यही हाल रहा. निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 1.22 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है और निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.34 प्रतिशत टूटा गया है. यानी एफटीए डील के बावजूद ऑटो सेक्टर में कोई सुधार नहीं दिखा. हालांकि, कुछ सेक्टरों ने बाजार को थोड़ा संभालने की कोशिश की. निफ्टी फार्मा सेक्टर में 0.19 प्रतिशत की हल्की बढ़त देखी गई. लेकिन ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों और कुछ बड़े शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाए रखा.
आखिर क्यों लहूलुहान हुआ शेयर मार्केट?
इस गिरावट की कई वजहें हैं. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है. इसके अलावा, एक तो ग्लोबल मार्केट में कमजोरी, भारत-यूके एफटीए डील के लॉन्ग टर्म फायदों को लेकर निवेशक सतर्क हैं. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि डील से तुरंत फायदा मिलने की उम्मीद कम है. साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल ट्रेड में तनाव ने भी बाजार को प्रभावित किया है. विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की भारी बिकवाली ने शेयर बाजार की गिरावट को और बढ़ाने का काम किया है. बुधवार को इन निवेशकों ने 4,209.11 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिसके कारण खासकर बड़े शेयरों (लार्जकैप) पर दबाव बढ़ गया.
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निवेशकों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है. बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेश करने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह लें. रिपोर्ट के मुताबिक, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स ने जानकारी दी है कि बाजार में अभी तक थकान के कोई फैक्टर्स नहीं दिखे हैं, लेकिन निफ्टी को आगे बढ़ने से पहले एक हॉरिजेंटल रेजिस्टेंस का मुकाबला करना पड़ सकता है.







