इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया है. इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि उनके फाइटर जेट्स ने दुश्मन देश पर शुक्रवार सुबह हमला कर दिया. न्यूयॉर्क टाइम्स की मानें तो इजराइल की सेना ने तेहरान के आसपास कम से कम छह सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया है और इन छह में से चार परमाणु ठिकाने भी शामिल हैं. इजराइल का दावा है कि इस हमले में ईरान के आर्मी चीफ मोहम्मद बाघेरी, सेना के अनय बड़े अधिकारी और कुछ वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए हैं.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नतांज में परमाणु संवर्धन केंद्र पर हमले की पुष्टि हुई है. उनका कहना है कि वे न्यूक्लियर रेडिएशन को लेकर ईरान के अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं. आइए जानें कि परमाणु ठिकानों पर हमला होने के बाद रेडिएशन का कितना खतरा रहता है.
परमाणु बम से इंसान के शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं. इससे तत्काल मृत्यु, शरीर पर कई तरह की गंभीर चोट, रेडिएशन, लॉन्ग टर्म हेल्थ इश्यूज होने का गंभीर रहता है. परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद रेडिएशन फैलने का खतरा गंभीर होता है. रेडिएशन कई तरह के होते हैं, जिसमें से कुछ रेडिएशन घातक भी होते हैं. इसके संपर्क में आने से त्वचा और फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है. यह कैंसर समेत अन्य बीमारियों का कारण भी बन सकता है. इजराइल द्वारा किए गए हमले में परमाणु रेडिएशन फैलने का खतरा गंभीर है. अभी तक इस बात की पुष्टि तो नहीं की गई है, लेकिन हो सकता है परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद से ईरान में रेडिएशन फैलना शुरू हो गया हो.
रेडिएशन से नुकसान
ये रेडिएशन इंसानी शरीर के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक है. इस रेडिएशन के संपर्क में आने वाले लोगों के ब्लड सेल्स में कमी, डायरिया, उल्टी, कैंसर, हेयरफॉल, बांझपन, बच्चों में जन्मदोष जैसे गंभीर लक्षण हो सकते हैं. इससे दिल की समस्याएं, आंख और कान को भी नुकसान पहुंचता है. इससे निकलने वाली अल्फा, बीटा और गामा किरणें बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं.
इजरायल-ईरान के बीच जंग की शुरुआत हो चुकी है. बीते कुछ समय से मिडिल ईस्ट में जिसका डर था वही हुआ है. इजरायल और ईरान के बीच तनाव ने अब खतरनाक मोड़ ले लिया है. इजरायल और ईरान अब आमने-सामने से युद्ध करने लगे हैं. इजरायल ने आज यानी 13 जुन की सुबह ईरान पर सैन्य हमला कर दिया है. इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों और न्यूक्लियर ठिकानों पर आज यानी शुक्रवार की सुबह हमला किया. इजरायल ने 300 हवाई हमले किए. इसके बाद ईरान में खलबली मच गई. इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स और सैन्य ठिकानों को टारगेट कर तेहरान में कई हमले किए. इसके बाद तेहरान में एयरस्पेस को बंद कर दिया गया. ईरान सरकार ने देशभर में इमरजेंसी लागू कर दी है. माना जा रहा है कि इजरायल के हमले में ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचा है. इजरायल ने ईरान के आर्मी चीफ, आईआरजीसी चीफ और टॉप न्यूक्लियर वैज्ञानिकों को मार गिराया है. हालांकि, अब ईरान ने भी पलटवार किया है. ईरान ने 100 ड्रोन से इजरायल पर हमला किया है.
ईरान-इजरायल जंग पर ब्रिटेन ने क्या कहा?
इजरायल-ईरान जंग पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टारमर का रिएक्शन आया है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने ईरान पर इजरायली हवाई हमलों के बाद बढ़ते संघर्ष के जवाब में कूटनीति से फैसला करने की वकालत की है. उन्होंने सभी पक्षों से क्षेत्रीय अस्थिरता को रोकने के लिए बातचीत और तनाव कम करने को प्राथमिकता देने का आग्रह किया.
