बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर है और महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खिंचतान तेज हो गयी है. एक ओर भाकपा ने 24 से अधिक सीटों पर दावेदारी कर तेजस्वी यादव की मुसीबत बढ़ा दी है. वहीं अब एक बार फिर कांग्रेस ने 90 सीटों पर दावेदारी पेश की है. सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बिहार में 90 सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है. पार्टी ने इन सीटों को तीन श्रेणियों में बांटा है: श्रेणी ‘ए’ में 50 सीटें, श्रेणी ‘बी’ और ‘सी’ में 18-18 सीटें शामिल हैं. इसके अलावा, चार अन्य सीटों पर भी विचार चल रहा है. हालांकि माना जा रहा है कि कांग्रेस को महागठबंधन में 50 से 55 सीटें मिलने की उम्मीद है.
बिहार में सितंबर-अक्टूबर 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. कांग्रेस, जो 2020 के चुनाव में 70 सीटों पर लड़ी थी और 19 सीटें जीती थी, इस बार अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए ज्यादा सीटों पर दावा कर रही है. श्रेणी ‘ए’ में शामिल 50 सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस का मजबूत जनाधार है और जीत की संभावना अधिक है. श्रेणी ‘बी’ में 18 सीटें हैं, जहां पार्टी ने पिछले चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था. लेकिन इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. वहीं, श्रेणी ‘सी’ की 18 सीटें ऐसी हैं, जहां जीत की संभावना कम है, लेकिन पार्टी रणनीतिक रूप से उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है. चार अतिरिक्त सीटों पर विचार चल रहा है, जो गठबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा.
कांग्रेस की यह रणनीति महागठबंधन में उसकी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है. 2020 में महागठबंधन की हार का ठीकरा कांग्रेस पर फूटा था, क्योंकि उसे कई ऐसी सीटें दी गई थीं, जहां गठबंधन पहले से कमजोर था. इस बार पार्टी ऐसी सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां वह जीत हासिल कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने इन 90 सीटों के लिए सर्वे कराया है और जीत की संभावना के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करेगी.
हालांकि, महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चुनौतियां बरकरार हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) 150 से अधिक सीटों पर दावा कर रहा है, जबकि भाकपा (माले) ने 40-45 और भाकपा ने 24 से अधिक सीटों की मांग की है. ऐसे में कांग्रेस की 50-55 सीटों की उम्मीद गठबंधन के भीतर जटिल समीकरण पैदा कर सकती है. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन को एकजुट रखने की चुनौती होगी. दूसरी ओर, एनडीए ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. नीतीश कुमार और बीजेपी की रैलियां शुरू हो चुकी हैं, और चिराग पासवान ने 225 सीटों का दावा किया है. अब यह देखना होगा कि महागठबंधन में सीट बंटवारे का फॉर्मूला कैसे तय होता है और क्या कांग्रेस अपनी मांग के मुताबिक सीटें हासिल कर पाएगी.







