बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की जनता को बड़ी सौगात देते हुए 1 अगस्त, 2025 से सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने बताया कि यह लाभ जुलाई माह के बिल से ही लागू हो जाएगा, जिससे राज्य के कुल 1 करोड़ 67 लाख परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा.
सूत्रों के मुताबिक, सरकार राज्य में पंजाब मॉडल लागू करेगी। इस फैसले से राज्य पर 3 हजार 376 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। सरकार आज यानी शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी देगी।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार 125 यूनिट से ऊपर खर्च होने वाली यूनिट पर सब्सिडी को पूरी खत्म कर सकती है। इससे गांववालों को 125 यूनिट से ऊपर के खर्च पर प्रति यूनिट तिगुनी कीमत चुकानी होगी। जबकि, शहरी कंज्यूमर को प्रति यूनिट डेढ़ गुना पैसा देना होगा।
दिल्ली नहीं, पंजाब बिजली मॉडल लागू होगा
दिल्ली सरकार उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रही है। लेकिन, इसके बाद एक यूनिट भी अधिक बिजली खपत होती है तो उन्हें पूरे 201 यूनिट का बिल चुकाना होता है।
वहीं, दूसरी ओर पंजाब सरकार उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देती है। लेकिन यहां इससे अधिक खपत पर 300 से जितनी अधिक यूनिट होगी, उसका ही बिल चुकाना होता है। बिहार में भी पंजाब मॉडल लागू किया जाएगा।
सवाल- हमारे घर हर महीने बिजली की खपत 125 यूनिट है। अगले महीने से बिल कितना आएगा।
जवाब- नए नियम के मुताबिक, बिजली का बिल जीरो आएगा, लेकिन फिक्स चार्ज डिमांड और इलेक्ट्रिसिटी चार्ज आपको देना होगा।
सवाल- इस महीने 130 यूनिट बिजली की खपत हुई है। नए नियम के अनुसार कितना बिल आएगा?
जवाब- बिल सिर्फ 5 यूनिट का देना होगा। हालांकि, ये 5 यूनिट का बिल आयोग के तय रेट पर देना होगा। इसमें फिक्स चार्ज डिमांड और इलेक्ट्रिसिटी चार्ज अलग से जुड़ेगा।
घर शहर में है और घरेलू कनेक्शन है तो क्या होगा?
मान लीजिए, आपके घर 300 यूनिट बिजली की खपत हुई। तब आपको इसमें 125 यूनिट का पैसा नहीं देना होगा। यानी अब आपको 175 यूनिट का बिल देना होगा। लेकिन इस 175 यूनिट का बिल सब्सिडी यानी 5 रुपए 52 पैसा वाला नहीं होगा। आयोग की रेट 8 रुपए 95 पैसा प्रति यूनिट देना होगा। यानी अभी से डेढ़ गुनी रेट देनी होगी।
इस तरह आपका बिल 175X8.95 मतलब 1566.25 रुपए देना होगा। हालांकि, अगर सरकार 125 यूनिट फ्री न कर मौजूदा रेट 5 रुपए 52 पैसा प्रति यूनिट रखती तो बिल 300X5.52 =1656 रुपए आता। इस तरह सरकार की नई स्कीम से सिर्फ 90 रुपए की बचत होगी।
400 यूनिट वालों को देना होगा अधिक पैसा
सरकार के फ्री स्कीम से 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को फायदा नहीं, नुकसान होगा। इस इस तरह समझिए…
अभी 400 यूनिट खर्च पर 400X5.52 मतलब 2,208 रुपए देना पड़ता है। लेकिन नई स्कीम के तहत अब आपको 400 यूनिट नहीं, 275 यूनिट का बिल देना होगा। जो अभी के बिल से 253 रुपए अधिक होगा। 275X8.95 मतलब 2461.61 रुपए देना होगा।
गांव में घर है और घरेलू कनेक्शन है तो क्या होगा?
इसमें भी आपको 300 यूनिट की जगह 175 यूनिट का बिल देना होगा। लेकिन इस 175 यूनिट का बिल सब्सिडी यानी 2 रुपए 45 पैसा वाला नहीं होगा। आयोग की रेट 7 रुपए 42 पैसा प्रति यूनिट देना होगा। यानी अभी से प्रति यूनिट तिगुनी रेट हो जाएगी।
इस तरह आपका बिल 175X7.42 मतलब 1298.50 रुपए देना होगा। हालांकि, अगर सरकार 125 यूनिट फ्री न कर मौजूदा रेट 2 रुपए 45 पैसा प्रति यूनिट का रखती तो बिल 300X2.45 मतलब 735 रुपए आता। इस तरह सरकार की नई स्कीम से फायदा की जगह 563 रुपए ज्यादा देना होगा। यानी 300 यूनिट खर्च करने वाले ग्रामीणों को घटा होगा।
अगर 200 यूनिट खर्च करते हैं तो…
मौजूदा नियम के मुताबिक, 200X2.45 यानी 490 रुपए बिल आएगा। नए नियम के मुताबिक, 200-125 यानी 75 यूनिट का ही बिल देना होगा। इस तरह 75X7.42 यानी 556.50 रुपए देना होगा। मतलब लोगों को 66 रुपए ज्यादा देने होंगे।
BPL कनेक्शन वालों का क्या होगा
कुटीर ज्योति उपभोक्ता यानी BPL कनेक्शन वालों फिलहाल 50 यूनिट तक खर्च करने पर 1 रुपए 97 पैसा प्रति यूनिट देना होता है। यानी उनका बिल 98 रुपए 50 पैसा आता है।
50 यूनिट से ज्यादा खर्च करने वालों को 2 रुपए 45 पैसा प्रति यूनिट के हिसाब से बिल देना होता है। इनका भी 125 यूनिट तक बिल माफ रहेगा, लेकिन उससे अधिक खर्च करते हैं तो ग्रामीण कनेक्शन वाली रेट से बिल चुकाना होगा।
3 हजार 376 करोड़ रुपए अधिक खर्च करेगी सरकार
डिप्टी CM और वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया, ‘इस योजना से सरकार पर इस वित्तीय वर्ष लगभग 3 हजार 375 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। इस वित्तीय वर्ष में लगभग 19 हजार 370 करोड़ रुपए अनुदान पर खर्च होगा। जबकि, पिछले साल 16 हजार करोड़ रुपए खर्च था।’