ईरान के पलटवार से इजरायल में स्कूल-दुकानें बंद
इजरायल और ईरान में अब और तबाही मचेगी. इजरायली हमले के बाद अब ईरान बदला लेने को बेताब है. ईरान अब इजरायल पर जरूर हमला करेगा. इसी संभावना को देखते हुए इजरायल ने अपनी तैयारी कर ली. इजरायल में स्कूलों और दुकानों को आज बंद कर दिया गया है. इजरायल को डर है कि ईरान कभी भी ड्रोन और मिसाइलों की बरसात कर सकता है.
इजरायल के खिलाफ युद्ध डिक्लेयर करेगा ईरान
इजरायल ने ईरान में जिस तरह से तबाही मचाई है, अब खामेनेई चुप बैठने वाले नहीं हैं. ईरान ने भी करीब 100 ड्रोन से इजरायल पर पलटवार किया है. इस बीच खबर है कि ईरान अब इजरायल के खिलाफ युद्ध डिक्लेयर करने वाला है. इसका मतलब है कि रूस-यूक्रेन के बाद अब ईरान और इजरायल के बीच जंग होगी.
ईरान पर अभी और हो रही इजरायल की बमबारी
ईरान पर अभी खतरा टला नहीं है. लगता है इजरायल ईरान को तबाह करके ही मानेगा. मिलिट्री का कहना है कि ईरान के फाइटर जेट अब भी ईरान में मौजूद न्यूक्लियर ठिकानों को अटैक कर रहे हैं. रक्षा सूत्रों ने शुक्रवार सुबह द जेरूसलम पोस्ट को बताया कि आने वाले दिनों में ईरान पर इजराइली हमले जारी रहने की उम्मीद है.
रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ यानी इजरायली डिफेंस फोर्स ने एक विस्तारित अभियान शुरू किया है, जिसमें दर्जनों फाइटर जेट बमबारी कर रहे हैं. ये फाइटर जेट ईरान भर में कई सैन्य प्रतिष्ठानों और परमाणु स्थलों को निशाना बनाया. सूत्रों ने पुष्टि की कि पहले हमलों के बाद भी आक्रमण बंद नहीं हुआ है.
इजरायल-ईरान युद्ध में आ गया भारत का स्टैंड
इजरायल-ईरान जंग पर भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान आ गया है. भारत ने कहा कि हम हाल ही में ईरान और इजराइल के बीच उत्पन्न घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं. हम स्थिति के विकास पर निकटता से नजर रख रहे हैं, जिसमें परमाणु स्थलों पर हुए हमलों से जुड़ी रिपोर्टें भी शामिल हैं. भारत दोनों पक्षों से आग्रह करता है कि वे ऐसे किसी भी कदम से बचें जिससे तनाव और बढ़े. मौजूदा संवाद और कूटनीतिक माध्यमों का उपयोग करके स्थिति को शांत करने और मूल कारणों के समाधान की दिशा में प्रयास किया जाना चाहिए. भारत दोनों देशों के साथ घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध रखता है और हरसंभव सहयोग देने को तैयार है.
1980 के बाद ईरान पर सबसे बड़ा हमला
इजराइल ने शुक्रवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला कर दिया और देश के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया. इसके बाद पश्चिम एशिया के दो कट्टर विरोधियों के बीच एक व्यापक युद्ध की आशंका तेज हो गई है. इसे 1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध के बाद ईरान पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है. इजराइल ने ईरान के मुख्य परमाणु संवर्धन केंद्र को भी निशाना बनाया और हमले के बाद वहां से काला धुआं हवा में उठता देखा गया. इजराइल के हमले में ईरान के अर्द्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी की मौत हो गई. देश के सरकारी टेलीविजन ने अपनी खबर में यह जानकारी दी. माना जा रहा है कि इन हमलों में शीर्ष सैन्य अधिकारी और वैज्ञानिक भी मारे गए हैं.







